फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Holika Dahan will be done at more than 500 places

Faridabad News: 500 से अधिक स्थानों पर किया जाएगा होलिका दहन

Thu, 13 Mar 2025 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 13 Mar 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
Holika Dahan will be done at more than 500 places
महिलाएं परंपरागत तरीके से पूजा पाठ कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बृहस्पतिवार को परंपरागत रूप से शहर में 500 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन किया जाएगा। दोपहर के समय सभी सुहागन महिलाएं सभी जगहों पर रीति रिवाज के साथ पूजा-पाठ करेंगी। उसके बाद महिलाएं होली के गीत गाकर पूजा अर्चना कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करेंगी। रात को जगह-जगह शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा। इस दौरान लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई भी देते हैं।

होलिका पूजन के लिए सुबह से ही महिलाओं की भीड़ मंदिरों के बाहर देखने को मिल जाती है। सुहागन महिलाएं सोलह सिंगार कर होलिका पूजन के लिए निकलती हैं। इसके अलावा कुछ महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर चौक चौराहों पर बनी होलिका का पूजन करने जाती हैं। वहीं ग्रामीण इलाके में महिलाएं अपने परिवार व आस पास रहने वाली महिलाओं के साथ जाती है। महिलाएं सुबह से व्रत रखकर होलिका पूजन कर बच्चों व पति की लंबी आयु की कामना कर पूजा अर्चना करती हैं। पूजन के दौरान होलिका की परिक्रमा कर कलावा व धागे के साथ सुरक्षा कवच बनाकर परिवार की सुरक्षा की कामना करती हैं। पूजन के बाद एक दूसरे को गुलाल लगाकर और गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी जाती हैं।
विज्ञापन


सूर्यास्त के बाद किया जाता है होलिका दहन
शहर में सूर्यास्त के बाद होलिका दहन शुभ मुहूर्त में किया जाता है। होली में जितना महत्व रंगों का है, उतना ही महत्व होलिका दहन का है। फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या को होलिका दहन किया जाता है। शाम को बल्लभगढ़ के होली चौक, एनआईटी के बांके बिहारी मंदिर चौक सहित ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-16, एनआईटी-एक, दो, तीन व पांच सहित 500 से अधिक जगहों पर होलिका दहन किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मन मना कर मनाते है होली
देश की आजादी के बाद पाकिस्तान से आकर फरीदाबाद में बसे पंजाबी समुदाय के लोग कुछ विशेष तरह से होली मनाते हैं। होलिका दहन वाले दिन मन बनाए जाते हैं। मन एक प्रकार की मीठी रोटी होती है और इनमें गुड़ एवं चीनी मिलाई जाती है। इन्हें होलिका दहन वाली आग में ही बनाया जाता है। होली मनाने का यह तरीका इसलिए भी अलग है, क्योंकि गुड़ व चीनी रोटी में धागे को लपेटा जाता है। मान्यता है कि यह धागे बुराई पर अच्छाई का प्रतीक होते हैं। एनआईटी दो निवासी योगेश भाटिया ने बताया कि होलिका की आग में रोटी पूरी तरह पक जाती है और होलिका की आग में प्रहलाद की तरह ही धागे को भी कोई नुकसान नहीं होता है। इनके पूर्वज आजादी से पहले पाकिस्तान में भी मन बनाकर होली का त्योहार मनाते थे।


होलिका के पुतले का दहन किया जाएगा
शहर में होली का पर्व लोग परंपरागत ढंग से मनाते आ रहे हैं। लेकिन दो साल से सेक्टर 49 में दशहरा पर्व की तरह होलिका दहन पर्व मनाने की अलग परंपरा है। इसमें रावण के पुतले की तरह होलिका का पुतला दहन कर होली का पर्व मनाया जाएगा। यह कार्यक्रम अग्रवाल सभा सेक्टर 49 सैनिक कॉलोनी की ओर से किया जाएगा। अभी तक हरियाणा के किसी भी जिले में इस तरह से होली पर्व मनाने की परंपरा नहीं है। करीब दस फीट का होलिका का पुतला बनाया जा रहा है। 13 मार्च को मंत्रोच्चार के साथ होलिका के पुतले का दहन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed