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Faridabad News: जेवर एयरपोर्ट से बढ़ेगी फरीदाबाद की रफ्तार, 20 मिनट की दूरी से उद्योग और निवेश को मिलेगा बड़ा फायदा
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ग्रीनफील्ड कॉरिडोर व एक्सप्रेसवे लिंक से बदलेगा कनेक्टिविटी का नक्शा, उद्योगों को निर्यात में राहत और शहर को जाम से छुटकारे की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ फरीदाबाद की कनेक्टिविटी, उद्योग और निवेश के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों के बीच फरीदाबाद को सीधे जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से एयरपोर्ट की दूरी घटकर करीब 15 से 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है।
अभी तक फरीदाबाद से जेवर पहुंचने के लिए लोगों को दिल्ली या नोएडा के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिसमें डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है। सेक्टर-65 के पास से शुरू होने वाला करीब 31.42 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी। करीब 3630 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा फरीदाबाद जिले में आएगा।
अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़कर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नेटवर्क तैयार करेगा। इससे दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले भारी वाहन शहर के अंदर आए बिना सीधे एक्सप्रेसवे पर निकल सकेंगे जिससे एनएच-19 और शहर के अंदर जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा, निर्यात होगा आसान
फरीदाबाद हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां हजारों एमएसएमई तथा बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद निर्यात और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी। एयर कार्गो सुविधा मिलने से ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी के निर्यात में तेजी आने की संभावना है।
सेक्टर-24 स्थित ऑटो पार्ट्स यूनिट के संचालक राजीव गुप्ता ने बताया कि अभी माल को एयरपोर्ट तक भेजने में सबसे ज्यादा समय सड़क पर ही लग जाता है। अगर जेवर तक सीधा रास्ता मिल जाता है तो फरीदाबाद के उद्योगों को बड़ा फायदा होगा और नए निवेश की संभावना भी बढ़ेगी।
शहर के लोगों को भी जाम से मिलेगी राहत
नई सड़क कनेक्टिविटी बनने से शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। भारी वाहन सीधे एक्सप्रेसवे से निकल जाएंगे, जिससे बाईपास, बल्लभगढ़ रोड और एनएच-19 पर लगने वाले जाम में कमी आ सकती है। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि नोएडा या दिल्ली जाने में अक्सर घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। अगर नया कॉरिडोर बन जाता है तो सफर आसान होगा और रोजाना आने-जाने वालों का काफी समय बचेगा।
वेयरहाउस और नए उद्योग आने की संभावना
सरकारी स्तर पर भी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और संकेत दिए गए हैं कि एयरपोर्ट से जुड़े क्षेत्रों में औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क बनने के बाद फरीदाबाद में वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क और नए औद्योगिक प्रोजेक्ट आने की संभावना बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद निवेश का रुझान धीरे-धीरे एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों की तरफ बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा फरीदाबाद को मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आने वाले समय में फरीदाबाद एनसीआर के नए औद्योगिक और ट्रांजिट हब के रूप में उभर सकता है।
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इन परियोजना का लाभ आम लोगों के साथ उद्योगों को भी मिलेगा। फरीदाबाद में कई ऐसे उत्पाद बनते हैं जिन्हें बाहर निर्यात किया जाता है। इससे लागत कम होने से लाभ बढ़ेगा व नए निवेश आने के चांस भी बढ़ेंगे। - पंकज भाटिया उद्योगपति
सभी उद्योग कच्चे माल के साथ लेबर व कनेक्टिविटी पर निर्भर होते हैं । इन परियोजनाओं से कच्चा माल आसानी से मिलने के साथ अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी जो बहुत अच्छे संकेत है। - सुनील खंडूजा उद्योगपति
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ फरीदाबाद की कनेक्टिविटी, उद्योग और निवेश के नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन की तैयारियों के बीच फरीदाबाद को सीधे जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से एयरपोर्ट की दूरी घटकर करीब 15 से 20 मिनट रह जाने की उम्मीद है।
अभी तक फरीदाबाद से जेवर पहुंचने के लिए लोगों को दिल्ली या नोएडा के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जिसमें डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग जाता है। सेक्टर-65 के पास से शुरू होने वाला करीब 31.42 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी। करीब 3630 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का लगभग 8 किलोमीटर हिस्सा फरीदाबाद जिले में आएगा।
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अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़कर मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी का नेटवर्क तैयार करेगा। इससे दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले भारी वाहन शहर के अंदर आए बिना सीधे एक्सप्रेसवे पर निकल सकेंगे जिससे एनएच-19 और शहर के अंदर जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।
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उद्योगों को मिलेगा सीधा फायदा, निर्यात होगा आसान
फरीदाबाद हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक शहर है और यहां हजारों एमएसएमई तथा बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं। उद्योग जगत का मानना है कि एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद निर्यात और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी। एयर कार्गो सुविधा मिलने से ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी के निर्यात में तेजी आने की संभावना है।
सेक्टर-24 स्थित ऑटो पार्ट्स यूनिट के संचालक राजीव गुप्ता ने बताया कि अभी माल को एयरपोर्ट तक भेजने में सबसे ज्यादा समय सड़क पर ही लग जाता है। अगर जेवर तक सीधा रास्ता मिल जाता है तो फरीदाबाद के उद्योगों को बड़ा फायदा होगा और नए निवेश की संभावना भी बढ़ेगी।
शहर के लोगों को भी जाम से मिलेगी राहत
नई सड़क कनेक्टिविटी बनने से शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है। भारी वाहन सीधे एक्सप्रेसवे से निकल जाएंगे, जिससे बाईपास, बल्लभगढ़ रोड और एनएच-19 पर लगने वाले जाम में कमी आ सकती है। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि नोएडा या दिल्ली जाने में अक्सर घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। अगर नया कॉरिडोर बन जाता है तो सफर आसान होगा और रोजाना आने-जाने वालों का काफी समय बचेगा।
वेयरहाउस और नए उद्योग आने की संभावना
सरकारी स्तर पर भी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और संकेत दिए गए हैं कि एयरपोर्ट से जुड़े क्षेत्रों में औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क बनने के बाद फरीदाबाद में वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क और नए औद्योगिक प्रोजेक्ट आने की संभावना बढ़ेगी। जानकारों के अनुसार जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद निवेश का रुझान धीरे-धीरे एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों की तरफ बढ़ेगा और इसका सीधा फायदा फरीदाबाद को मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आने वाले समय में फरीदाबाद एनसीआर के नए औद्योगिक और ट्रांजिट हब के रूप में उभर सकता है।
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इन परियोजना का लाभ आम लोगों के साथ उद्योगों को भी मिलेगा। फरीदाबाद में कई ऐसे उत्पाद बनते हैं जिन्हें बाहर निर्यात किया जाता है। इससे लागत कम होने से लाभ बढ़ेगा व नए निवेश आने के चांस भी बढ़ेंगे। - पंकज भाटिया उद्योगपति
सभी उद्योग कच्चे माल के साथ लेबर व कनेक्टिविटी पर निर्भर होते हैं । इन परियोजनाओं से कच्चा माल आसानी से मिलने के साथ अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी जो बहुत अच्छे संकेत है। - सुनील खंडूजा उद्योगपति