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Faridabad News: संस्कृत शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर तैयार करेगा शिक्षा विभाग
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-फरीदाबाद और बल्लभगढ़ खंड के शिक्षकों को मिलेगी नई जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में संस्कृत विषय की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। इसके तहत संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक आगे अपने-अपने खंड में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इससे शिक्षकों की विषय संबंधी दक्षता बढ़ाने और विद्यार्थियों को संस्कृत सरल तरीके से समझाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, प्रदेश के प्रत्येक खंड से संस्कृत विषय के एक पीजीटी और एक टीजीटी शिक्षक का चयन किया जाएगा। फरीदाबाद जिले में फरीदाबाद और बल्लभगढ़ दो खंड हैं। ऐसे में दोनों खंडों से संस्कृत के शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे अपने खंड के अन्य संस्कृत शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
पढ़ाने के नए तरीकों पर रहेगा जोर : प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को संस्कृत पढ़ाने के नए तरीकों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही, कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और विषय को आसान तरीके से समझाने पर जोर रहेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से स्कूलों में संस्कृत शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को विषय समझने में आसानी होगी और संस्कृत की पढ़ाई अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में संस्कृत विषय की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। इसके तहत संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये शिक्षक आगे अपने-अपने खंड में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इससे शिक्षकों की विषय संबंधी दक्षता बढ़ाने और विद्यार्थियों को संस्कृत सरल तरीके से समझाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार, प्रदेश के प्रत्येक खंड से संस्कृत विषय के एक पीजीटी और एक टीजीटी शिक्षक का चयन किया जाएगा। फरीदाबाद जिले में फरीदाबाद और बल्लभगढ़ दो खंड हैं। ऐसे में दोनों खंडों से संस्कृत के शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। चयनित शिक्षकों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे अपने खंड के अन्य संस्कृत शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
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पढ़ाने के नए तरीकों पर रहेगा जोर : प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को संस्कृत पढ़ाने के नए तरीकों से परिचित कराया जाएगा। साथ ही, कक्षा में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और विषय को आसान तरीके से समझाने पर जोर रहेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से स्कूलों में संस्कृत शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को विषय समझने में आसानी होगी और संस्कृत की पढ़ाई अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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