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खोरी : तोड़फोड़ की आशंका में बीता दिन
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फरीदाबाद। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गांव खोरी में होने वाली तोड़फोड़ बुधवार को स्थगित हो गई है। नगर निगम की ओर से इसका कोई पुख्ता कारण नहीं बताया गया है। अब बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई की संभावना है। इसके लिए पुलिस की नौ टीमें तैनात कर दी गई हैं।
कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी व सशस्त्र सीमा बल को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं इससे स्थानीय लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों की मांग है कि पहले उन्हें दूसरी जगह पुनर्वासित किया जाए। उसके बाद घरों को उजाड़ा जाए। इस दौरान गांव में एक महापंचायत भी आयोजित की गई। जिसमें लोगों की भारी भीड़ जुटी। पुलिस का गांव में कड़ा पहरा रहा है। लोगों को गांव से बाहर जाने पर पूरी तरह रोक रही है। पुलिस टीम ने गांव से बाहर पानी लेने जा रहे कुछ लोगों को वापस भी लौटा दिया।
दिल्ली हरियाणा सीमा पर अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में करीब 10 हजार मकान हैं। सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार और नगर निगम प्रशासन को इन्हें तोड़कर फिर से जंगल बनाने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन लगातार गांव में सर्वे कर रहा है। तोड़फोड़ से पहले मुनादी कराई जा रही है। लोगों को घर खारी करने के आदेश दिए गए है।
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मंगलवार को नगर निगम आयुक्त ने पुलिस बल के साथ गांव खोरी का दौरा कर लोगों को जल्द घरों को खाली करने की बात कही थी। प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ के लिए बुधवार का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से कार्रवाई स्थगित हो गई। अब नगर निगम अधिकारियों द्वारा बृहस्पतिवार को कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस दौरान दिल्ली पुलिस और आईटीबीपी के भी जवानों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। तोड़फोड़ के लिए पुलिस की तरफ से डीसीपी एनआईटी अंशु सिंगला को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। उनके साथ दो अन्य डीसीपी, 14 एसीपी, 50 इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर व करीब 3000 पुलिस व आरएएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा।
कोर्ट के निर्देशों का करें पालन
निगमायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि खोरी क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होनी है। इसकी जल्द ही अनुपालना की जाएगी। सभी लोगों से अपील की है कि वे कोर्ट के निर्देशों का पालन करें। घरों को खाली कर दें। ऐसा न करने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी व सशस्त्र सीमा बल को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं इससे स्थानीय लोगों में सरकार और प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों की मांग है कि पहले उन्हें दूसरी जगह पुनर्वासित किया जाए। उसके बाद घरों को उजाड़ा जाए। इस दौरान गांव में एक महापंचायत भी आयोजित की गई। जिसमें लोगों की भारी भीड़ जुटी। पुलिस का गांव में कड़ा पहरा रहा है। लोगों को गांव से बाहर जाने पर पूरी तरह रोक रही है। पुलिस टीम ने गांव से बाहर पानी लेने जा रहे कुछ लोगों को वापस भी लौटा दिया।
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दिल्ली हरियाणा सीमा पर अरावली वन क्षेत्र में बसे गांव खोरी में करीब 10 हजार मकान हैं। सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार और नगर निगम प्रशासन को इन्हें तोड़कर फिर से जंगल बनाने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन लगातार गांव में सर्वे कर रहा है। तोड़फोड़ से पहले मुनादी कराई जा रही है। लोगों को घर खारी करने के आदेश दिए गए है।
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मंगलवार को नगर निगम आयुक्त ने पुलिस बल के साथ गांव खोरी का दौरा कर लोगों को जल्द घरों को खाली करने की बात कही थी। प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ के लिए बुधवार का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन किन्हीं कारणों से कार्रवाई स्थगित हो गई। अब नगर निगम अधिकारियों द्वारा बृहस्पतिवार को कार्रवाई की बात कही जा रही है।
इस दौरान दिल्ली पुलिस और आईटीबीपी के भी जवानों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। तोड़फोड़ के लिए पुलिस की तरफ से डीसीपी एनआईटी अंशु सिंगला को नोडल ऑफिसर बनाया गया है। उनके साथ दो अन्य डीसीपी, 14 एसीपी, 50 इंस्पेक्टर, 10 सब इंस्पेक्टर व करीब 3000 पुलिस व आरएएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा।
कोर्ट के निर्देशों का करें पालन
निगमायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि खोरी क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई होनी है। इसकी जल्द ही अनुपालना की जाएगी। सभी लोगों से अपील की है कि वे कोर्ट के निर्देशों का पालन करें। घरों को खाली कर दें। ऐसा न करने पर उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।