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बाढ़ में सामान भी बहा और झुग्गियां भी टूट गईं
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फरीदाबाद। तीन दिन पहले आई तेज बारिश से अरावली में बसे गांव अनखीर में बना 50 वर्ष पुराना बांध टूट गया था। हालांकि सेव अरावली के संस्था के सदस्यों ने मंगलवार को वन विभाग की सहायता से दोबारा बांध तैयार करवा दिया। लेकिन इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। कई लोगों की झुग्गियां भी टूट गईं और उनके सामान भी बह गए। इस चौतरफा मार में लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
अनखीर गांव निवासी बबलू तंवर ने बताया कि उनका गांव पहाड़ी की तलहटी में बसा है। लेकिन, उनका घर बांध के नजदीक है। कई साल पहले यहां पत्थरों की खुदाई होती थी। इससे पहाड़ी में खान बन गए। करीब 50 साल पहले पहाड़ी में बारिश के पानी को रोकने के लिए बांध बनाया गया था। बांध का पानी ओवरफ्लो होकर नहर के माध्यम से बड़खल झील तक जाता था।
डेढ़ दशक से इस बांध में पानी नहीं आ रहा था। इस माह अच्छी बारिश हुई, जिससे बांध भर गए। इस दौरान इतना पानी भर गया कि इसका 15 से 20 फुट चौड़ा एक हिस्सा ढह गया और पानी गांव में आ गया। पानी के तेज बहाव की वजह से झुग्गियां टूट गई। वहीं काफी लोगों के घरों का सामान भी बह गया।
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लोगों से बातचीत
घर से पास कई साल पुराना बांध बना हुआ था, जो बारिश में पानी के तेज बहाव टूट गया और पानी गांव में घुस गया। पहले तो गांव के लोगों ने बांध को दोबारा बनाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। वन विभाग की सहायता से दोबारा बांध बनाया गया है। - बबलू, अनखीर निवासी
तीन दिन पहले आई बारिश के कारण बांध टूटने से उनकी झुग्गी ढह गई। काफी नुकसान हुआ। घर का सामान भी बह गया। गनीमत है कि जान बच गई। - जमुना देवी, अनखीर निवासी
बांध के पास हम कच्चा मकान बनाकर सालों से रह रहे है। मिट्टी का मकान होने की वजह से टूट गया। छोटा-मोटा सामान पानी में बह गया। अंधेरा होने की वजह से परेशानी और बढ़ गई। - तिजा देवी, अनखीर निवासी
बांध का पानी अगर बड़खल झील की तरफ मोड़ दिया जाए, तो यह परेशानी कम हो जाएगी। ऐसे में लोगों को भी आगे परेशान नहीं होना पड़ेगा। - विशाल तंवर, अनखीर निवासी
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अनखीर गांव निवासी बबलू तंवर ने बताया कि उनका गांव पहाड़ी की तलहटी में बसा है। लेकिन, उनका घर बांध के नजदीक है। कई साल पहले यहां पत्थरों की खुदाई होती थी। इससे पहाड़ी में खान बन गए। करीब 50 साल पहले पहाड़ी में बारिश के पानी को रोकने के लिए बांध बनाया गया था। बांध का पानी ओवरफ्लो होकर नहर के माध्यम से बड़खल झील तक जाता था।
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डेढ़ दशक से इस बांध में पानी नहीं आ रहा था। इस माह अच्छी बारिश हुई, जिससे बांध भर गए। इस दौरान इतना पानी भर गया कि इसका 15 से 20 फुट चौड़ा एक हिस्सा ढह गया और पानी गांव में आ गया। पानी के तेज बहाव की वजह से झुग्गियां टूट गई। वहीं काफी लोगों के घरों का सामान भी बह गया।
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लोगों से बातचीत
घर से पास कई साल पुराना बांध बना हुआ था, जो बारिश में पानी के तेज बहाव टूट गया और पानी गांव में घुस गया। पहले तो गांव के लोगों ने बांध को दोबारा बनाने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। वन विभाग की सहायता से दोबारा बांध बनाया गया है। - बबलू, अनखीर निवासी
तीन दिन पहले आई बारिश के कारण बांध टूटने से उनकी झुग्गी ढह गई। काफी नुकसान हुआ। घर का सामान भी बह गया। गनीमत है कि जान बच गई। - जमुना देवी, अनखीर निवासी
बांध के पास हम कच्चा मकान बनाकर सालों से रह रहे है। मिट्टी का मकान होने की वजह से टूट गया। छोटा-मोटा सामान पानी में बह गया। अंधेरा होने की वजह से परेशानी और बढ़ गई। - तिजा देवी, अनखीर निवासी
बांध का पानी अगर बड़खल झील की तरफ मोड़ दिया जाए, तो यह परेशानी कम हो जाएगी। ऐसे में लोगों को भी आगे परेशान नहीं होना पड़ेगा। - विशाल तंवर, अनखीर निवासी