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Faridabad News: कूलर की घास बनाने वाली फैक्टरी में लगी आग, एक की मौत
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शुक्रवार रात डेढ़ बजे हुआ हादसा, गंभीर हालत में झुलसे एक मजदूर को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। डबुआ थाना क्षेत्र के बाजड़ी गांव स्थित राम सिंह रोड पर शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे कूलर की घास बनाने वाली फैक्टरी में आग लग गई। इस दौरान दो मजदूर आग की चपेट में आ गए। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने एक मजदूर को गंभीर हालत में निकाला, जिसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग बुझने के बाद दूसरे मजदूर का शव बुरी तरह जली हालत में फैक्टरी के अंदर मिला। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
बाजड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कूलर बनाने वाली फैक्टरी में शुक्रवार रात छह से सात मजदूर सो रहे थे। मूलरूप से यूपी के बलरामपुर निवासी मेही उर्फ माहीलाल (50) और यूपी के बलिया निवासी महेश चंद समेत तीन मजदूर फैक्टरी के अंदर गहरी नींद सो रहे में थे और तीन मजदूर फैक्टरी के बाहर सो रहे थे। रात डेढ़ बजे बाहर सो रहे मजदूरों में से एक ने देखा कि फैक्टरी से आग की ऊंची लपटें उठ रही हैं। मजदूर ने अन्य को शोर मचाते हुए उठाने का प्रयास किया। आवाज सुनकर एक मजदूर बाहर निकलने में सफल रहा लेकिन मेही और महेश चंद फैक्टरी के अंदर ही फंस गए। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने भी अपने घरों से बाल्टी में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। श्रमिकों ने डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही डबुआ थाने की पुलिस और करीब 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने आग में फंसे रमेश चंद को गंभीर हालत में बाहर निकालकर बीके अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि फैक्टरी में आग पर काबू पाए जाने के बाद मेही के शव को बरामद किया गया।
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पांच घंटे में आग पर काबू पाया गया
पुलिस के अनुसार उन्हें रात करीब 1:35 बजे फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस की टीम महज दस मिनट में मौके पर पहुंची। करीब 1:45 तक पहले एक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। फिर दूसरी गाड़ी आई। आग बेकाबू होता देख, अन्य दमकल की गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया गया। 2:00 से 2:30 बजे के बीच करीब 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब छह बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया।
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फैक्ट्री में रखी घास से आग ने लिया विकराल रूप
एनआईटी पांच निवासी विजय कपूर इस फैक्टरी के मालिक हैं। आग की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी में आग से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मजदूर फैक्टरी में ही रहते थे। फैक्टरी में रखी घास के आग पकड़ने से स्थिति भयावह हो गई।
मेही के परिजनों को सूचना दे दी गई है। यूपी के बलरामपुर स्थित गांव बडीराम से उनके परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। फैक्टरी वैध या अवैध रूप से चल रही थी, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी फैक्टरी मालिक की तलाश की जा रही है। - यशपाल सिंह, पुलिस प्रवक्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। डबुआ थाना क्षेत्र के बाजड़ी गांव स्थित राम सिंह रोड पर शुक्रवार रात करीब 1:30 बजे कूलर की घास बनाने वाली फैक्टरी में आग लग गई। इस दौरान दो मजदूर आग की चपेट में आ गए। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने एक मजदूर को गंभीर हालत में निकाला, जिसे सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग बुझने के बाद दूसरे मजदूर का शव बुरी तरह जली हालत में फैक्टरी के अंदर मिला। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
बाजड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कूलर बनाने वाली फैक्टरी में शुक्रवार रात छह से सात मजदूर सो रहे थे। मूलरूप से यूपी के बलरामपुर निवासी मेही उर्फ माहीलाल (50) और यूपी के बलिया निवासी महेश चंद समेत तीन मजदूर फैक्टरी के अंदर गहरी नींद सो रहे में थे और तीन मजदूर फैक्टरी के बाहर सो रहे थे। रात डेढ़ बजे बाहर सो रहे मजदूरों में से एक ने देखा कि फैक्टरी से आग की ऊंची लपटें उठ रही हैं। मजदूर ने अन्य को शोर मचाते हुए उठाने का प्रयास किया। आवाज सुनकर एक मजदूर बाहर निकलने में सफल रहा लेकिन मेही और महेश चंद फैक्टरी के अंदर ही फंस गए। शोर सुनकर आसपास के लोगों ने भी अपने घरों से बाल्टी में पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। श्रमिकों ने डायल-112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही डबुआ थाने की पुलिस और करीब 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने आग में फंसे रमेश चंद को गंभीर हालत में बाहर निकालकर बीके अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। जबकि फैक्टरी में आग पर काबू पाए जाने के बाद मेही के शव को बरामद किया गया।
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पांच घंटे में आग पर काबू पाया गया
पुलिस के अनुसार उन्हें रात करीब 1:35 बजे फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस की टीम महज दस मिनट में मौके पर पहुंची। करीब 1:45 तक पहले एक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। फिर दूसरी गाड़ी आई। आग बेकाबू होता देख, अन्य दमकल की गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया गया। 2:00 से 2:30 बजे के बीच करीब 12 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद सुबह करीब छह बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया।
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फैक्ट्री में रखी घास से आग ने लिया विकराल रूप
एनआईटी पांच निवासी विजय कपूर इस फैक्टरी के मालिक हैं। आग की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। मजदूरों का आरोप है कि फैक्टरी में आग से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मजदूर फैक्टरी में ही रहते थे। फैक्टरी में रखी घास के आग पकड़ने से स्थिति भयावह हो गई।
मेही के परिजनों को सूचना दे दी गई है। यूपी के बलरामपुर स्थित गांव बडीराम से उनके परिजनों के आने के बाद शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। फैक्टरी वैध या अवैध रूप से चल रही थी, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही आरोपी फैक्टरी मालिक की तलाश की जा रही है। - यशपाल सिंह, पुलिस प्रवक्ता