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गौरव सुसाइड केस: गाय को रोटी खिलाने निकलीं तो मां की आंखों में थे आंसू

Tue, 01 Mar 2022 11:31 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Tue, 01 Mar 2022 11:31 PM IST
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Gaurav cried sitting among friends in the society an hour before the suicide
मृतक छात्र और उसका सुसाइड नोट - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद स्थित डिस्कवरी सोसाइटी निवासी गौरव (बदला हुआ नाम) 24 फरवरी की रात सुसाइड करने से एक घंटे पहले सोसाइटी के दोस्तों के बीच बैठकर खूब रोया था। दोस्तों से उसने कहा था कि स्कूल में उसे तंग किया जाता है। छात्र हो या टीचर उसे कोई नहीं समझता। गौरव के सोसाइटी में 2-3 दोस्त थे जिनके साथ बैठकर अक्सर अपना दर्द साझा करता था। घटना वाले दिन 24 फरवरी को भी वह उन्हीं दोस्तों के साथ बैठा था।
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गौरव डीपीएस का छात्र था, उसी स्कूल में उसकी मां भी ललित कला की अध्यापिका है। उसे डिसलेक्सिया की बीमारी थी। आरोप है कि उसने अपनी प्रधानाध्यापिका से कुछ प्रश्न समझने के लिए मदद मांगी थी। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने यह कहते हुए डांट लगाई थी कि बीमारी का बहाना बनाकर फायदा उठा रहा है। इसके कारण गौरव इतना परेशान हो गया कि उसने 24 फरवरी की रात सोसाइटी की 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में बीपीटीपी थाना पुलिस ने प्रधानाध्यापिका और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। मामले में एकेडमिक हेड ममता गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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17वीं मंजिल से गिरते देखा तो सांसें थम गईं
दोस्त ने बताया कि एक घंटे पहले ही बातचीत करके गौरव उनके पास से गया था। जब वह रोते हुए अपनी परेशानी बता रहा था तो उसे समझाया भी था। अक्सर ही वह उनसे हर बात शेयर करता था। उस दिन भी वह साथ बैठा था। उस समय ऐसा कुछ भी नहीं लगा कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। अगर थोड़ा सा भी पता चल जाता कि गौरव ऐसा करेगा तो वह उसे रोक सकते थे। दोस्त ने बताया कि गौरव के जाने के बाद भी वह एक और दोस्त के साथ बैठा हुआ था। गौरव को 17वीं मंजिल से गिरते हुए उसने देखा तो सांसें थम गईं। सोसाइटी के लोगों ने करीब जाने से रोक दिया था इसलिए वह मौके तक नहीं जा पाए।
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व्यवहारिक था गौरव, सुरक्षा गार्ड भी कर रहे तारीफ
गौरव इतना व्यवहारिक था कि सोसाइटी के लोगों से लेकर सुरक्षा गार्ड तक उसकी तारीफ करते हुए नहीं थक रहे। एक सुरक्षा गार्ड ने बताया कि वह जब भी गेट की तरफ आता था तो समय के अनुसार गुड मार्निंग-गुड ईवनिंग जरूर बोलता था। वह हर बात को बहुत अच्छे तरीके से करता था। जैसे सोसाइटी के अन्य बच्चे थे, उसी तरह वह भी सामान्य बच्चा था। सोसाइटी में रहने वाले संदीप कुमार ने बताया कि वह हर किसी का आदर सम्मान करता था। उसके अंदर ऐसी कोई आदत नहीं थी जो किसी को खराब लगे।
पालतू बिल्ली के साथ करता था प्यार
सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि गौरव ने एक बिल्ली पाल रखी थी जिसे लेकर अक्सर वह घूमता रहता था। बिल्ली से वह बहुत प्यार करता था और उसी के साथ वह खेलता रहता था। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि घटना वाले दिन भी वह शाम के समय बाहर निकलकर बिल्ली को गोद में लेकर पुचकार रहा था।

गाय को रोटी खिलाने निकलीं तो मां की आंखों में थे आंसू
बेटे के गम में गौरव की मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने खुद को घर में कैद कर रखा है। मंगलवार को गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बताया कि गौरव की मां गाय को रोटी खिलाने के लिए गेट के बाहर तक आईं थी। काफी गुमसुम थीं, उस समय भी उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। रोजाना ही उनका यही रूटीन है। वह किसी से कोई बात नहीं करती हैं।
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