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Faridabad News: उमस और अनियमित खानपान बढ़ा रहे त्वचा रोग
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उमस और अनियमित खानपान बढ़ा रहे त्वचा रोग, युवतियां मुंहासों से ज्यादा परेशान। जिला नागरिक अस्पत
जिला नागरिक अस्पताल में बढ़े फंगल संक्रमण और मुंहासों के मरीज
मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी बन रहा वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में बढ़ी नमी और अत्यधिक पसीने के कारण जिले में फंगल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेलीय और जंक फूड का अधिक सेवन, पर्याप्त पानी नहीं पीना, त्वचा की साफ-सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहने रखना त्वचा रोगों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। इसके अलावा गर्मियों में आम, लीची और अन्य मीठे मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी कुछ लोगों में मुंहासों की समस्या बढ़ा रहा है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों में युवतियों की संख्या अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि हार्मोनल बदलाव, कॉस्मेटिक उत्पादों का अधिक इस्तेमाल और खानपान में अनियमितता के कारण युवतियां मुंहासों की समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात और उमस के मौसम में त्वचा रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को त्वचा की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सेक्टर-21 निवासी पूजा ने बताया कि पिछले कई सप्ताह से चेहरे पर लगातार मुंहासे हो रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है। एनआईटी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि शरीर पर खुजली और लाल चकत्तों की समस्या के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आ रही थी। वहीं, बल्लभगढ़ निवासी सिमरन ने बताया कि फंगल संक्रमण के कारण उन्हें सिर में लगातार खुजली और जलन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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इन दिनों फंगल संक्रमण और मुंहासों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खानपान में अनियमितता इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ मामलों में मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी मुंहासों की समस्या बढ़ा सकता है। लोगों को संतुलित आहार लेना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और किसी भी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।-डॉ. रुचिका गर्ग, त्वचा रोग विशेषज्ञ
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मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी बन रहा वजह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में बढ़ी नमी और अत्यधिक पसीने के कारण जिले में फंगल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेलीय और जंक फूड का अधिक सेवन, पर्याप्त पानी नहीं पीना, त्वचा की साफ-सफाई में लापरवाही और लंबे समय तक पसीने वाले कपड़े पहने रखना त्वचा रोगों की प्रमुख वजह बन रहे हैं। इसके अलावा गर्मियों में आम, लीची और अन्य मीठे मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी कुछ लोगों में मुंहासों की समस्या बढ़ा रहा है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों में युवतियों की संख्या अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि हार्मोनल बदलाव, कॉस्मेटिक उत्पादों का अधिक इस्तेमाल और खानपान में अनियमितता के कारण युवतियां मुंहासों की समस्या से ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात और उमस के मौसम में त्वचा रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को त्वचा की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किसी भी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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सेक्टर-21 निवासी पूजा ने बताया कि पिछले कई सप्ताह से चेहरे पर लगातार मुंहासे हो रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हो रहा है। एनआईटी निवासी राजेश कुमार ने बताया कि शरीर पर खुजली और लाल चकत्तों की समस्या के कारण उन्हें रात में नींद नहीं आ रही थी। वहीं, बल्लभगढ़ निवासी सिमरन ने बताया कि फंगल संक्रमण के कारण उन्हें सिर में लगातार खुजली और जलन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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इन दिनों फंगल संक्रमण और मुंहासों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। खानपान में अनियमितता इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ मामलों में मौसमी फलों का अत्यधिक सेवन भी मुंहासों की समस्या बढ़ा सकता है। लोगों को संतुलित आहार लेना चाहिए, पर्याप्त पानी पीना चाहिए और किसी भी प्रकार की त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।-डॉ. रुचिका गर्ग, त्वचा रोग विशेषज्ञ