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Faridabad News: इनकम टैक्स विभाग के नोटिसों के विरोध में किसान संघर्ष समिति ने उठाई आवाज
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बैठक में परेशान करने का लगाया आरोप, प्रदर्शन की दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। नहरपार क्षेत्र के किसानों में इन दिनों भारी नाराजगी है। एक ओर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे का भुगतान और प्लॉटों का कब्जा देने में हो रही देरी ने किसानों को परेशान कर रखा है, वहीं दूसरी ओर इनकम टैक्स विभाग द्वारा भेजे जा रहे नोटिसों ने किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। इन्हीं मुद्दों पर किसान संघर्ष समिति नहरपार फरीदाबाद ने राजमहल गार्डन, सेक्टर-78 फरीदपुर में बैठक की।
किसानों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि इनकम टैक्स विभाग ने उन्हें मुआवजा राशि के आय-व्यय का ब्यौरा देने के लिए नोटिस भेजे हैं, जबकि यह पैसा पूरी तरह वैध और सरकारी विभाग से मिला हुआ है। किसानों का कहना था कि यह “एक नंबर का पैसा” है, जिस पर ब्याज का टीडीएस भी काटा गया है और उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल की हुई हैं। इसके बावजूद उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
डेढ़ महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि किसानों की मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन 29 अगस्त को एचएसवीपी की प्रशासक को सौंपा गया था, जिसमें प्रतिवर्ष मिलने वाली रॉयल्टी, सुप्रीम कोर्ट के मुआवजे का बकाया ब्याज, सेशन कोर्ट में लंबित मुआवजे का ब्याज, अधिग्रहण से बची जमीन के रास्तों की व्यवस्था और भुगतान के बावजूद प्लॉटों का कब्जा न मिलने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। डेढ़ महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान संघर्ष समिति अब प्रशासक को नोटिस देकर 10 से 15 दिन का समय देगी। यदि इस अवधि में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, प्रशासक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही समिति इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से मिलकर नोटिसों के संबंध में बातचीत करेगी और किसानों की परेशानी का समाधान निकालने की मांग रखेगी।इस दौरान परमानंद कौशिक, ब्रह्मानंद, धर्मपाल वकील, जगदीश, प्रकाश, चंद्र सिंह, उम्मेद सिंह, ज्ञानी सिंह, किरणपाल, चतर सिंह, लख्मीचंद, धीरज कुमार, चंद्रसेन, बिजेंद्र, मेहरचंद, सुनील गौड़, विजयपाल चौहान, बाबू चंदीला, राजकुमार, उदय सिंह नंबरदार, सरजीत और महेंद्र सहित कई किसानों मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। नहरपार क्षेत्र के किसानों में इन दिनों भारी नाराजगी है। एक ओर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहित जमीनों के मुआवजे का भुगतान और प्लॉटों का कब्जा देने में हो रही देरी ने किसानों को परेशान कर रखा है, वहीं दूसरी ओर इनकम टैक्स विभाग द्वारा भेजे जा रहे नोटिसों ने किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। इन्हीं मुद्दों पर किसान संघर्ष समिति नहरपार फरीदाबाद ने राजमहल गार्डन, सेक्टर-78 फरीदपुर में बैठक की।
किसानों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि इनकम टैक्स विभाग ने उन्हें मुआवजा राशि के आय-व्यय का ब्यौरा देने के लिए नोटिस भेजे हैं, जबकि यह पैसा पूरी तरह वैध और सरकारी विभाग से मिला हुआ है। किसानों का कहना था कि यह “एक नंबर का पैसा” है, जिस पर ब्याज का टीडीएस भी काटा गया है और उन्होंने इनकम टैक्स रिटर्न भी दाखिल की हुई हैं। इसके बावजूद उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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डेढ़ महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई
महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि किसानों की मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन 29 अगस्त को एचएसवीपी की प्रशासक को सौंपा गया था, जिसमें प्रतिवर्ष मिलने वाली रॉयल्टी, सुप्रीम कोर्ट के मुआवजे का बकाया ब्याज, सेशन कोर्ट में लंबित मुआवजे का ब्याज, अधिग्रहण से बची जमीन के रास्तों की व्यवस्था और भुगतान के बावजूद प्लॉटों का कब्जा न मिलने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। डेढ़ महीना बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान संघर्ष समिति अब प्रशासक को नोटिस देकर 10 से 15 दिन का समय देगी। यदि इस अवधि में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, प्रशासक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही समिति इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से मिलकर नोटिसों के संबंध में बातचीत करेगी और किसानों की परेशानी का समाधान निकालने की मांग रखेगी।इस दौरान परमानंद कौशिक, ब्रह्मानंद, धर्मपाल वकील, जगदीश, प्रकाश, चंद्र सिंह, उम्मेद सिंह, ज्ञानी सिंह, किरणपाल, चतर सिंह, लख्मीचंद, धीरज कुमार, चंद्रसेन, बिजेंद्र, मेहरचंद, सुनील गौड़, विजयपाल चौहान, बाबू चंदीला, राजकुमार, उदय सिंह नंबरदार, सरजीत और महेंद्र सहित कई किसानों मौजूद रहे।