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Faridabad News: हाईटेंशन लाइन मुआवजा नीति के विरोध में 11 गांवों के किसानों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
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हाई टेंशन लाइन मुआवजा नीति के विरोध में 11 गांवों के किसानों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन। स्रोत
किसानों बोले- हाईटेंशन लाइन से करोड़ों की जमीन हुई बेकार, चाहिए उचित मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। किसानों के खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइनों और मुआवजा नीति में बदलाव को लेकर सोमवार को जिले के 11 गांवों के किसानों ने डीसी फरीदाबाद को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी में बार-बार बदलाव कर किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि पहले ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ किसान संगठनों की बैठक में यह तय हुआ था कि हाई टेंशन लाइन से जुड़े मामलों में एक वैल्यूअर किसान पक्ष से और एक पावर ग्रिड की तरफ से नियुक्त किया जाएगा। लेकिन 29 तारीख को पॉलिसी में बदलाव कर सरकार के वैल्यूअर को भी शामिल कर दिया, जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिलने की उम्मीद कम हो गई है।
वर्तमान समय में उनकी जमीनों की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये तक है, लेकिन खेतों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरने के बाद जमीन की कीमत घटकर करीब एक करोड़ रुपये रह जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को मौजूदा बाजार दर के हिसाब से किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। किसान, परविंदर
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लड़ौली, बहावलपुर, फतेहपुर, पहलादपुर, तिगांव, दयालपुर, बुखारपुर, नवादा और नीमका सहित 11 गांवों के किसान डीसी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। सरकार को पॉलिसी में बार-बार बदलाव कर किसानों को नुकसान पहुंचाने की बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसान, अरविंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। किसानों के खेतों के ऊपर से गुजरने वाली हाई टेंशन लाइनों और मुआवजा नीति में बदलाव को लेकर सोमवार को जिले के 11 गांवों के किसानों ने डीसी फरीदाबाद को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा बनाई गई पॉलिसी में बार-बार बदलाव कर किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
किसानों ने बताया कि पहले ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ किसान संगठनों की बैठक में यह तय हुआ था कि हाई टेंशन लाइन से जुड़े मामलों में एक वैल्यूअर किसान पक्ष से और एक पावर ग्रिड की तरफ से नियुक्त किया जाएगा। लेकिन 29 तारीख को पॉलिसी में बदलाव कर सरकार के वैल्यूअर को भी शामिल कर दिया, जिससे किसानों को उचित मुआवजा मिलने की उम्मीद कम हो गई है।
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वर्तमान समय में उनकी जमीनों की कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये तक है, लेकिन खेतों के ऊपर से हाई टेंशन लाइन गुजरने के बाद जमीन की कीमत घटकर करीब एक करोड़ रुपये रह जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार को मौजूदा बाजार दर के हिसाब से किसानों को उचित मुआवजा देना चाहिए। किसान, परविंदर
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लड़ौली, बहावलपुर, फतेहपुर, पहलादपुर, तिगांव, दयालपुर, बुखारपुर, नवादा और नीमका सहित 11 गांवों के किसान डीसी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। सरकार को पॉलिसी में बार-बार बदलाव कर किसानों को नुकसान पहुंचाने की बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसान, अरविंद