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Faridabad News: कूड़ा बना शहर के लिए अभिशाप, कैसे मिले निजात
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में युद्धस्तर पर कूड़ा उठाने का कार्य चलने का नगर निगम दावा कर रहा है। दावा यह भी है कि चयनित स्थानों पर ईको ग्रीन कंपनी की मदद लेकर जेसीबी से कूड़े को उठाया जा रहा है। इसके बावजूद धरातल पर मामला बिलकुल उलट है। जगह-जगह गंदगी होने से शहर कूड़े का ढेर बना हुआ है।
पिछले डेढ़ माह से ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर थे, इसके चलते कूड़ा उठाने का काम रुक गया था। कूड़ा न उठने के चलते शहर एक डंपिंग यार्ड बनकर रह गया। एनआईटी फरीदाबाद और सेक्टरों में सड़कों के किनारे बड़े-बड़े कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। एनआईटी पांच रेलवे रोड, एनआईटी एक स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के नजदीक, एनआईटी-दो, एसजीएम नगर, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। एनआईटी के अलावा शहर के पॉश सेक्टर-15,16,17 और सेक्टर-14 में भी कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
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सरकार के चलाए स्वच्छता अभियान भी काम न आए
सरकार की ओर से 17 सितंबर से लेकर 2 अक्तूबर तक शहर में स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चलाया था। यह अभियान भी शहर को स्वच्छ नहीं बना पाया। अभियान के महीने बाद ही शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया।
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बंधवाड़ी कूड़ा प्लांट की जगह इधर-उधर डाल रहे कूड़ा
शहर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी ईको ग्रीन कंपनी के पास है। कंपनी के कर्मचारी घरों से कूड़ा उठाकर गुड़गांव रोड स्थित बंधवाड़ी प्लांट तक पहुंचाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से देखने में आया कि कर्मचारी लोगों के घरों से उठाए कूड़े को शहर में अन्य जगह डालने का काम कर रहे हैं। पिछले काफी दिनों से गांव अनंगपुर के पहाड़ों में कूड़ा डालने की शिकायतें आ रही हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कूड़े को इधर-उधर डाल दिया जाता है। इससे शहर का वातावरण दूषित हो रहा है।
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सभी वार्डाें में टीम गठित कर सफाई कराई जा रही है। जेसीबी एवं ट्रैक्टर लगाकर कूड़े के ढेरों को उठाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। इको ग्रीन कंपनी कूड़े के उठान में लापरवाही बरत रही है। इसके चलते कंपनी पर दस लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। लोगों से अपील है कि निगम के इस कार्य में सहयोग दें और खुले में कूड़ा नहीं डालें।
- पदम भूषण कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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ईको ग्रीन कंपनी को दिए गए टेंडर में कई अनियमितताएं हैं और इसमें बड़ा घोटाला किया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई बड़ी मछलियां इसमें फसेंगी।
- नरेश शास्त्री, प्रदेश अध्यक्ष, नगरपालिका कर्मचारी संघ
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फरीदाबाद। शहर में युद्धस्तर पर कूड़ा उठाने का कार्य चलने का नगर निगम दावा कर रहा है। दावा यह भी है कि चयनित स्थानों पर ईको ग्रीन कंपनी की मदद लेकर जेसीबी से कूड़े को उठाया जा रहा है। इसके बावजूद धरातल पर मामला बिलकुल उलट है। जगह-जगह गंदगी होने से शहर कूड़े का ढेर बना हुआ है।
पिछले डेढ़ माह से ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर थे, इसके चलते कूड़ा उठाने का काम रुक गया था। कूड़ा न उठने के चलते शहर एक डंपिंग यार्ड बनकर रह गया। एनआईटी फरीदाबाद और सेक्टरों में सड़कों के किनारे बड़े-बड़े कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। एनआईटी पांच रेलवे रोड, एनआईटी एक स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के नजदीक, एनआईटी-दो, एसजीएम नगर, डबुआ कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, ओल्ड फरीदाबाद में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। एनआईटी के अलावा शहर के पॉश सेक्टर-15,16,17 और सेक्टर-14 में भी कई जगहों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
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सरकार के चलाए स्वच्छता अभियान भी काम न आए
सरकार की ओर से 17 सितंबर से लेकर 2 अक्तूबर तक शहर में स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चलाया था। यह अभियान भी शहर को स्वच्छ नहीं बना पाया। अभियान के महीने बाद ही शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया।
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बंधवाड़ी कूड़ा प्लांट की जगह इधर-उधर डाल रहे कूड़ा
शहर से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी ईको ग्रीन कंपनी के पास है। कंपनी के कर्मचारी घरों से कूड़ा उठाकर गुड़गांव रोड स्थित बंधवाड़ी प्लांट तक पहुंचाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से देखने में आया कि कर्मचारी लोगों के घरों से उठाए कूड़े को शहर में अन्य जगह डालने का काम कर रहे हैं। पिछले काफी दिनों से गांव अनंगपुर के पहाड़ों में कूड़ा डालने की शिकायतें आ रही हैं। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कूड़े को इधर-उधर डाल दिया जाता है। इससे शहर का वातावरण दूषित हो रहा है।
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सभी वार्डाें में टीम गठित कर सफाई कराई जा रही है। जेसीबी एवं ट्रैक्टर लगाकर कूड़े के ढेरों को उठाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। इको ग्रीन कंपनी कूड़े के उठान में लापरवाही बरत रही है। इसके चलते कंपनी पर दस लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। लोगों से अपील है कि निगम के इस कार्य में सहयोग दें और खुले में कूड़ा नहीं डालें।
- पदम भूषण कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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ईको ग्रीन कंपनी को दिए गए टेंडर में कई अनियमितताएं हैं और इसमें बड़ा घोटाला किया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई बड़ी मछलियां इसमें फसेंगी।
- नरेश शास्त्री, प्रदेश अध्यक्ष, नगरपालिका कर्मचारी संघ