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Faridabad News: नोएडा के ध्यानार्थ एफएनजी परियोजना का नए सिरे से सर्वे शुरू
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3 फोटो-
- नोएडा की कंसल्टेंट एजेंसी एमएसवी को सौंपा गया डीपीआर बनाने का कार्य
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। जिले में वर्षों से लंबित फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) परियोजना को जल्द पंख लगने वाले हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से नए सिरे से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के लिए नोएडा की एमएसवी कंपनी को कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त किया गया है। एजेंसी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है, पांच माह में विभाग को सौंपेगी। इसके बाद परियोजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। इससे जिले के तीन लाख लोगों को फायदा होगा।
शहर से रोजाना हजारों लोग नौकरी व अन्य कामों के चलते नोएडा-गाजियाबाद आवाजाही करते हैं। नोएडा और फरीदाबाद के बीच यमुना नदी आती है। इस कारण दो राज्यों के बीच अभी कोई सीधी सड़क नहीं है, जिससे लोगों को सड़क मार्ग से कालिंदीकुंज होकर नोएडा जाना पड़ता है। लेकिन, आगरा कैनाल के साथ बनी एक मात्र सड़क होने के कारण यहां अक्सर भारी जाम लगा रहता है। लोगों का 10 मिनट का सफर आधे-एक घंटे में पूरा होता है। खासकर सुबह-शाम लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। वहीं दिल्ली की तरफ से नोएडा जाने पर भी लोगों को भारी ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। मेट्रो से नोएडा जाने पर करीब-करीब ढाई घंटे लग जाते हैं। इससे लोग बेहद परेशान हैं। एफएनजी परियोजना के सिरे चढ़ने से दो राज्यों के बीच की दूरी मात्र 20 मिनट में सिमट जाएगी। वहीं शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। नई-नई कंपनियां निवेश के लिए आगे आएंगी। अनेक बिल्डर प्रोजेक्ट निवेश के लिए आगे आएंगे।
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एनएचएआई पहले करवा चुकी है सर्वे
एफएनजी परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए पांच वर्ष पहले एनएचएआई भी सर्वे करवा चुकी है। डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी गई थी, लंबे समय तक विचार के बाद सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब परियोजना को एक बार फिर सिरे चढ़ाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग की ओर से नए सिरे से सर्वे कराने के लिए टेंडर छोड़ा गया था। अब विभाग की ओर से नोएडा की एमएसवी कंपनी को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। एजेंसी 4 से 5 माह में सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार करके रिपोर्ट सौंपेगी।
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एफएनजी सरकार के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में शामिल
एफएनजी परियोजना को प्रदेश सरकार ने अपने फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में शामिल किया है। परियोजना में हो रही अनावश्यक देरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेढ़ वर्ष पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा की थी। सीएम ने अधिकारियों को समस्त विवाद सुलझाने कर काम शुरू करने के आदेश दिए थे। पिछले वर्ष फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग अधिकारियों ने मौके पर जाकर संभावित रूट का निरीक्षण किया था। यमुना पर बनने वाले पुल के लिए जगह चिन्हित की थी। इसके साथ हाईवे के साथ कनेक्टिविटी का निरीक्षण किया था। लेकिन, आदेश के बावजूद योजना सिरे नहीं चढ़ सकी।
बातचीत
कई उद्योग नोएडा गाजियाबाद में लगे हैं। अभी दिल्ली या केजीपी से होकर जाना पड़ता है। एफएनजी बनने से समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। -एमपी रुंगटा, एमडी, कॉसमॉस फाइबर ग्लास लिमिटेड
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एफएनजी परियोजना का लंबे समय से इंतजार है। परियोजना पूरी होने से शहर में निवेश बढ़ेगा। फरीदाबाद के विकास को गति मिलेगी। जिले को विश्वस्तरीय तर्ज पर अलग पहचान मिलेगी। - अमन गुप्ता, निदेशक, आरपीएस रियल एस्टेट ग्रुप
सर्वे का काम शुरू किया
एफएनजी परियोजना को लेकर एक बार फिर सर्वे का काम एजेंसी को सौंपा गया है। एजेंसी करीब पांच माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। डीपीआर तैयार कर परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। - प्रदीप संधू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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- नोएडा की कंसल्टेंट एजेंसी एमएसवी को सौंपा गया डीपीआर बनाने का कार्य
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। जिले में वर्षों से लंबित फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) परियोजना को जल्द पंख लगने वाले हैं। लोक निर्माण विभाग की ओर से नए सिरे से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाने के लिए नोएडा की एमएसवी कंपनी को कंसल्टेंट एजेंसी नियुक्त किया गया है। एजेंसी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है, पांच माह में विभाग को सौंपेगी। इसके बाद परियोजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। इससे जिले के तीन लाख लोगों को फायदा होगा।
शहर से रोजाना हजारों लोग नौकरी व अन्य कामों के चलते नोएडा-गाजियाबाद आवाजाही करते हैं। नोएडा और फरीदाबाद के बीच यमुना नदी आती है। इस कारण दो राज्यों के बीच अभी कोई सीधी सड़क नहीं है, जिससे लोगों को सड़क मार्ग से कालिंदीकुंज होकर नोएडा जाना पड़ता है। लेकिन, आगरा कैनाल के साथ बनी एक मात्र सड़क होने के कारण यहां अक्सर भारी जाम लगा रहता है। लोगों का 10 मिनट का सफर आधे-एक घंटे में पूरा होता है। खासकर सुबह-शाम लोगों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। वहीं दिल्ली की तरफ से नोएडा जाने पर भी लोगों को भारी ट्रैफिक में फंसना पड़ता है। मेट्रो से नोएडा जाने पर करीब-करीब ढाई घंटे लग जाते हैं। इससे लोग बेहद परेशान हैं। एफएनजी परियोजना के सिरे चढ़ने से दो राज्यों के बीच की दूरी मात्र 20 मिनट में सिमट जाएगी। वहीं शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी। नई-नई कंपनियां निवेश के लिए आगे आएंगी। अनेक बिल्डर प्रोजेक्ट निवेश के लिए आगे आएंगे।
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एनएचएआई पहले करवा चुकी है सर्वे
एफएनजी परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए पांच वर्ष पहले एनएचएआई भी सर्वे करवा चुकी है। डीपीआर तैयार कर सरकार को भेजी गई थी, लंबे समय तक विचार के बाद सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब परियोजना को एक बार फिर सिरे चढ़ाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग की ओर से नए सिरे से सर्वे कराने के लिए टेंडर छोड़ा गया था। अब विभाग की ओर से नोएडा की एमएसवी कंपनी को कंसल्टेंट नियुक्त किया गया है। एजेंसी 4 से 5 माह में सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार करके रिपोर्ट सौंपेगी।
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एफएनजी सरकार के फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में शामिल
एफएनजी परियोजना को प्रदेश सरकार ने अपने फ्लैगशिप प्रोजेक्ट में शामिल किया है। परियोजना में हो रही अनावश्यक देरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने डेढ़ वर्ष पहले अधिकारियों के साथ समीक्षा की थी। सीएम ने अधिकारियों को समस्त विवाद सुलझाने कर काम शुरू करने के आदेश दिए थे। पिछले वर्ष फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग अधिकारियों ने मौके पर जाकर संभावित रूट का निरीक्षण किया था। यमुना पर बनने वाले पुल के लिए जगह चिन्हित की थी। इसके साथ हाईवे के साथ कनेक्टिविटी का निरीक्षण किया था। लेकिन, आदेश के बावजूद योजना सिरे नहीं चढ़ सकी।
बातचीत
कई उद्योग नोएडा गाजियाबाद में लगे हैं। अभी दिल्ली या केजीपी से होकर जाना पड़ता है। एफएनजी बनने से समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। -एमपी रुंगटा, एमडी, कॉसमॉस फाइबर ग्लास लिमिटेड
एफएनजी परियोजना का लंबे समय से इंतजार है। परियोजना पूरी होने से शहर में निवेश बढ़ेगा। फरीदाबाद के विकास को गति मिलेगी। जिले को विश्वस्तरीय तर्ज पर अलग पहचान मिलेगी। - अमन गुप्ता, निदेशक, आरपीएस रियल एस्टेट ग्रुप
सर्वे का काम शुरू किया
एफएनजी परियोजना को लेकर एक बार फिर सर्वे का काम एजेंसी को सौंपा गया है। एजेंसी करीब पांच माह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। डीपीआर तैयार कर परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। - प्रदीप संधू, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग