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आईआरएस की 69वीं पासिंग आउट पैरेड: प्रशिक्षण हुआ पूरा, दिसंबर से कैडेट्स को मिल जाएगी तैनाती
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आईआरएस पासिंस आउट परेड का निरीक्षण करतीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण।
- फोटो : Faridabad
प्रशिक्षण हुआ पूरा, दिसंबर से कैडेट्स को मिल जाएगी तैनाती
आईआरएस की 69वीं पासिंग आउट परेड
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-29 स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नार्कोटिक्स अकादमी (नासिन) में आयोजित आईआरएस कैडेट्स की 69वीं पासिंग आउट परेड शुक्रवार को समारोह पूर्वक संपन्न हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री इस परेड में मुख्य अतिथि शामिल हुईं। समारोह के दौरान पास आउट हुए कैडेट्स और उनके परिजन खुशी से झूम उठे।
मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईआरएस पास आउट कैडेट्स से कहा कि वह खुद से पहले देश को सर्वोपरि समझें। आप अधिकारी हैं, लेकिन अपने वातावरण को ऐसा रखें कि आपके पास आने वाले व्यक्ति को सुविधाएं मिले। आप उन पर कानून लादे नहीं, बल्कि उन्हें कानून समझाएं। लोगों को अच्छी सुविधाएं औरे माहौल देने के ललिए आपको काम करना होगा। उन्होंने सभी महिला अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रशिक्षण में 20 फीसदी महिला कैडेट्स शामिल हैं। यहां उनका तात्पर्य पुरुष और महिला के बीच अंतर करना नहीं, बल्कि यह बताना है कि आईआरएस अधिकारी के रूप में देश को 22 महिला अधिकारी मिली हैं।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीआईसी) के चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने पास आउट सभी 104 कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि दिसंबर तक आप सभी देश सेवा के लिए तैनात कर दिए जाएंगे। दो साल के प्रशिक्षण के दौरान आप सभी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। अब देश सेवा की बारी है। समारोह में मौजूद कैडेट्स के परिजनों को बधाई देते हुए चेयरमैन ने कहा कि यह सभी के लिए खुशी का पल है। उन्होंने बताया कि दो साल चले इस प्रशिक्षण में कुल 109 कैडेट्स ने भाग लिया था। इसमें से पांच भूटान के थे। उन्होंने बताया कि कुल कैडेट्स में महिला कैडेट्स की संख्या 22 (बीस प्रतिशत) रही। चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने बताया कि दो साल के दौरान सभी कैडेट्स को बॉर्डर सिक्योरिटी, आर्म्स, साइबर क्राइम, एयरपोर्ट सुरक्षा आदि का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें टैक्स चोरी से लेकर तस्करी रोकने तक की सभी प्रकार की हाईटेक ट्रेनिंग दी गई है।
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इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री ने नासिन परिसर में ही कैडेट्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण भी किया। इस प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले पांच कैडेट्स मेवा राम ओला, राहुल ढींगड़ा, के अशोक चक्रवर्ती, निमिका धवन और कुविनी डिस्कोस्टा को मुख्य अतिथि द्वारा गोल्ड मेडल और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि को चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने गांधीजी के चरखे को स्मृति चिन्ह के रूप में देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सीबीआईसी के सदस्य एके पांडेय और नासिन के प्रधान महानिदेशक देवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
गिल्टी फील न करें परिजन, बच्चों के लिए है प्रेरणा का पल
अपनो की खुशी के पल को सांझा करने के लिए पासिंग आउट परेड में कैडेट्स के परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। सभागार में कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसी महिलाएं भी थीं जोकि गोद में छोटे बच्चों को लेकर आईं थी। समारोह शुरू होने पर इनमें से कुछ बच्चों ने रोना और कुछ ने चिल्लाना शुरू कर दिया था। इस पर उनकी माएं उन्हें चुप कराने में लग गईं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संबोधन के दौरान भी जब एक बच्चे ने रोना-चिल्लाना शुरू किया तो बच्चे के परिजन अचानक झेंप गए और उसे चुप कराने लगे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चों को लेकर परिजन कोई ‘गिल्टी फील’ न करें। उन्हें खुशी है कि परिजन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर इस समारोह में आए हैं। यह निश्चित ही बच्चों के लिए प्रेरणा का पल है। आज जो बच्चे हैं हो सकता है कि कल उन्हीं में से कोई इस पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनें। केंद्रीय मंत्री के इस संबोधन पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
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आईआरएस की 69वीं पासिंग आउट परेड
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-29 स्थित राष्ट्रीय सीमा शुल्क, अप्रत्यक्ष कर एवं नार्कोटिक्स अकादमी (नासिन) में आयोजित आईआरएस कैडेट्स की 69वीं पासिंग आउट परेड शुक्रवार को समारोह पूर्वक संपन्न हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री इस परेड में मुख्य अतिथि शामिल हुईं। समारोह के दौरान पास आउट हुए कैडेट्स और उनके परिजन खुशी से झूम उठे।
मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईआरएस पास आउट कैडेट्स से कहा कि वह खुद से पहले देश को सर्वोपरि समझें। आप अधिकारी हैं, लेकिन अपने वातावरण को ऐसा रखें कि आपके पास आने वाले व्यक्ति को सुविधाएं मिले। आप उन पर कानून लादे नहीं, बल्कि उन्हें कानून समझाएं। लोगों को अच्छी सुविधाएं औरे माहौल देने के ललिए आपको काम करना होगा। उन्होंने सभी महिला अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि प्रशिक्षण में 20 फीसदी महिला कैडेट्स शामिल हैं। यहां उनका तात्पर्य पुरुष और महिला के बीच अंतर करना नहीं, बल्कि यह बताना है कि आईआरएस अधिकारी के रूप में देश को 22 महिला अधिकारी मिली हैं।
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सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम (सीबीआईसी) के चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने पास आउट सभी 104 कैडेट्स को बधाई देते हुए कहा कि दिसंबर तक आप सभी देश सेवा के लिए तैनात कर दिए जाएंगे। दो साल के प्रशिक्षण के दौरान आप सभी का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। अब देश सेवा की बारी है। समारोह में मौजूद कैडेट्स के परिजनों को बधाई देते हुए चेयरमैन ने कहा कि यह सभी के लिए खुशी का पल है। उन्होंने बताया कि दो साल चले इस प्रशिक्षण में कुल 109 कैडेट्स ने भाग लिया था। इसमें से पांच भूटान के थे। उन्होंने बताया कि कुल कैडेट्स में महिला कैडेट्स की संख्या 22 (बीस प्रतिशत) रही। चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने बताया कि दो साल के दौरान सभी कैडेट्स को बॉर्डर सिक्योरिटी, आर्म्स, साइबर क्राइम, एयरपोर्ट सुरक्षा आदि का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें टैक्स चोरी से लेकर तस्करी रोकने तक की सभी प्रकार की हाईटेक ट्रेनिंग दी गई है।
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इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री ने नासिन परिसर में ही कैडेट्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण भी किया। इस प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले पांच कैडेट्स मेवा राम ओला, राहुल ढींगड़ा, के अशोक चक्रवर्ती, निमिका धवन और कुविनी डिस्कोस्टा को मुख्य अतिथि द्वारा गोल्ड मेडल और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि को चेयरमैन प्रणब कुमार दास ने गांधीजी के चरखे को स्मृति चिन्ह के रूप में देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सीबीआईसी के सदस्य एके पांडेय और नासिन के प्रधान महानिदेशक देवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
गिल्टी फील न करें परिजन, बच्चों के लिए है प्रेरणा का पल
अपनो की खुशी के पल को सांझा करने के लिए पासिंग आउट परेड में कैडेट्स के परिजन भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। सभागार में कार्यक्रम के दौरान कुछ ऐसी महिलाएं भी थीं जोकि गोद में छोटे बच्चों को लेकर आईं थी। समारोह शुरू होने पर इनमें से कुछ बच्चों ने रोना और कुछ ने चिल्लाना शुरू कर दिया था। इस पर उनकी माएं उन्हें चुप कराने में लग गईं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संबोधन के दौरान भी जब एक बच्चे ने रोना-चिल्लाना शुरू किया तो बच्चे के परिजन अचानक झेंप गए और उसे चुप कराने लगे। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बच्चों को लेकर परिजन कोई ‘गिल्टी फील’ न करें। उन्हें खुशी है कि परिजन छोटे-छोटे बच्चों को लेकर इस समारोह में आए हैं। यह निश्चित ही बच्चों के लिए प्रेरणा का पल है। आज जो बच्चे हैं हो सकता है कि कल उन्हीं में से कोई इस पासिंग आउट परेड का हिस्सा बनें। केंद्रीय मंत्री के इस संबोधन पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।