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अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस : शिक्षक प्रशिक्षुओं ने नुक्कड़ नाटक से दिया सामाजिक संदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर सोसायटी फॉर एडवांस्ड स्टडी इन रिहैबिलिटेशन (एसएएसआर) के शिक्षक प्रशिक्षुओं की ओर से बीके अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग के संदेश को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
नुक्कड़ नाटक के जरिये प्रशिक्षुओं ने बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए, उनसे बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, उन्हें किस तरह सपोर्ट और सशक्त किया जा सकता है। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा। उपस्थित लोगों ने नाटक को गंभीरता से देखा और दिव्यांगजन-अनुकूल समाज बनाने के संकल्प के साथ इसकी सराहना की। कार्यक्रम में एसएएसआर के शिक्षक प्रशिक्षुओं के साथ- साथ बीके अस्पताल के स्टाफ और वहां आए लोगों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह की पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर सोसायटी फॉर एडवांस्ड स्टडी इन रिहैबिलिटेशन (एसएएसआर) के शिक्षक प्रशिक्षुओं की ओर से बीके अस्पताल परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग के संदेश को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।
नुक्कड़ नाटक के जरिये प्रशिक्षुओं ने बताया कि दिव्यांग व्यक्तियों के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए, उनसे बातचीत करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, उन्हें किस तरह सपोर्ट और सशक्त किया जा सकता है। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा। उपस्थित लोगों ने नाटक को गंभीरता से देखा और दिव्यांगजन-अनुकूल समाज बनाने के संकल्प के साथ इसकी सराहना की। कार्यक्रम में एसएएसआर के शिक्षक प्रशिक्षुओं के साथ- साथ बीके अस्पताल के स्टाफ और वहां आए लोगों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिभागियों का कहना था कि इस तरह की पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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