{"_id":"65524f72219d6b8b01029406","slug":"illegal-occupation-of-150-acres-of-hsvp-land-department-is-struggling-to-remove-it-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-16744-2023-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: एचएसवीपी की 150 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, हटाने में छूट रहे विभाग के पसीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: एचएसवीपी की 150 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा, हटाने में छूट रहे विभाग के पसीने
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में अवैध कब्जों की भरमार है। जहां एक ओर नगर निगम की हजारों एकड़ जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की करीब 150 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा शहर की सूरत बिगाड़ रहा है। कहीं लोगों ने अवैध रूप से झुग्गियां बना रखी है तो कहीं कारोबार किया जा रहा हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत सेक्टर-21 और अजरौंदा गांव की जमीन का है। ग्रीन बैल्ट की जमीन पर कब्जा खाली कराने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में भी शिकायत दी गई। इसके बावजूद कोई खास कार्रवाई नहीं हो रही है।औद्योगिक नगरी को अवैध कब्जों से फ्री करने के लिए हर माह कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक होती है। जिसमें नगर निगम, एचएसवीपी, तोड़फोड़ विभाग सहित अन्य विभाग शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने पिछले वर्ष प्रशासन को अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। सरकारी जमीन से अवैध कब्जे खाली कराने की बात कही गई है। दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 150 एकड़ जमीन पर कब्जा है। इनमें सबसे ज्यादा कब्जा सेक्टर 62, 64, 65, 75, 76, 77, 78 और 80 में है। इसके अलावा सेक्टर-21ए, बी, सी, 45, 46 और 48 जैसे पुराने सेक्टरों में लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इनमें व्यवसायिक सहित कुछ अनबिके प्लॉट शामिल हैं। पिछले साल एचएसवीपी की ओर से सेक्टर-20ए, बी में प्राधिकरण का बुल्डोजर चला था। कब्जा खाली कराने वाली जगह पर एक बार फिर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके अलावा मेवला महाराजपुर गांव से सटे सेक्टरों की जमीन पर अवैध कब्जा है। आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने कुछ साल पहले अतिक्रमण के खिलाफ राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि शहर में कई ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण किया गया है। जमीन की बाजार कीमत 25 करोड़ रुपये से 30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है।
--
वर्जन
अवैध कब्जों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान जल्द शुरु किया जाएगा। कब्जा धारियों से जमीन खाली कराई जाएगी। - सिद्धार्थ दहिया, स्टेट ऑफिसर, एचएसवीपी
विज्ञापन
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में अवैध कब्जों की भरमार है। जहां एक ओर नगर निगम की हजारों एकड़ जमीन पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। वहीं हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की करीब 150 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा शहर की सूरत बिगाड़ रहा है। कहीं लोगों ने अवैध रूप से झुग्गियां बना रखी है तो कहीं कारोबार किया जा रहा हैं। सबसे ज्यादा खराब हालत सेक्टर-21 और अजरौंदा गांव की जमीन का है। ग्रीन बैल्ट की जमीन पर कब्जा खाली कराने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। इसे लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में भी शिकायत दी गई। इसके बावजूद कोई खास कार्रवाई नहीं हो रही है।औद्योगिक नगरी को अवैध कब्जों से फ्री करने के लिए हर माह कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक होती है। जिसमें नगर निगम, एचएसवीपी, तोड़फोड़ विभाग सहित अन्य विभाग शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने पिछले वर्ष प्रशासन को अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। सरकारी जमीन से अवैध कब्जे खाली कराने की बात कही गई है। दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) से मिली जानकारी के अनुसार शहर में 150 एकड़ जमीन पर कब्जा है। इनमें सबसे ज्यादा कब्जा सेक्टर 62, 64, 65, 75, 76, 77, 78 और 80 में है। इसके अलावा सेक्टर-21ए, बी, सी, 45, 46 और 48 जैसे पुराने सेक्टरों में लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इनमें व्यवसायिक सहित कुछ अनबिके प्लॉट शामिल हैं। पिछले साल एचएसवीपी की ओर से सेक्टर-20ए, बी में प्राधिकरण का बुल्डोजर चला था। कब्जा खाली कराने वाली जगह पर एक बार फिर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इसके अलावा मेवला महाराजपुर गांव से सटे सेक्टरों की जमीन पर अवैध कब्जा है। आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने कुछ साल पहले अतिक्रमण के खिलाफ राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि शहर में कई ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण किया गया है। जमीन की बाजार कीमत 25 करोड़ रुपये से 30 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है।
वर्जन
अवैध कब्जों के खिलाफ तोड़फोड़ अभियान जल्द शुरु किया जाएगा। कब्जा धारियों से जमीन खाली कराई जाएगी। - सिद्धार्थ दहिया, स्टेट ऑफिसर, एचएसवीपी