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किसानों ने थाली बजाकर किया मन की बात का विरोध
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किसानों ने थाली बजाकर किया मन की बात का विरोध
फरीदाबाद। मन की बात कार्यक्रम का रविवार को गांवों में किसानों ने थालियां बजाकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए काल है। सरकार को इन्हें वापस लेना चाहिए।
गांव खेड़ीकलां में किसान सभा का आयोजन किया गया। इसमें किसान संघर्ष समिति नहर पार के संयोजक सतपाल नरवत, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष नवल सिंह, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, किसान संघर्ष समिति के सदस्य रतनलाल राणा, धर्मपाल चहल, पूर्व सरपंच जिले सिंह, फूल सिंह रूप से शामिल थे। सभा में सर्व सम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल को वापस न लेने की हठधर्मिता की घोर निंदा की।
किसान नेता सतपाल नरवत व नवल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने मन की बात तो कर रहे हैं, मगर किसानों के मन की बात सुनने का समय उनके पास समय नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों से बात करने का दिखावा कर रही है और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री कृषि कानूनों को किसानों के फायदे में बता रहे हैं। इसलिए तीनों कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल को समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत का कोई औचित्य ही नहीं बचता है। उन्होंने 25 दिसंबर को 9 करोड़ किसानों के खातों में पीएम सम्मान निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ डालने पर कहा कि यह पीएम के निजी खाते से नहीं दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांगों को मानकर आंदोलन समाप्त करवाने की बजाय आंदोलन को बदनाम करने के लिए शर्मनाक तरीके से देशभर में अभियान चला कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इस अवसर पर हरपाल सिंह, हुकम सिंह, प्रकाश चंद्र, जगदीश, मंगली राम, धर्मपाल, महेंद्र सिंह, ब्रह्मजीत, सतन सिंह पूर्व सरपंच, बिजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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फरीदाबाद। मन की बात कार्यक्रम का रविवार को गांवों में किसानों ने थालियां बजाकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के लिए काल है। सरकार को इन्हें वापस लेना चाहिए।
गांव खेड़ीकलां में किसान सभा का आयोजन किया गया। इसमें किसान संघर्ष समिति नहर पार के संयोजक सतपाल नरवत, अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष नवल सिंह, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा, किसान संघर्ष समिति के सदस्य रतनलाल राणा, धर्मपाल चहल, पूर्व सरपंच जिले सिंह, फूल सिंह रूप से शामिल थे। सभा में सर्व सम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव में केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल को वापस न लेने की हठधर्मिता की घोर निंदा की।
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किसान नेता सतपाल नरवत व नवल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने मन की बात तो कर रहे हैं, मगर किसानों के मन की बात सुनने का समय उनके पास समय नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसानों से बात करने का दिखावा कर रही है और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री कृषि कानूनों को किसानों के फायदे में बता रहे हैं। इसलिए तीनों कृषि कानूनों व बिजली संशोधन बिल को समाप्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों से बातचीत का कोई औचित्य ही नहीं बचता है। उन्होंने 25 दिसंबर को 9 करोड़ किसानों के खातों में पीएम सम्मान निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ डालने पर कहा कि यह पीएम के निजी खाते से नहीं दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि डीजल के दाम बढ़ने से किसानों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके लिए सरकार ही जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की मांगों को मानकर आंदोलन समाप्त करवाने की बजाय आंदोलन को बदनाम करने के लिए शर्मनाक तरीके से देशभर में अभियान चला कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इस अवसर पर हरपाल सिंह, हुकम सिंह, प्रकाश चंद्र, जगदीश, मंगली राम, धर्मपाल, महेंद्र सिंह, ब्रह्मजीत, सतन सिंह पूर्व सरपंच, बिजेंद्र आदि मौजूद रहे।