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Faridabad News: सूरजकुंड दीपोत्सव में दिखेगा हरियाणा की संस्कृति, पर्यटन और हस्तशिल्प का संगम
Sat, 30 Aug 2025 11:19 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:19 PM IST
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तीन अक्टूबर से शुरू होगा आयोजन, भव्य स्वरूप देने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। इस वर्ष होने वाला सूरजकुंड दीपोत्सव न सिर्फ मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि राज्य की संस्कृति, पर्यटन और परंपरा को नई पहचान भी दिलाएगा। इस बार दीपोत्सव तीन अक्टूबर से आरंभ होगा। हरियाणा पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। इससे पहले दो साल पहले सूरजकुंड दीपोत्सव मेला आयोजित किया गया था।
इस दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण हरियाणवी नृत्य और लोकगीत रहेंगे। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आने वाले कलाकार पारंपरिक परिधानों में नृत्य की ऐसी झलक प्रस्तुत करेंगे, जो पर्यटकों को हरियाणा की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ देगी। खास बात यह है कि आयोजन में केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे मेले परिसर में लोकनृत्य और गीतों की गूंज सुनाई देगी।
नोडल अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि सूरजकुंड दीपोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले से बिल्कुल अलग रूप में सामने आएगा। इस बार मुख्य उद्देश्य राज्य के लोक कलाकारों को मंच देना और हरियाणा की लोक संस्कृति को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाना है। दीपोत्सव में हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी, ताकि आगंतुकों को भारत की विविधता का अनुभव हो। इस बार भी दीपोत्सव में सामाजिक संदेशों से जुड़ी प्रस्तुतियों को शामिल किया जाएगा।
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फरीदाबाद। इस वर्ष होने वाला सूरजकुंड दीपोत्सव न सिर्फ मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि राज्य की संस्कृति, पर्यटन और परंपरा को नई पहचान भी दिलाएगा। इस बार दीपोत्सव तीन अक्टूबर से आरंभ होगा। हरियाणा पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं और आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। इससे पहले दो साल पहले सूरजकुंड दीपोत्सव मेला आयोजित किया गया था।
इस दीपोत्सव का मुख्य आकर्षण हरियाणवी नृत्य और लोकगीत रहेंगे। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आने वाले कलाकार पारंपरिक परिधानों में नृत्य की ऐसी झलक प्रस्तुत करेंगे, जो पर्यटकों को हरियाणा की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ देगी। खास बात यह है कि आयोजन में केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे मेले परिसर में लोकनृत्य और गीतों की गूंज सुनाई देगी।
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नोडल अधिकारी अरविंद यादव ने बताया कि सूरजकुंड दीपोत्सव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले से बिल्कुल अलग रूप में सामने आएगा। इस बार मुख्य उद्देश्य राज्य के लोक कलाकारों को मंच देना और हरियाणा की लोक संस्कृति को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाना है। दीपोत्सव में हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी, ताकि आगंतुकों को भारत की विविधता का अनुभव हो। इस बार भी दीपोत्सव में सामाजिक संदेशों से जुड़ी प्रस्तुतियों को शामिल किया जाएगा।
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