{"_id":"6a3c154b77858c11cf0b6d74","slug":"fresh-business-ideas-will-emerge-from-school-benches-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-73156-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: स्कूल की बेंच से निकलेंगे नए-नए बिजनेस आइडिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: स्कूल की बेंच से निकलेंगे नए-नए बिजनेस आइडिया
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों के छात्र सीखेंगे स्टार्टअप का मंत्र, कुशल बिजनेस चैलेंज 3.0 की होगी शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे स्कूल की बेंच पर बैठकर ही नए-नए बिजनेस आइडियाज पर काम करते नजर आएंगे। शिक्षा विभाग ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले में कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी) को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में रट्टा मारने की प्रवृत्ति को खत्म कर उन्हें व्यावहारिक कौशल सिखाना है।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए जिले के स्कूलों में छात्रों के लिए मेंटर चयन की प्रक्रिया चल रही है। योजना के तहत जिले के प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 4 और सेकेंडरी स्कूल से 2 शिक्षकों को मेंटर के रूप में चुना जा रहा है। यही शिक्षक आगे चलकर बच्चों के बिजनेस गुरु बनेंगे और उनके आइडियाज को तराशेंगे। इसका फायदा सभी स्ट्रीम के छात्रों को मिलेगा। आर्ट्स और साइंस के बच्चों को भी रिस्क मैनेजमेंट और नए आइडिया पर काम करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के 5-5 सदस्यों वाले ग्रुप बनाए जाएंगे। ये ग्रुप मिलकर किसी एक आइडिया पर काम करेंगे, जिससे बच्चों में टीम-वर्क की भावना पैदा होगी। ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर की इस प्रतियोगिता में जिन छात्रों के आइडिया सबसे बेहतरीन होंगे, उन्हें सरकार खुद का स्टार्टअप शुरू करने के लिए फंड और मदद देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे स्कूल की बेंच पर बैठकर ही नए-नए बिजनेस आइडियाज पर काम करते नजर आएंगे। शिक्षा विभाग ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत जिले में कुशल बिजनेस चैलेंज (केबीसी) को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में रट्टा मारने की प्रवृत्ति को खत्म कर उन्हें व्यावहारिक कौशल सिखाना है।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए जिले के स्कूलों में छात्रों के लिए मेंटर चयन की प्रक्रिया चल रही है। योजना के तहत जिले के प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 4 और सेकेंडरी स्कूल से 2 शिक्षकों को मेंटर के रूप में चुना जा रहा है। यही शिक्षक आगे चलकर बच्चों के बिजनेस गुरु बनेंगे और उनके आइडियाज को तराशेंगे। इसका फायदा सभी स्ट्रीम के छात्रों को मिलेगा। आर्ट्स और साइंस के बच्चों को भी रिस्क मैनेजमेंट और नए आइडिया पर काम करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
विज्ञापन
स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों के 5-5 सदस्यों वाले ग्रुप बनाए जाएंगे। ये ग्रुप मिलकर किसी एक आइडिया पर काम करेंगे, जिससे बच्चों में टीम-वर्क की भावना पैदा होगी। ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर की इस प्रतियोगिता में जिन छात्रों के आइडिया सबसे बेहतरीन होंगे, उन्हें सरकार खुद का स्टार्टअप शुरू करने के लिए फंड और मदद देगी।
विज्ञापन