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Faridabad News: ताड़का वध तो कहीं सीता स्वयंवर का मंचन
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सोनिया चौक पर स्थित स्वर्ण कला रामलीला में तड़का वध का मंचन किया गया। फोटो स्वयं
शहर की रामलीलाओं में उमड़ रही आस्था, नारद मोह से लेकर राम-भरत मिलाप तक के प्रसंगों ने मोहा मन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में नवरात्र के अवसर पर विभिन्न रामलीला कमेटियों की ओर से रामलीलाओं का मंचन किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कहीं ताड़का वध और मारीच-सुबाहु वध के प्रसंग प्रस्तुत किए गए, तो कहीं सीता स्वयंवर, राम वनवास और राम-भरत मिलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
सोनिया चौक स्थित स्वर्ण कला रामलीला में ताड़का वध का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम की भूमिका चिन्मय फागना ने निभाई, जो पहली बार रामलीला से जुड़े हैं। लक्ष्मण के रूप में अमन शर्मा ने अभिनय किया, जो कई वर्षों से इस भूमिका को निभा रहे हैं। वहीं, ताड़का की भूमिका में बंटी ने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
स्प्रिंगफील्ड, सेक्टर-31 में सनातन धर्म जागृति ट्रस्ट की ओर से आयोजित रामलीला में 11 अक्तूबर को कई महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इनमें राजा दशरथ द्वारा शृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ करवाना, भगवान श्रीराम का जन्म, राजा जनक द्वारा हल चलाने के दौरान माता सीता का प्राकट्य, मारीच-सुबाहु द्वारा यज्ञ में विघ्न डालना और विश्वामित्र द्वारा श्रीराम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने के प्रसंग शामिल रहे।
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जे ब्लॉक मार्केट स्थित जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर राम वनवास के बाद के प्रसंगों का मंचन हुआ। केवट द्वारा भगवान श्रीराम को नदी पार कराने के प्रसंग के साथ भरत विलाप और राम-भरत मिलाप दिखाया गया। श्रीराम की भूमिका अनिल गांधी, लक्ष्मण की राकेश भाटिया, सीता की सलोनी, भरत की भविष्य तथा केवट की भूमिका बसंत और प्रदीप भाटिया ने निभाई।
राम वनवास का मार्मिक मंचन
मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी के मंच पर कैकेयी-मंथरा संवाद और राम वनवास का मार्मिक मंचन हुआ। नारद की भूमिका कमल शर्मा, श्रीराम की निशांत नागपाल, मंथरा की आशीष भाटिया और कैकेयी की भूमिका रमेश नागपाल ने निभाई। दशरथ के रूप में कमेटी के मीडिया प्रभारी कमल सलूजा ने अभिनय किया। कैकेयी द्वारा दो वरदान मांगने और राजा दशरथ के विलाप के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष तोड़ा
श्री धार्मिक लीला कमेटी में सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। विधायक धनेश अदलखा ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। निर्देशक हरीश चंद्र आजाद के अनुसार, जनक दरबार में अनेक राजा शिव धनुष नहीं उठा सके। इसके बाद भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष तोड़ा और सीता से विवाह हुआ। लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। राम बारात की धूमधाम से प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं सेक्टर-3 की रामलीला दशहरा कमेटी ने पहले दिन नारद मोह लीला का मंचन किया। वहीं, पाली चौक स्थित कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल की रामलीला के दूसरे दिन ताड़का वध, मारीच-सुबाहु वध और पुष्पवाटिका के प्रसंग दिखाए गए। विधायक सतीश फागना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन
सेक्टर-21सी के कम्युनिटी सेंटर में भगवान परशुराम रामलीला समिति (अरावली नगर) की ओर से श्री रामलीला महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। श्रीधाम वृंदावन की मंडली बालकांड और अरण्यकांड के प्रसंगों को चौपाइयों, दोहों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से सुना रही है। मंच संचालन राजेश शर्मा कर रहे हैं। कार्यक्रम में समिति के प्रधान सुरेश शर्मा, नरेश गंभीर, हेमेंद्र बंसल, सुजीत पांडेय और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में नवरात्र के अवसर पर विभिन्न रामलीला कमेटियों की ओर से रामलीलाओं का मंचन किया जा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में कहीं ताड़का वध और मारीच-सुबाहु वध के प्रसंग प्रस्तुत किए गए, तो कहीं सीता स्वयंवर, राम वनवास और राम-भरत मिलाप ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
सोनिया चौक स्थित स्वर्ण कला रामलीला में ताड़का वध का मंचन किया गया। इसमें श्रीराम की भूमिका चिन्मय फागना ने निभाई, जो पहली बार रामलीला से जुड़े हैं। लक्ष्मण के रूप में अमन शर्मा ने अभिनय किया, जो कई वर्षों से इस भूमिका को निभा रहे हैं। वहीं, ताड़का की भूमिका में बंटी ने अपने अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
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स्प्रिंगफील्ड, सेक्टर-31 में सनातन धर्म जागृति ट्रस्ट की ओर से आयोजित रामलीला में 11 अक्तूबर को कई महत्वपूर्ण प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इनमें राजा दशरथ द्वारा शृंगी ऋषि से पुत्रेष्टि यज्ञ करवाना, भगवान श्रीराम का जन्म, राजा जनक द्वारा हल चलाने के दौरान माता सीता का प्राकट्य, मारीच-सुबाहु द्वारा यज्ञ में विघ्न डालना और विश्वामित्र द्वारा श्रीराम-लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने के प्रसंग शामिल रहे।
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जे ब्लॉक मार्केट स्थित जागृति रामलीला कमेटी के मंच पर राम वनवास के बाद के प्रसंगों का मंचन हुआ। केवट द्वारा भगवान श्रीराम को नदी पार कराने के प्रसंग के साथ भरत विलाप और राम-भरत मिलाप दिखाया गया। श्रीराम की भूमिका अनिल गांधी, लक्ष्मण की राकेश भाटिया, सीता की सलोनी, भरत की भविष्य तथा केवट की भूमिका बसंत और प्रदीप भाटिया ने निभाई।
राम वनवास का मार्मिक मंचन
मार्केट नंबर-1 स्थित विजय रामलीला कमेटी के मंच पर कैकेयी-मंथरा संवाद और राम वनवास का मार्मिक मंचन हुआ। नारद की भूमिका कमल शर्मा, श्रीराम की निशांत नागपाल, मंथरा की आशीष भाटिया और कैकेयी की भूमिका रमेश नागपाल ने निभाई। दशरथ के रूप में कमेटी के मीडिया प्रभारी कमल सलूजा ने अभिनय किया। कैकेयी द्वारा दो वरदान मांगने और राजा दशरथ के विलाप के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष तोड़ा
श्री धार्मिक लीला कमेटी में सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। विधायक धनेश अदलखा ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। निर्देशक हरीश चंद्र आजाद के अनुसार, जनक दरबार में अनेक राजा शिव धनुष नहीं उठा सके। इसके बाद भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से धनुष तोड़ा और सीता से विवाह हुआ। लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। राम बारात की धूमधाम से प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। वहीं सेक्टर-3 की रामलीला दशहरा कमेटी ने पहले दिन नारद मोह लीला का मंचन किया। वहीं, पाली चौक स्थित कुमाऊं सांस्कृतिक मंडल की रामलीला के दूसरे दिन ताड़का वध, मारीच-सुबाहु वध और पुष्पवाटिका के प्रसंग दिखाए गए। विधायक सतीश फागना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन
सेक्टर-21सी के कम्युनिटी सेंटर में भगवान परशुराम रामलीला समिति (अरावली नगर) की ओर से श्री रामलीला महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। श्रीधाम वृंदावन की मंडली बालकांड और अरण्यकांड के प्रसंगों को चौपाइयों, दोहों और भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से सुना रही है। मंच संचालन राजेश शर्मा कर रहे हैं। कार्यक्रम में समिति के प्रधान सुरेश शर्मा, नरेश गंभीर, हेमेंद्र बंसल, सुजीत पांडेय और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सोनिया चौक पर स्थित स्वर्ण कला रामलीला में तड़का वध का मंचन किया गया। फोटो स्वयं