{"_id":"6a8dcdbd4112e6ded3063f78","slug":"goods-not-sent-despite-payment-commission-orders-refund-faridabad-news-c-26-1-fbd1023-78336-2026-08-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: पैसे लेकर नहीं भेजा सामान, आयोग ने रुपये लौटाने के दिए आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: पैसे लेकर नहीं भेजा सामान, आयोग ने रुपये लौटाने के दिए आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरीदाबाद। इंस्टाग्राम पर जूतियों का विज्ञापन देखने के बाद ऑर्डर करना सेक्टर-3 निवासी डिंपल देवी को महंगा पड़ गया। उन्होंने जूतियों के लिए 450 रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया लेकिन सामान नहीं पहुंचा। बाद में कूरियर के नाम पर 450 रुपये और मांगे गए।
अतिरिक्त रकम देने से इन्कार करने पर डिलीवरी रोक दी गई और शिकायतकर्ता को विक्रेता ने ब्लॉक कर दिया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले में विक्रेता की सेवा में कमी मानते हुए 450 रुपये वापस करने के साथ कुल 2200 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है। शिकायत के अनुसार डिंपल ने 4 मई 2025 को इंस्टाग्राम पर जूतियों का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के बाद उन्होंने संबंधित विक्रेता से संपर्क कर एक जोड़ी जूतियां बुक कीं और यूपीआई के माध्यम से 450 रुपये का अग्रिम भुगतान किया। 8 मई को एक व्यक्ति ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए फोन किया और जीएसटी के नाम पर 450 रुपये अतिरिक्त मांगे। डिंपल ने रकम देने से मना कर दिया तो जूतियों की डिलीवरी नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने विक्रेता से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन 31 मई को उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने इंस्टाग्राम के शिकायत तंत्र और हेल्प सेंटर पर भी शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान विक्रेता की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। संवाद
विज्ञापन
अतिरिक्त रकम देने से इन्कार करने पर डिलीवरी रोक दी गई और शिकायतकर्ता को विक्रेता ने ब्लॉक कर दिया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मामले में विक्रेता की सेवा में कमी मानते हुए 450 रुपये वापस करने के साथ कुल 2200 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है। शिकायत के अनुसार डिंपल ने 4 मई 2025 को इंस्टाग्राम पर जूतियों का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के बाद उन्होंने संबंधित विक्रेता से संपर्क कर एक जोड़ी जूतियां बुक कीं और यूपीआई के माध्यम से 450 रुपये का अग्रिम भुगतान किया। 8 मई को एक व्यक्ति ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए फोन किया और जीएसटी के नाम पर 450 रुपये अतिरिक्त मांगे। डिंपल ने रकम देने से मना कर दिया तो जूतियों की डिलीवरी नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने विक्रेता से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन 31 मई को उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। उन्होंने इंस्टाग्राम के शिकायत तंत्र और हेल्प सेंटर पर भी शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान विक्रेता की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। संवाद
विज्ञापन