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सूरजकुंड मेले का फर्जी पास बनाने वाले चार आरोपी गिरफ्तार
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फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले के लिए फर्जी पहचान पत्र (पास) बनाने के आरोप में पुलिस ने चार आरोपी रवि, तनुज, शिवम और इंद्रवीर को गिरफ्तार किया है। आरोपी हस्तशिल्प कलाकारों समेत उसके स्टॉल पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए बल्लभगढ़ स्थित एक साइबर कैफे से पास बनाते थे। सभी पास पर एक ही क्यूआर कोड होता था। पर्यटन विभाग के मुख्य मेला प्रशासक द्वारा की गई जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। फिलहाल, सूरजकुंड थाना पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग के मुख्य मेला प्रशासक प्रताप शर्मा ने सूरजकुंड मेले में एक शिकायत दी थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि मेले में स्टॉल पर दो लोगों के ही काम करने की इजाजत है। लेकिन, जब कुछ स्टॉल की जांच की गई तो दो से अधिक कर्मचारी काम करते नजर आए। इसके बाद उनके पहचान पत्र की जांच की गई तो नकली निकला। पहचान पत्र पर एक क्यूआर कोड रहता है, जोकि हर एक पहचान पत्र पर अलग-अलग रहता है। लेकिन जब स्टॉल नंबर 998, 365 व 825 पर काम कर रहे पांच कर्मचारियों के पहचान पत्र की जांच की गई तो सभी का क्यूआर कोड एक ही था।
सूबे सिंह ने बताया कि मुख्य मेला प्रशासक की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू की गई। इसमें चारों आरोपी की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी पहचान पत्र बल्लभगढ़ स्थित एक साइबर कैफे से बनाते हैं। इसके एवज में हस्तशिल्प कलाकारों से 800 से 1000 रुपये लेते थे।
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मुख्य आरोपी है रवि
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी रवि है। वह सूरजकुंड मेले में काम करता है और काफी समय से सूरजकुंड मेले का फर्जी पहचान पत्र बनाता था। हस्तशिल्प कलाकारों से संपर्क कर, उनसे राशि लेकर बल्लभगढ़ साइबर कैफे भेज देता था। साबइर कैफे संचालक उसका फर्जी पहचान पत्र बना देता था।
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पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग के मुख्य मेला प्रशासक प्रताप शर्मा ने सूरजकुंड मेले में एक शिकायत दी थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि मेले में स्टॉल पर दो लोगों के ही काम करने की इजाजत है। लेकिन, जब कुछ स्टॉल की जांच की गई तो दो से अधिक कर्मचारी काम करते नजर आए। इसके बाद उनके पहचान पत्र की जांच की गई तो नकली निकला। पहचान पत्र पर एक क्यूआर कोड रहता है, जोकि हर एक पहचान पत्र पर अलग-अलग रहता है। लेकिन जब स्टॉल नंबर 998, 365 व 825 पर काम कर रहे पांच कर्मचारियों के पहचान पत्र की जांच की गई तो सभी का क्यूआर कोड एक ही था।
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सूबे सिंह ने बताया कि मुख्य मेला प्रशासक की शिकायत पर मामला दर्जकर जांच शुरू की गई। इसमें चारों आरोपी की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी पहचान पत्र बल्लभगढ़ स्थित एक साइबर कैफे से बनाते हैं। इसके एवज में हस्तशिल्प कलाकारों से 800 से 1000 रुपये लेते थे।
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मुख्य आरोपी है रवि
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी रवि है। वह सूरजकुंड मेले में काम करता है और काफी समय से सूरजकुंड मेले का फर्जी पहचान पत्र बनाता था। हस्तशिल्प कलाकारों से संपर्क कर, उनसे राशि लेकर बल्लभगढ़ साइबर कैफे भेज देता था। साबइर कैफे संचालक उसका फर्जी पहचान पत्र बना देता था।