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Faridabad News: पत्थरों से निकले प्राकृतिक रंगों से खिल रही ईरानी कालीन

Sat, 04 Nov 2023 11:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:14 PM IST
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Iranian carpet blooming with natural colors coming from stones
फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली उत्सव के दौरान पर्यटकों को अलग-अलग रंगों डिजाइन और साइज के कालीन और गलीचा (किलिम) बेहद लुभा रहे हैं। बेहतरीन रंगों से तराशे गए खूबसूरत डिजाइन के कालीन और किलिम पर्यटकों का ध्यान खींच रहे हैं। इन कालीनों की खासियत यह है कि इन्हें बनाने के लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल कर हाथों से बनाया जाता है। जोकि पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अलग-अलग स्टॉल पर इन कालीनों को खरीदने और इनकी खूबसूरती निहारने वाले ग्राहकों का तांता लगा हुआ है।
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घर को सजाने के शौकीन लोग सूरजकुंड दिवाली मेले में जमकर खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के लिए मेले में अलग-अलग जगहों के कालीन और किलिम उपलब्ध हैं। जोकि पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। इनमें कश्मीरी सिल्क, टफटेड टर्की और अफगानी कालीन के अलावा ईरानी मैरिनों वूल के बने कालीन शामिल हैं। इन कालीनों की खासियत यह है कि इन्हें कई महीनों की मेहनत के साथ तराशा जाता है। इसमें प्रयोग किए जाने वाले रंग पत्थरों से निकाले जाते हैं, जोकि पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं। कालीन विक्रेताओं का मानना है कि कालीन जितनी पुरानी होती है। उसकी कीमत उतनी ही अधिक होती है। इन कालीनों को बनाकर तैयार होने में कम से कम 40 दिन का और अधिक से अधिक नौ महीने का समय लगता है। इन्हें बनाने के लिए भेड़ और ऊंट की ऊन का इस्तेमाल किया जाता है।
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पिछले दस वर्षों से मेले में मिराजपुर बदोई से अपने उत्पाद लेकर पहुंच रहे हैं। हर बार पर्यटक इसे बेहद पसंद करते हैं। इस बार भी लोगों के कालीन के साथ-किलिम भी बहुत पसंद आ रहे हैं।
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किलिम क्या होता है



किलिम एक प्रकार का छोटे साइज का प्रार्थना गलीचा होता है। किलिम्स पूरी तरह से सजावटी हो सकते हैं। अधिकांश लोग इसका प्रयोग अपनी घर में बने मंदिर को सजाने के लिए करते हैं।

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जोकि 25 हजार रुपये की कीमत से लेकर साढ़े तीन लाख रुपये की कीमत में उपलब्ध हैं। एक कालीन को बनाने के लिए कई-कई कारीगरों को महीनों का समय लगता है।
- मोहम्मद ताजिम, ऑपन स्टॉल
अफगानी कालीन गहरे और खूबसूरत रंगों में लोगों को पसंद आ रही है। पिछले कई वर्षों से पर्यटक इन्हें खरीदना पसंद कर रहे हैं। इनमें प्रयोग किए जाने वाले रंग पूरी तरह प्राकृतिक होते हैं। जिन्हें पत्थरों से निकाला जाता है। इन्हें बनाने वालों में खासी तादाद में महिला कारीगर शामिल हैं। पर्यटक किलिम अधिक खरीद रहे हैं।
- तैमूर, अफगानी स्टॉल
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