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सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल: जिस संदिग्ध ISI एजेंट की NIA को तलाश, वह कई बार आया अल-फलाह; आतंकी डॉ. उमर से थी दोस्ती
Thu, 09 Apr 2026 03:16 PM IST
Sharukh Khan
सोनू यादव, अमर उजाला, फरीदाबाद
सोनू यादव, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 09 Apr 2026 03:16 PM IST
सार
जिस संदिग्ध आईएसआई एजेंट की एनआईए को तलाश है वो कई बार फरीदाबाद के धौज स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंचा था। जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने दावा किया कि दिल्ली में लाल किले के पास आत्मघाती हमले में मारे गए डॉ. उमर से इस संदिग्ध आईएसआई एजेंट की दोस्ती थी।
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आतंकी उमर की फाइल फोटो
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
सफेदपोश आतंकी माड्यूल के बाद अब एक बार फिर से फरीदाबाद के धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी आतंकवादी कनेक्शन को लेकर चर्चा में है। पाकिस्तानी के लिए जासूसी नेटवर्क के सामने आने के बाद खुफिया विभाग व राष्ट्रीय जांच एजेंसी जिस संदिग्ध आईएसआई एजेंट कश्मीरी नागरिक की तलाश कर रही है वह कई बार अल फलाह यूनिवर्सिटी में भी आकर ठहर चुका है।
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने दावा किया कि दिल्ली में लाल किले के पास आत्मघाती हमले में मारे गए डॉ. उमर से इस संदिग्ध आईएसआई एजेंट की दोस्ती थी। अब तक की जांच में ये भी सामने आया है कि ये संदिग्ध आईएसआई एजेंट सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में बीते कई साल से हैं।
बीते लगभग 4-5 साल से ये धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में आता-जाता रहा है। यहां पर डॉ. उमर से ही इसकी गहरी दोस्ती थी। दोनों काफी समय एक साथ बिताते थे। कई बार इनके एक साथ बैठकर पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क करने का भी दावा किया जा रहा है।
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जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्र ने दावा किया कि दिल्ली में लाल किले के पास आत्मघाती हमले में मारे गए डॉ. उमर से इस संदिग्ध आईएसआई एजेंट की दोस्ती थी। अब तक की जांच में ये भी सामने आया है कि ये संदिग्ध आईएसआई एजेंट सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में बीते कई साल से हैं।
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बीते लगभग 4-5 साल से ये धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में आता-जाता रहा है। यहां पर डॉ. उमर से ही इसकी गहरी दोस्ती थी। दोनों काफी समय एक साथ बिताते थे। कई बार इनके एक साथ बैठकर पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क करने का भी दावा किया जा रहा है।
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दिल्ली धमाके व सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल को लेकर एनआईए की जांच जारी
फरीदाबाद व जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम ने 30 अक्तूबर 2025 को धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से डॉ. मुज्जमिल को गिरफ्तार किया। इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस उसे रिमांड पर लेकर यहां से चली गई।
फरीदाबाद व जम्मू कश्मीर पुलिस की टीम ने 30 अक्तूबर 2025 को धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से डॉ. मुज्जमिल को गिरफ्तार किया। इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस उसे रिमांड पर लेकर यहां से चली गई।
8 नवंबर को टीम वापस लौटी और अल फलाह यूनिवर्सिटी व आस-पास के इलाके में लगातार रेड की गई। 10 नवंबर की सुबह तक टीमों ने 2921 किलो विस्फोटक, असाल्ट राइफल, बम बनाने में प्रयोग होने वाले टाइमर समेत अन्य हथियार बरामद किए।
इसके बावजूद 10 नवंबर की शाम दिल्ली में बम धमाका हो गया। डॉ. उमर ने ये आत्मघाती धमाका किया था। केस की जांच अब एनआईए कर रही है और अब तक 11 गिरफ्तारियां केस में हो चुकी हैं। एनआईए की जांच अब भी जारी है और दो सप्ताह पहले भी एनआईए ने जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में इस मामले को लेकर रेड की हैं।
डॉ. उमर के भागने के दौरान की थी मदद
जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस व जम्मू कश्मीर पुलिस की कार्रवाई में डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई को अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद डॉ. उमर यहां से भाग गया था। वो कई दिनों तक छिपता फिरा रहा।
जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस व जम्मू कश्मीर पुलिस की कार्रवाई में डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई को अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद डॉ. उमर यहां से भाग गया था। वो कई दिनों तक छिपता फिरा रहा।
अब तक की जांच से ये माना जा रहा है कि डॉ. उमर को नूंह समेत कई इलाकों में इस दौरान छिपने और अन्य लोगों से संपर्क करने में इसी संदिग्ध आईएसआई एजेंट ने मदद की थी।
यही आईएसआई एजेंट फरीदाबाद आने के दौरान नूंह, पलवल, होडल व अन्य इलाकों में भी जाता था। यहां जाने के दौरान आरोपी इन इलाकों में रहने वाले लोगों से संपर्क बढ़ाता था ताकि समय आने पर सामान लाने- ले जाने व अन्य काम में ये लोग मदद कर सकें।
दिल्ली ब्लास्ट : पांच आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 दिन बढ़ी
लाल किला के पास हुए धमाके के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 दिन और बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत नामित विशेष अदालत (श्रीनगर) में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनजीत राय के समक्ष हुई।
लाल किला के पास हुए धमाके के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 दिन और बढ़ा दी है। मामले की सुनवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत नामित विशेष अदालत (श्रीनगर) में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनजीत राय के समक्ष हुई।
आरोपियों में जमीर अहमद अहंगर (गांदरबल), मौलवी इरफान अहमद वागे (शोपियां), डॉ. मुजम्मिल शकील गनी (पुलवामा), डॉ. अदील अहमद राथर (काजीगुंड) और शाहीन सईद (लखनऊ/फरीदाबाद) शामिल हैं। सभी आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम अदालत में पेश किया गया।