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अस्पताल में कर्मचारी की मौत, परिजन ने लगाया हत्या का आरोप
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अस्पताल में कर्मचारी की मौत, परिजन ने लगाया हत्या का आरोप
बल्लभगढ़। शहर के सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल में कार्यरत एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर युवक को परेशान करने, मानसिक दबाव में रखने और हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि वरिष्ठ डॉक्टरों के दबाव के चलते युवक परेशान था। उसका अस्पताल पर कमीशन के करीब साढ़े तीन लाख रुपये भी बकाया थे, जिसके चलते प्रबंधन ने उसकी हत्या कर दी। थाना सेक्टर-7 पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक के पिता रतन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह पलवल के गांव सीहा के रहने वाले हैं। उनका बेटा सुरेंदर सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल के आपातकाल विभाग में काम करता था। कोरोना संक्रमण की वजह से वह पिछले 20-25 दिन अस्पताल में ही रह रहा था। सुरेंदर ने कई बार उन्हें बताया था कि अस्पताल के बडे़ डॉक्टर उससे अपने घरेलू कार्य भी करवाते हैं। काम करने से मना करने पर उसे नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। उनका कहना है कि सुरेंदर के मुताबिक स्टाफ के लोगों को मरीज लेकर आने पर कमीशन दिया जाता है। सुरेंदर का कमीशन का करीब साढ़े तीन लाख रुपये बनता था, जो डॉक्टर उसे नहीं दे रहे थे।
आरोप है कि इन सब के चलते वह काफी तनाव में रहता था। उन्हें अस्पताल की तरफ से सूचना मिली कि सुरेंदर आईसीयू में है। आरोप है कि परिवार के लोगों को सुरेंदर से न तो मिलने दिया और न ही दूर से दिखाया। फिर कुछ देर बाद बताया गया कि सुरेंद्र की मौत हो गई है। मृतक के पिता का आरोप है कि उनके बेटे की अस्पताल प्रबंधन ने हत्या कर दी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि युवक ने खुद ही अपने आप को एक गलत इंजेक्शन लगा लिया था। इस वजह से उसकी मौत हुई है।
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बल्लभगढ़। शहर के सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल में कार्यरत एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर युवक को परेशान करने, मानसिक दबाव में रखने और हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि वरिष्ठ डॉक्टरों के दबाव के चलते युवक परेशान था। उसका अस्पताल पर कमीशन के करीब साढ़े तीन लाख रुपये भी बकाया थे, जिसके चलते प्रबंधन ने उसकी हत्या कर दी। थाना सेक्टर-7 पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक के पिता रतन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह पलवल के गांव सीहा के रहने वाले हैं। उनका बेटा सुरेंदर सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल के आपातकाल विभाग में काम करता था। कोरोना संक्रमण की वजह से वह पिछले 20-25 दिन अस्पताल में ही रह रहा था। सुरेंदर ने कई बार उन्हें बताया था कि अस्पताल के बडे़ डॉक्टर उससे अपने घरेलू कार्य भी करवाते हैं। काम करने से मना करने पर उसे नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं। उनका कहना है कि सुरेंदर के मुताबिक स्टाफ के लोगों को मरीज लेकर आने पर कमीशन दिया जाता है। सुरेंदर का कमीशन का करीब साढ़े तीन लाख रुपये बनता था, जो डॉक्टर उसे नहीं दे रहे थे।
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आरोप है कि इन सब के चलते वह काफी तनाव में रहता था। उन्हें अस्पताल की तरफ से सूचना मिली कि सुरेंदर आईसीयू में है। आरोप है कि परिवार के लोगों को सुरेंदर से न तो मिलने दिया और न ही दूर से दिखाया। फिर कुछ देर बाद बताया गया कि सुरेंद्र की मौत हो गई है। मृतक के पिता का आरोप है कि उनके बेटे की अस्पताल प्रबंधन ने हत्या कर दी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि युवक ने खुद ही अपने आप को एक गलत इंजेक्शन लगा लिया था। इस वजह से उसकी मौत हुई है।
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