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Faridabad News: भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहा करेहड़ा का पूर्व सरपंच गिरफ्तार
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हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद से था फरार, राज्य सतर्कता ब्यूरो की टीम ने दबोचा
संवाद न्यूज़ एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने नगीना खंड की ग्राम पंचायत करेहड़ा के पूर्व सरपंच रामपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामपाल लंबे समय से भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहा था।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह भूमिगत हो गया था। ब्यूरो ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे सोमवार को गिरफ्तार किया। मंगलवार 14 अक्तूबर को उसे न्यायालय नूंह में पेश किया, जहां अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत करेहड़ा के तत्कालीन सरपंच रामपाल के शैक्षिक दस्तावेज फर्जी थे, जिनकी जांच एसडीएम फिरोजपुर झिरका के समक्ष चल रही थी। अपने पक्ष में विभागीय जांच का निर्णय करवाने के लिए रामपाल ने रिश्वत की पेशकश की थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी ने एसडीएम फिरोजपुर झिरका से अपने पक्ष में सिफारिश करवाने के लिए 4 लाख की रिश्वत देने की बात कही थी।
जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम सचिव हसीन ने शिकायतकर्ता को बताया कि यह रकम तत्कालीन एसडीएम के लिए मांगी जा रही है। राज्य सतर्कता ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने इस पर जाल बिछाया और ग्राम सचिव हसीन को तीन लाख रुपये की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। ग्राम सचिव हसीन के गिरफ्तार होने के सात माह बाद एसीबी के 50000 रुपये के फरार आरोपी प्रदीप स्टेनो ने नूंह की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। जहां पुलिस रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के इस मामले पर नकल कसी जा रही है। फर्जी शैक्षणिक मामले को सरपंच के पक्ष में करने के मामले में भ्रष्टाचार को लेकर में यह तीसरी गिरफ्तारी एसीबी द्वारा कर गई है। लोगों का कहना है कि इस मामले में तत्कालीन किसी बड़े अधिकारी के शामिल होने का भी अंदेशा है।
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फोटो: एसीबी की गिरफ्त में पूर्व सरपंच रामपाल।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने नगीना खंड की ग्राम पंचायत करेहड़ा के पूर्व सरपंच रामपाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामपाल लंबे समय से भ्रष्टाचार के मामले में फरार चल रहा था।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद वह भूमिगत हो गया था। ब्यूरो ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद उसे सोमवार को गिरफ्तार किया। मंगलवार 14 अक्तूबर को उसे न्यायालय नूंह में पेश किया, जहां अदालत ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। ब्यूरो के अनुसार, यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत करेहड़ा के तत्कालीन सरपंच रामपाल के शैक्षिक दस्तावेज फर्जी थे, जिनकी जांच एसडीएम फिरोजपुर झिरका के समक्ष चल रही थी। अपने पक्ष में विभागीय जांच का निर्णय करवाने के लिए रामपाल ने रिश्वत की पेशकश की थी। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी ने एसडीएम फिरोजपुर झिरका से अपने पक्ष में सिफारिश करवाने के लिए 4 लाख की रिश्वत देने की बात कही थी।
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जांच के दौरान सामने आया कि ग्राम सचिव हसीन ने शिकायतकर्ता को बताया कि यह रकम तत्कालीन एसडीएम के लिए मांगी जा रही है। राज्य सतर्कता ब्यूरो, गुरुग्राम की टीम ने इस पर जाल बिछाया और ग्राम सचिव हसीन को तीन लाख रुपये की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। ग्राम सचिव हसीन के गिरफ्तार होने के सात माह बाद एसीबी के 50000 रुपये के फरार आरोपी प्रदीप स्टेनो ने नूंह की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। जहां पुलिस रिमांड के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के इस मामले पर नकल कसी जा रही है। फर्जी शैक्षणिक मामले को सरपंच के पक्ष में करने के मामले में भ्रष्टाचार को लेकर में यह तीसरी गिरफ्तारी एसीबी द्वारा कर गई है। लोगों का कहना है कि इस मामले में तत्कालीन किसी बड़े अधिकारी के शामिल होने का भी अंदेशा है।
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फोटो: एसीबी की गिरफ्त में पूर्व सरपंच रामपाल।