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ग्रिल घोटाला : पूर्व निगम आयुक्त समेत 12 पर केस, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

Fri, 08 Sep 2023 06:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Sep 2023 06:41 PM IST
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Grill Scam: Case against 12 including former Corporation Commissioner, sword of arrest hanging
-ग्रिल लगाने में पांच करोड़ रुपये का घोटाला करने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ में हुए ग्रिल घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नगर निगम की पूर्व आयुक्त अनीता यादव समेत 12 पर केस दर्ज कर लिया है। केस दर्ज होने के बाद अब आईएएस अधिकारी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। दूसरी ओर अन्य तीन आईएएस अधिकारी भी ब्यूरो के रडार पर हैं। ऐसे में जल्द ही अन्य पूर्व निगम आयुक्तों पर भी एसीबी का शिकंजा कस सकता है। नगर निगम में बिना काम के 200 करोड़ रुपये के घोटाले में पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई है।
नगर निगम ने बल्लभगढ़ क्षेत्र में ग्रिल लगाने का ठेका साल 2018-19 में दिया था। योजना के अनुसार कई सड़कों के सेंट्रल वर्ज पर लोहे की ग्रिल लगाई जानी थीं। आरोप है कि ग्रिल लगाने के नाम पर गड़बड़ी बरती गई। इसमें तत्कालीन मुख्य अभियंता डीआर भास्कर व ठेकेदार सतबीर समेत अन्य ने मिलकर फर्जी तरीके से बिल बनाए और इसमें अकांउट ब्रांच के अधिकारियों ने भी लापरवाही बरती। आरोप है कि इस मामले में तय काम से ज्यादा का भुगतान किया गया। पैसे खर्च होने के बाद कई सड़कों का काम पूरा नहीं हुआ। इस पर स्थानीय पार्षदों ने मामला उठाया। इसके बाद इसकी जांच पहले सरकार ने सीआईडी से जांच कराई। मामले में गड़बड़ी सामने आने पर मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई थी। ब्यूरो ने ग्रिल घोटाले की जांच की और पूरा मामला सही पाया। ब्यूरो ने पाया कि जो काम 28 लाख का था, वह बढ़ाकर पांच करोड़ तक पहुंच गया। बिल फर्जी तैयार कर दो बार पेमेंट किया गया। 200 करोड़ के घोटाले में पत्रकारों ने डीजीपी से शुक्रवार को सवाल किया। इस पर उन्होंने बताया कि अधिकांश मामलों में ब्यूरो ने चालान पेश कर दिया है। ब्यूरो अन्य मामलों की जांच कर रहा है।
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15 जुलाई को सरकार ने दी थी मंजूरी
पूरे मामले की जांच के बाद एसीबी ने तत्कालीन निगम आयुक्त अनीता यादव पर केस चलाने की मंजूरी जुलाई में मांगी थी। जिस पर प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई को ग्रिल घोटाले के आरोपी पूर्व निगम आयुक्त, पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कार, कार्यकारी अभियंता प्रेमराज, सीनियर ऑडिटर, स्थानीय ऑडिटर,अकाउंट ब्रांच के अधीक्षक, ब्रांच क्लर्क और ठेकेदार सतबीर पर कार्रवाई की मंजूरी दी थी। इसके बाद से एंटी करप्शन ब्यूरो इस पर काम कर रहा था। ब्यूरो ने शुक्रवार देर शाम को पूर्व निगम आयुक्त अनीता यादव, पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कार, ठेकेदार सतबीर सिंह, कार्यकारी अभियंता प्रेमराज, एई शेरसिंह, नवीन कुमार, हरगुलाल, विकाश कौशिक, विनोद, नवीन समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया। बता दें कि अनिता यादव फरीदाबाद नगर निगम की आयुक्त रही हैं। उनके समय लोहे की ग्रिल लगाने से जुड़े एक मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। इसमें कई पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
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बिना काम के 200 करोड़ का घोटाला-
मई 2020 में 200 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ था। निगम के तत्कालीन पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल व महेंद्र ने तत्कालीन निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि निगम के लेखा विभाग ने ठेकेदार सतबीर की विभिन्न फर्मों को बिना काम किए भुगतान कर दिया है। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर विजिलेंस से भी जांच कराई गई। विधायक नीरज शर्मा ने यह मामला विधानसभा सत्र में उठाया था। इसके बाद चार केस दर्ज कर विजिलेंस ठेकेदार सतवीर, मुख्य अभियंता डीआर भास्कर, रमन शर्मा और जेई दीपक की गिरफ्तारी कर चुकी है। आरोपियों से कई राउंड विजिलेंस की टीम पूछताछ कर चुकी है। इसमें आरोपियों ने कुछ उच्चाधिकारियों समेत अन्य का नाम बताया हुआ है। विजिलेंस को इस घोटाले में पहले तैनात रहे नगर निगम आयुक्तों की भूमिका पर शक के दायरे में है। अधिकारी साल 2017 से 2020 तक निगम आयुक्त रह चुके हैं।
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