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Faridabad News: हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का डंपिंग यार्ड बना फरीदाबाद
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फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी का अरावली क्षेत्र और बार्डर के आसपास का इलाका हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने का डंपिंग यार्ड बनता जा रहा है। पिछले कई मामलों में हत्या के बाद फेंके गए शवों की पहचान कई-कई महीने बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाई है। इससे पीडितों को न्याय नहीं मिल पा रहा और आरोपी खुले आम घूम रहे हैं।
थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच भी शव मिलने के कुछेक दिन तक भागदौड़ करती है और उसके बाद फाइल नीचे दब जाती है। हाल ही में पल्ला थाना क्षेत्र के गांव बसंतपुर इलाके में युवती की हत्या कर शव खेतों के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। करीब बीस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस शव की पहचान नहीं कर पाई है। युवती के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचलकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई। हत्या करने वाले ने युवती के पास पहचान की कोई चीज नहीं छोड़ी है।
इसी साल अप्रैल माह में पुलिस लाइन से मात्र दो सौ मीटर दूरी पर बाइपास रोड किनारे सूटकेस में अर्ध नग्न व्यक्ति का शव मिला। मृतक की उम्र करीब 30 से 35 साल थी। दाएं हाथ पर रचना लिखा हुआ था। मृतक ने यूएस पोलो लिखी हुई टी-शर्ट पहनी थी, जिसपर तीन नंबर लिखा था। मृतक के कान के पास चोट के निशान थे और शव प्लास्टिक की रस्सी से बांधने के बाद पाॅलिथीन में डालकर सूटकेस में बंद कर फेंका गया। कई माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ इस केस में खाली हैं।
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इससे पहले नवंबर-2022 में अरावली पहाड़ी में एक युवक का कंकाल सूटकेस में बंद मिला था। शव का हिस्सा मिलने से तीन महीने पहले उसकी हत्या की गई थी। साथ ही शव को टुकड़े-टुकड़े करके फेंका गया। एक साल बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस ने सूटकेस में मिले सिर कटे शव के हिस्से व उसके पास से मिले कपड़ों की पहचान के लिए पलवल, नोएडा, दिल्ली समेत दिल्ली एनसीआर के अधिकांश क्षेत्रों के 200 से अधिक लोग से पूछताछ की गई।
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दिल्ली निवासी ई-रिक्शा चालक का केस सुलझा
26 फरवरी 2020 को सूरजकुंड स्थित एक फार्म हाउस के पास स्थित जंगल में पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया था। शव सूरजकुंड स्थित हेलीपैड के पास मिला था। मृतक की पहचान हो गई थी वह मोलड़बंद का रहने वाला था और प्रह्लादपुर से सूरजकुंड तक ई-रिक्शा चलाता था। पुलिस ने इस केस में हत्या का मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने भी कहा था कि शव को अरावली में ठिकाने लगाया था।
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-- -इससे पहले सामने आए मामलों में भी पहचान नहीं-
- 22 नवंबर 2011- शिवदुर्गा विहार फेस टू में कटा हुआ धड़ मिला
- 02 दिसंबर 2011- तिलपत रेंज के जंगल में बोरे में बंद युवक का शव बरामद
- 2014- शूटिंग रेंज के पास किशोरी का अधजला शव मिला
- 04 दिसंबर-2019- पाली रोड पर पेड़ पर लटका एक युवक का शव मिला
- 12 दिसंबर-2021-20 वर्षीय युवती की अरावली के जंगल में हत्या की गई
- 16 दिसंबर-2021- सूरजकुंड के जंगल में एक किशोर का शव मिला
- 24 नवंबर-2022- पाली रोड पर सूटकेस में युवक का सिर कटा शव मिला
- 26 फरवरी-2023- फार्म हाउस के पास जंगल में युवक का शव मिला
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शिनाख्त न होने से मामला सुलझाने में आती है दिक्कत
दिल्ली और नोएडा से सटा होने के कारण अपराधी इसका फायदा उठा लेते हैं। ज्यादातर इलाके में निमार्ण कार्य चलने के कारण बाहर के लोग भी काफी हैं, जो कुछ महीनों के लिए शहर में आते हैं। ऐसे में मृतकों की पहचान मुश्किल हो जाती है। पुलिस किसी भी केस को पूरी तरह से बंद नहीं करती। सभी केसों पर काम चल रहा है।
सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता
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थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच भी शव मिलने के कुछेक दिन तक भागदौड़ करती है और उसके बाद फाइल नीचे दब जाती है। हाल ही में पल्ला थाना क्षेत्र के गांव बसंतपुर इलाके में युवती की हत्या कर शव खेतों के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। करीब बीस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस शव की पहचान नहीं कर पाई है। युवती के चेहरे को पत्थर से बुरी तरह कुचलकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई। हत्या करने वाले ने युवती के पास पहचान की कोई चीज नहीं छोड़ी है।
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इसी साल अप्रैल माह में पुलिस लाइन से मात्र दो सौ मीटर दूरी पर बाइपास रोड किनारे सूटकेस में अर्ध नग्न व्यक्ति का शव मिला। मृतक की उम्र करीब 30 से 35 साल थी। दाएं हाथ पर रचना लिखा हुआ था। मृतक ने यूएस पोलो लिखी हुई टी-शर्ट पहनी थी, जिसपर तीन नंबर लिखा था। मृतक के कान के पास चोट के निशान थे और शव प्लास्टिक की रस्सी से बांधने के बाद पाॅलिथीन में डालकर सूटकेस में बंद कर फेंका गया। कई माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ इस केस में खाली हैं।
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इससे पहले नवंबर-2022 में अरावली पहाड़ी में एक युवक का कंकाल सूटकेस में बंद मिला था। शव का हिस्सा मिलने से तीन महीने पहले उसकी हत्या की गई थी। साथ ही शव को टुकड़े-टुकड़े करके फेंका गया। एक साल बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस ने सूटकेस में मिले सिर कटे शव के हिस्से व उसके पास से मिले कपड़ों की पहचान के लिए पलवल, नोएडा, दिल्ली समेत दिल्ली एनसीआर के अधिकांश क्षेत्रों के 200 से अधिक लोग से पूछताछ की गई।
दिल्ली निवासी ई-रिक्शा चालक का केस सुलझा
26 फरवरी 2020 को सूरजकुंड स्थित एक फार्म हाउस के पास स्थित जंगल में पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया था। शव सूरजकुंड स्थित हेलीपैड के पास मिला था। मृतक की पहचान हो गई थी वह मोलड़बंद का रहने वाला था और प्रह्लादपुर से सूरजकुंड तक ई-रिक्शा चलाता था। पुलिस ने इस केस में हत्या का मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने भी कहा था कि शव को अरावली में ठिकाने लगाया था।
- 22 नवंबर 2011- शिवदुर्गा विहार फेस टू में कटा हुआ धड़ मिला
- 02 दिसंबर 2011- तिलपत रेंज के जंगल में बोरे में बंद युवक का शव बरामद
- 2014- शूटिंग रेंज के पास किशोरी का अधजला शव मिला
- 04 दिसंबर-2019- पाली रोड पर पेड़ पर लटका एक युवक का शव मिला
- 12 दिसंबर-2021-20 वर्षीय युवती की अरावली के जंगल में हत्या की गई
- 16 दिसंबर-2021- सूरजकुंड के जंगल में एक किशोर का शव मिला
- 24 नवंबर-2022- पाली रोड पर सूटकेस में युवक का सिर कटा शव मिला
- 26 फरवरी-2023- फार्म हाउस के पास जंगल में युवक का शव मिला
शिनाख्त न होने से मामला सुलझाने में आती है दिक्कत
दिल्ली और नोएडा से सटा होने के कारण अपराधी इसका फायदा उठा लेते हैं। ज्यादातर इलाके में निमार्ण कार्य चलने के कारण बाहर के लोग भी काफी हैं, जो कुछ महीनों के लिए शहर में आते हैं। ऐसे में मृतकों की पहचान मुश्किल हो जाती है। पुलिस किसी भी केस को पूरी तरह से बंद नहीं करती। सभी केसों पर काम चल रहा है।
सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता