{"_id":"6a076a9c9ec05cfee2046f0f","slug":"fraud-through-fraudulent-land-registration-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-70050-2026-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी
विज्ञापन
बल्लभगढ़। जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इंदौर निवासी राजेश हजारी समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव बड़ौली निवासी मदन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2007 में सुरेन्द्र निवासी ढहकोला और संजय निवासी भैंसरावली उसके पास कबूलपुर पट्टी महताब स्थित 17 कनाल 9 मरले जमीन बेचने का प्रस्ताव लेकर आए थे। सौदा तय होने के बाद उसने आशा राय को करीब सात लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद 17 जुलाई 2007 को जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम कर दी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में जब वह मौके पर पहुंचा तो पता चला कि उक्त जमीन पर गैर मरुसी कब्जेदार पहले से मौजूद हैं और वहां खेती कर रहे हैं। आरोप है कि सुरेन्द्र, संजय और आशा राय ने यह महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर उसके साथ धोखाधड़ी की। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सात लाख रुपये वापस कर दिए और मूल रजिस्ट्री दस्तावेज भी ले लिए, जिसके बाद उसका उस जमीन से कोई संबंध नहीं रहा। उनको दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि आरोपियों ने साजिश के तहत उसके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर 13 नवंबर 2013 की एक फर्जी रजिस्ट्री तैयार की, जिसे इंदौर निवासी राजेश हजारी के नाम दर्शाया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों में उसके हस्ताक्षर और अंगूठे का गलत इस्तेमाल किया गया तथा किसी अन्य व्यक्ति को उसके स्थान पर पेश कर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराई गई। मामले में आरएस भाटी, नरेंद्र शर्मा और एमके गौर समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। संवाद
विज्ञापन
गांव बड़ौली निवासी मदन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2007 में सुरेन्द्र निवासी ढहकोला और संजय निवासी भैंसरावली उसके पास कबूलपुर पट्टी महताब स्थित 17 कनाल 9 मरले जमीन बेचने का प्रस्ताव लेकर आए थे। सौदा तय होने के बाद उसने आशा राय को करीब सात लाख रुपये का भुगतान किया था। इसके बाद 17 जुलाई 2007 को जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम कर दी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में जब वह मौके पर पहुंचा तो पता चला कि उक्त जमीन पर गैर मरुसी कब्जेदार पहले से मौजूद हैं और वहां खेती कर रहे हैं। आरोप है कि सुरेन्द्र, संजय और आशा राय ने यह महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर उसके साथ धोखाधड़ी की। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने सात लाख रुपये वापस कर दिए और मूल रजिस्ट्री दस्तावेज भी ले लिए, जिसके बाद उसका उस जमीन से कोई संबंध नहीं रहा। उनको दस्तावेजों की जांच कराने पर पता चला कि आरोपियों ने साजिश के तहत उसके नाम और फोटो का दुरुपयोग कर 13 नवंबर 2013 की एक फर्जी रजिस्ट्री तैयार की, जिसे इंदौर निवासी राजेश हजारी के नाम दर्शाया गया। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों में उसके हस्ताक्षर और अंगूठे का गलत इस्तेमाल किया गया तथा किसी अन्य व्यक्ति को उसके स्थान पर पेश कर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराई गई। मामले में आरएस भाटी, नरेंद्र शर्मा और एमके गौर समेत अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। संवाद
विज्ञापन