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कोरोना वैक्सीनेशन के लिए ली जाएगी आईएमए की मदद
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फरीदाबाद। कोरोना वैक्सीन ट्रॉयल में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल करने के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल द्वारा आईएमए की मदद ली जाएगी। डॉक्टर लोगों को ट्रॉयल में शामिल होने के लिए प्रेरित करेंगे।
पिछले सप्ताह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हुआ। यह वैक्सीन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और फार्मास्युटिकल फर्म भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से तैयार की है और इसे कोवैक्सीन नाम दिया गया है। एम्स दिल्ली, पीजीआई रोहतक और ईएसआइसी मेडिकल कालेज में कोवैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। ट्रायल में पहला टीका आईएमए प्रधान डॉ. पुनिता हसीजा ने लगवाया था।
करीब दो महीने तक चलने वाले इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में 1500 लोगों को टीके लगाए जाने हैं। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के साथ ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने आईएमए से मदद मांगी। आईएमए की प्रधान डॉ. पुनिता हसिजा ने कहा ने हमारी पूरी टीम कॉलेज प्रबंधन के साथ है। टीम के डॉक्टरों द्वारा लोगों को ट्रायल में शामिल होने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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वर्जन
वैक्सीन को आइसीएमआर और भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इसमें एक साल्ट का नाम आत्मनिर्भर कोविड वैक्सीन रखा गया है। ट्रायल शुरू कर दिया गया हैं। इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए आईएमए की मदद ली गई है। - डॉ. अनिल पांडेय, रजिस्ट्रार एकेडमिक, ईएसआईसी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल
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पिछले सप्ताह ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू हुआ। यह वैक्सीन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और फार्मास्युटिकल फर्म भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से तैयार की है और इसे कोवैक्सीन नाम दिया गया है। एम्स दिल्ली, पीजीआई रोहतक और ईएसआइसी मेडिकल कालेज में कोवैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। ट्रायल में पहला टीका आईएमए प्रधान डॉ. पुनिता हसीजा ने लगवाया था।
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करीब दो महीने तक चलने वाले इस वैक्सीनेशन कार्यक्रम में 1500 लोगों को टीके लगाए जाने हैं। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के साथ ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने आईएमए से मदद मांगी। आईएमए की प्रधान डॉ. पुनिता हसिजा ने कहा ने हमारी पूरी टीम कॉलेज प्रबंधन के साथ है। टीम के डॉक्टरों द्वारा लोगों को ट्रायल में शामिल होने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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वैक्सीन को आइसीएमआर और भारत बायोटेक ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इसमें एक साल्ट का नाम आत्मनिर्भर कोविड वैक्सीन रखा गया है। ट्रायल शुरू कर दिया गया हैं। इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए आईएमए की मदद ली गई है। - डॉ. अनिल पांडेय, रजिस्ट्रार एकेडमिक, ईएसआईसी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल