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सुरक्षित नहीं छोरियां: हरियाणा के ये जिले बने लड़कियों के लिए 'लापतागंज', गुरुग्राम से गायब हो रहीं सबसे अधिक

Tue, 29 Apr 2025 07:38 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद Published by: विकास कुमार Updated Tue, 29 Apr 2025 07:38 PM IST
सार

आंकड़ों के अनुसार जहां गुरुग्राम लड़कियों के लापता होने में पहले नंबर पर है। वहीं दूसरे नंबर पर पानीपत जिला है। जिसमें साल 2022 में 451 और साल 2023 में 555 लड़कियां लापता हुई थीं। 

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Gurugram and Faridabad not safe for minor girls most minor girls go missing from here
गुरुग्राम से गायब होती हैं सबसे अधिक नाबालिग लड़कियां - फोटो : Glok

विस्तार

बड़े शहरों में भी अब नाबालिग लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। आंकड़ों के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़कियां हरियाणा में सबसे ज्यादा गुरुग्राम से लापता हो रही हैं। साल 2022 में 568 और साल 2023 में 868 लड़कियां लापता हुईं। वहीं फरीदाबाद की बात की जाए तो साल 2022 में 92 और साल 2023 में 84 नाबालिग लड़कियां लापता हुई हैं।

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आरटीआई के जवाब में प्रशासन ने दिए आंकड़े
बल्लभगढ़ निवासी मोहित कुमार की ओर से लगाई गई आरटीआई के अनुसार उन्होंने पुलिस विभाग से यह डाटा मांगा था कि प्रदेश के हर जिले से कितनी लड़कियां लापता हुई हैं। जिसके जवाब में मिले आंकड़ों पर गौर करें तो साफ हो जाता है कि गुरुग्राम में नाबालिग लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। यहां 2022 में 568 लड़कियां गुमशुदगी या फिर अपहरण जैसी वारदातों का शिकार हुईं। वहीं साल 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 868 तक पहुंच गया। वहीं फरीदाबाद जिले में साल 2022 में कुल 92 और साल 2023 में 84 लड़कियां लापता हुई हैं। इसके अलावा पलवल में साल 2022 में 47 और 2023 में 51 लड़कियां लापता हुई हैं।

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प्रदेश के चार जिले हैं सबसे सुरक्षित
आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 24 में से चार जिले लड़कियों के लिए सबसे सुरक्षित कहे जा सकते हैं। साल 2022 में जींद जिले में चार लड़कियां लापता हुई थीं। वहीं साल 2023 में दो। इसके अलावा नूंह से साल 2022 में 15 और साल 2023 में 10, चरखी दादरी में साल 2022 में एक और 2023 में एक भी लड़की लापता नहीं हुई थी। वहीं हांसी की बात करें तो साल 2022 में 21 और साल 2023 में 20 लड़कियां लापता हुई हैं। जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के यह चार जिले लड़कियों के लिए काफी सुरक्षित हैं। जिसमें सबसे ज्यादा सुरक्षित जिला चरखी दादरी कहा जा सकता है। क्योंकि साल 2023 में यहां से कोई भी किशोरी लापता नहीं हुई है।

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इन जिलों का सबसे बुरा हाल
आंकड़ों के अनुसार जहां गुरुग्राम लड़कियों के लापता होने में पहले नंबर पर है। वहीं दूसरे नंबर पर पानीपत जिला है। जिसमें साल 2022 में 451 और साल 2023 में 555 लड़कियां लापता हुई थीं। वहीं सोनीपत से साल 2022 में 260 और 2023 में 196 लड़कियां लापता हुई थीं। यमुनानगर से साल 2022 में 180 और 2023 में 186 लड़कियां लापता हुई थीं। इसके अलावा रेवाड़ी में भी साल 2022 में 117 और 2023 में 148 किशोरी लापता हुई थीं।

आंकड़े सही
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के राज्य लोक सूचना अधिकारी सह पुलिस उपायुक्त मुकेश कुमार का कहना है कि आरटीआई के माध्यम से जो आंकड़े स्टेट क्राइम ब्यूरो की ओर से उपलब्ध करवाए गए हैं वह सही हैं।

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