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बॉर्डर खुलने की उम्मीद में पूरी रात बैठे रहे मजदूर
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फरीदाबाद। दिल्ली-यूपी सीमा सील होने के बाद दिल्ली-फरीदाबाद और गुरुग्राम जिले की सीमा पर मजदूरों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात को भी दिल्ली-फरीदाबाद को जोड़ने वाली बदरपुर-सराय बॉर्डर पर पूरी रात मजदूर बैठे रहे। पुलिस ने उन्हें सख्ती के साथ लौटा दिया।
बदरपुर-सराय बॉर्डर पर सोमवार पूरी रात सैकड़ों मजदूर फ्लाईओवर के नीचे ही रुक गए। वह अपने परिवार और बच्चों के साथ लौटने के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार सुबह भी दर्जनों मजदूर बॉर्डर के पास पुलिस की अनुमति मिलने की उम्मीद लगाए बैठे नजर आए। हालांकि पुलिस ने सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए इन्हें जिले की सीमा में प्रवेश करने से रोक रखा है। पुलिस इनको समझाने का भी प्रयास कर रही है कि वह अपना पंजीकरण कराएं, इसके बाद सरकार उन्हें बस और ट्रेन से अपने घर भेज देंगी। लेकिन ये पैदल ही घर जाना चाहते हैं। इसके अलावा मंगलवार को चिलचिलाती धूप में फरीदाबाद बाईपास और विभिन्न सेक्टर से होते हुए मजदूर पलायन करते दिखाई दिए।
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बदरपुर-सराय बॉर्डर पर सोमवार पूरी रात सैकड़ों मजदूर फ्लाईओवर के नीचे ही रुक गए। वह अपने परिवार और बच्चों के साथ लौटने के लिए तैयार नहीं थे। मंगलवार सुबह भी दर्जनों मजदूर बॉर्डर के पास पुलिस की अनुमति मिलने की उम्मीद लगाए बैठे नजर आए। हालांकि पुलिस ने सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए इन्हें जिले की सीमा में प्रवेश करने से रोक रखा है। पुलिस इनको समझाने का भी प्रयास कर रही है कि वह अपना पंजीकरण कराएं, इसके बाद सरकार उन्हें बस और ट्रेन से अपने घर भेज देंगी। लेकिन ये पैदल ही घर जाना चाहते हैं। इसके अलावा मंगलवार को चिलचिलाती धूप में फरीदाबाद बाईपास और विभिन्न सेक्टर से होते हुए मजदूर पलायन करते दिखाई दिए।
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