{"_id":"69a092de38248ebc4f0a33cd","slug":"hope-to-go-home-rent-disappointed-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-63810-2026-02-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: घर जाने की आस, किराये ने किया हताश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: घर जाने की आस, किराये ने किया हताश
विज्ञापन
बस ऑपरेटरों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए किराये में की भारी बढ़ोतरी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। होली का त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए जिले में कार्यरत प्रवासी मजदूर और कर्मचारी अपने मूल राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। बिहार, राजस्थान और यूपी जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री बसों का सहारा ले रहे हैं।
इस बीच निजी बस ऑपरेटरों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। आम दिनों की तुलना में किराया 30 से 300 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। यात्रियों का आरोप है कि ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन बताए जा रहे किराये के अलावा मौके पर प्रति सवारी 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
फरीदाबाद से पटना का सामान्य किराया 1100 से 1400 रुपये है, जो होली पर 2800 से 4500 रुपये तक पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर के लिए 1200 से 1500 रुपये का टिकट 3000 से 5999 रुपये तक बेचा जा रहा है। लखनऊ का किराया 600 से 800 रुपये से बढ़कर 1500 से 2500 रुपये और गोरखपुर का 800 से 1000 रुपये से बढ़कर 1800 से 3000 रुपये तक हो गया है। चंडीगढ़ रूट पर तो 350 से 500 रुपये का किराया बढ़कर 1200 से 4500 रुपये तक वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
यात्रियों ने टिकट ब्लैकिंग और ओवरलोडिंग की भी बात कही है। 40 सीट के परमिट वाली बसों में 60 से 70 सवारियां बैठाई जा रही हैं। स्लीपर केबिन और गैलरी तक में अतिरिक्त यात्री बिठाए जा रहे हैं। डबुआ कॉलोनी, बाटा रोड, ओल्ड फरीदाबाद चौक, बल्लभगढ़ बस स्टैंड, बदकल चौक, बाटा चौक और एनएच-2 के सराय ख्वाजा व बदरपुर बॉर्डर जैसे स्थानों से निजी बसों की बोर्डिंग कराई जा रही है। यात्रियों का कहना है कि त्योहार की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
वर्जन
40 सीट की परमिट वाली बसों में 70 सवारियां बैठाकर यात्रियों से मनमाना किराया लिया जा रहा है। - अजय, राजस्थान
होली पर फरीदाबाद से यूपी और बिहार जाने वालों से निजी बसों में 300 फीसदी तक ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। - अमित, यूपी
ऑनलाइन दिख रहे किराये से अलग मौके पर अतिरिक्त पैसे लेकर टिकट ब्लैकिंग की जा रही है। - चिराग, राजस्थान
सरकारी बसों का किराया तय है लेकिन निजी बस ऑपरेटर होली पर दोगुना और तिगुना किराया वसूल रहे हैं। - रितु, बिहार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। होली का त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए जिले में कार्यरत प्रवासी मजदूर और कर्मचारी अपने मूल राज्यों की ओर रवाना हो रहे हैं। बिहार, राजस्थान और यूपी जाने के लिए बड़ी संख्या में यात्री बसों का सहारा ले रहे हैं।
इस बीच निजी बस ऑपरेटरों ने यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। आम दिनों की तुलना में किराया 30 से 300 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। यात्रियों का आरोप है कि ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन बताए जा रहे किराये के अलावा मौके पर प्रति सवारी 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
विज्ञापन
फरीदाबाद से पटना का सामान्य किराया 1100 से 1400 रुपये है, जो होली पर 2800 से 4500 रुपये तक पहुंच गया है। मुजफ्फरपुर के लिए 1200 से 1500 रुपये का टिकट 3000 से 5999 रुपये तक बेचा जा रहा है। लखनऊ का किराया 600 से 800 रुपये से बढ़कर 1500 से 2500 रुपये और गोरखपुर का 800 से 1000 रुपये से बढ़कर 1800 से 3000 रुपये तक हो गया है। चंडीगढ़ रूट पर तो 350 से 500 रुपये का किराया बढ़कर 1200 से 4500 रुपये तक वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
यात्रियों ने टिकट ब्लैकिंग और ओवरलोडिंग की भी बात कही है। 40 सीट के परमिट वाली बसों में 60 से 70 सवारियां बैठाई जा रही हैं। स्लीपर केबिन और गैलरी तक में अतिरिक्त यात्री बिठाए जा रहे हैं। डबुआ कॉलोनी, बाटा रोड, ओल्ड फरीदाबाद चौक, बल्लभगढ़ बस स्टैंड, बदकल चौक, बाटा चौक और एनएच-2 के सराय ख्वाजा व बदरपुर बॉर्डर जैसे स्थानों से निजी बसों की बोर्डिंग कराई जा रही है। यात्रियों का कहना है कि त्योहार की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूला जा रहा है।
वर्जन
40 सीट की परमिट वाली बसों में 70 सवारियां बैठाकर यात्रियों से मनमाना किराया लिया जा रहा है। - अजय, राजस्थान
होली पर फरीदाबाद से यूपी और बिहार जाने वालों से निजी बसों में 300 फीसदी तक ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। - अमित, यूपी
ऑनलाइन दिख रहे किराये से अलग मौके पर अतिरिक्त पैसे लेकर टिकट ब्लैकिंग की जा रही है। - चिराग, राजस्थान
सरकारी बसों का किराया तय है लेकिन निजी बस ऑपरेटर होली पर दोगुना और तिगुना किराया वसूल रहे हैं। - रितु, बिहार