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Faridabad News: नीमका जेल में बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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परिजनों ने जेल प्रशासन पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नीमका जेल में बंदी पवन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें पवन की मौत के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार पवन नीमका जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया है कि पवन की तबीयत कब बिगड़ी, उसकी हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने क्या कदम उठाए और उसे इलाज के लिए कहां और कब ले जाया गया। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जेल में पवन की निगरानी किस प्रकार की जा रही थी और घटना के समय उसके आसपास कौन लोग मौजूद थे, इसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए। परिवार ने यह भी मांग की है कि जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। इसके अलावा घटना की जानकारी परिवार तक पहुंचाने में अपनाई गई प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि पुलिस तथा जेल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नीमका जेल में बंदी पवन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें पवन की मौत के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार पवन नीमका जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया है कि पवन की तबीयत कब बिगड़ी, उसकी हालत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने क्या कदम उठाए और उसे इलाज के लिए कहां और कब ले जाया गया। परिजनों ने मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जेल में पवन की निगरानी किस प्रकार की जा रही थी और घटना के समय उसके आसपास कौन लोग मौजूद थे, इसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए। परिवार ने यह भी मांग की है कि जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए। इसके अलावा घटना की जानकारी परिवार तक पहुंचाने में अपनाई गई प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि पुलिस तथा जेल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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