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Faridabad News: अरावली क्षेत्र में 700 छोटे-बड़े फार्म हाउस और इमारतों को ध्वस्त करेगा वन विभाग
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वन विभाग ने अवैध फार्म हाउस के खिलाफ कार्रवाई की तेज, बैठक के बाद लिया जाएगा फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वन विभाग ने फरीदाबाद के वन क्षेत्र की जमीन पर बने अनखीर गोल चक्कर से लेकर लक्कड़पुर तक बाएं तरफ बने अवैध फार्म हाउस के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यहां ऐसे कई निजी शिक्षण संस्थान और सोसाइटियां हैं, जो वन विभाग की जमीन पर बनी हुई हैं।
जिला स्तरीय कमेटी लगभग अधिकतर फार्म हाउसों पर कार्रवाई करने को लेकर फैसला ले चुकी है। वहीं, करीब 14 से 15 मामले ऐसे हैं, जिसकी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। इस संबंध में अगले सप्ताह कमेटी के साथ विभाग की बैठक होनी है। वन विभाग को अरावली वन क्षेत्र में अवैध रूप से बने करीब 700 से ज्यादा छोटे बड़े फार्म हाउस सहित शिक्षण संस्थान और सोसाइटी पर कार्रवाई करनी है। विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर वन विभाग और जिला प्रशासन ने फार्म हाउसों की सूची तैयार कर ली थी और बिजली विभाग को कनेक्शन काटने का आदेश दिया गया था। बिजली विभाग ने कर्मचारियों की 20 टीम बनाकर कार्रवाई की योजना बनाई थी लेकिन चुनाव की घोषणा होने के बाद फार्म हाउसों पर कार्रवाई अधर में लटक गई।
अरावली वन क्षेत्र और पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम 1900 (पीएलपीए) के तहत नोटिफाइड एरिया में बने सभी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ कार्रवाई की जाएगी। जिले में 5430 हेक्टेयर में पीएलपीए नोटिफाइड एरिया है। इनमें से करीब 500 हेक्टेयर में अवैध निर्माण हैं। वन विभाग के नोटिस देने के बाद तीन साल तक मामले की सुनवाई कोर्ट में चली और फैसला आने के बाद फार्म हाउस संचालकों में हड़कंप मच गया। फार्म हाउस संचालकों ने पुनर्विचार याचिका कोर्ट में डाली लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पीएलपीए नोटिफाइड एरिया सबसे अधिक बड़खल, अनखीर, मांगर, पाली, कटन पहाड़ी, मेवला महराजपुर, अनंगपुर, धौज मोहब्ताबाद आदि इलाकों तक फैला है।
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तीन साल पहले तोड़ी गई थी खोरी
अरावली वन क्षेत्र में स्थित नगर निगम की जमीन को सक्रिय भू माफियाओं ने अवैध रूप से बेचकर पूरी एक बस्ती बसा थी दी। खोरी गांव में करीब पांच हजार से अधिक लोग घर बनाकर रह रहे थे। जमीन को खाली कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया और नगर निगम प्रशासक को जमीन को खाली कराने का आदेश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। आदेश की पालना करते हुए नगर निगम प्रशासक ने जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस प्रशासन के सहयोग से करीब 80 एकड़ में बने पांच हजार घरों को तोड़ने का अभियान शुरू किया। जून 2021 में नगर निगम अधिकारियों ने करीब 22 दिन लगातार खोरी में तोड़फोड़ करने के बाद पांच हजार घरों को ध्वस्त किया था और 80 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त कराकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से अरावली क्षेत्र में राजनेताओं एवं नौकरशाहों के बने फार्म हाउस, बैंक्वेट हॉल पर कार्रवाई होने को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्योंकि यहां अधिकांश फार्म हाउस व बैंक्वेट हाॅल सत्ताधारी व विपक्षी नेताओं और नौकरशाहों के हैं। हालांकि, अब नगर निगम चुनाव भी सिर पर है। ऐसे में इस बात का संशय बना है कि क्या प्रशासन इन सभी पर कार्रवाई कर पाएगा या चुनाव का हवाला देते हुए फिर से कार्रवाई रोकी जाएगी।
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वन क्षेत्र में अवैध रूप से बने फार्म हाउसों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। हाल में एक बैठक होनी है। इसके बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि कितने फार्म हाउसों, बैंक्वेट हाॅल सहित शिक्षण संस्थान पर कार्रवाई होनी है। विभाग की ओर से कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। - जलकार सिंह, जिला वन विभाग अधिकारी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। वन विभाग ने फरीदाबाद के वन क्षेत्र की जमीन पर बने अनखीर गोल चक्कर से लेकर लक्कड़पुर तक बाएं तरफ बने अवैध फार्म हाउस के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यहां ऐसे कई निजी शिक्षण संस्थान और सोसाइटियां हैं, जो वन विभाग की जमीन पर बनी हुई हैं।
जिला स्तरीय कमेटी लगभग अधिकतर फार्म हाउसों पर कार्रवाई करने को लेकर फैसला ले चुकी है। वहीं, करीब 14 से 15 मामले ऐसे हैं, जिसकी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई करेगा। इस संबंध में अगले सप्ताह कमेटी के साथ विभाग की बैठक होनी है। वन विभाग को अरावली वन क्षेत्र में अवैध रूप से बने करीब 700 से ज्यादा छोटे बड़े फार्म हाउस सहित शिक्षण संस्थान और सोसाइटी पर कार्रवाई करनी है। विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर वन विभाग और जिला प्रशासन ने फार्म हाउसों की सूची तैयार कर ली थी और बिजली विभाग को कनेक्शन काटने का आदेश दिया गया था। बिजली विभाग ने कर्मचारियों की 20 टीम बनाकर कार्रवाई की योजना बनाई थी लेकिन चुनाव की घोषणा होने के बाद फार्म हाउसों पर कार्रवाई अधर में लटक गई।
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अरावली वन क्षेत्र और पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम 1900 (पीएलपीए) के तहत नोटिफाइड एरिया में बने सभी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ कार्रवाई की जाएगी। जिले में 5430 हेक्टेयर में पीएलपीए नोटिफाइड एरिया है। इनमें से करीब 500 हेक्टेयर में अवैध निर्माण हैं। वन विभाग के नोटिस देने के बाद तीन साल तक मामले की सुनवाई कोर्ट में चली और फैसला आने के बाद फार्म हाउस संचालकों में हड़कंप मच गया। फार्म हाउस संचालकों ने पुनर्विचार याचिका कोर्ट में डाली लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पीएलपीए नोटिफाइड एरिया सबसे अधिक बड़खल, अनखीर, मांगर, पाली, कटन पहाड़ी, मेवला महराजपुर, अनंगपुर, धौज मोहब्ताबाद आदि इलाकों तक फैला है।
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तीन साल पहले तोड़ी गई थी खोरी
अरावली वन क्षेत्र में स्थित नगर निगम की जमीन को सक्रिय भू माफियाओं ने अवैध रूप से बेचकर पूरी एक बस्ती बसा थी दी। खोरी गांव में करीब पांच हजार से अधिक लोग घर बनाकर रह रहे थे। जमीन को खाली कराने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इस मामले पर संज्ञान लिया और नगर निगम प्रशासक को जमीन को खाली कराने का आदेश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। आदेश की पालना करते हुए नगर निगम प्रशासक ने जिला प्रशासन, वन विभाग और पुलिस प्रशासन के सहयोग से करीब 80 एकड़ में बने पांच हजार घरों को तोड़ने का अभियान शुरू किया। जून 2021 में नगर निगम अधिकारियों ने करीब 22 दिन लगातार खोरी में तोड़फोड़ करने के बाद पांच हजार घरों को ध्वस्त किया था और 80 एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त कराकर रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से अरावली क्षेत्र में राजनेताओं एवं नौकरशाहों के बने फार्म हाउस, बैंक्वेट हॉल पर कार्रवाई होने को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्योंकि यहां अधिकांश फार्म हाउस व बैंक्वेट हाॅल सत्ताधारी व विपक्षी नेताओं और नौकरशाहों के हैं। हालांकि, अब नगर निगम चुनाव भी सिर पर है। ऐसे में इस बात का संशय बना है कि क्या प्रशासन इन सभी पर कार्रवाई कर पाएगा या चुनाव का हवाला देते हुए फिर से कार्रवाई रोकी जाएगी।
वन क्षेत्र में अवैध रूप से बने फार्म हाउसों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। हाल में एक बैठक होनी है। इसके बाद स्थिति साफ हो जाएगी कि कितने फार्म हाउसों, बैंक्वेट हाॅल सहित शिक्षण संस्थान पर कार्रवाई होनी है। विभाग की ओर से कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। - जलकार सिंह, जिला वन विभाग अधिकारी।