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Faridabad News: जेल में बंद कैदियों की जमानत के लिए परिवार वालों को बनाते हैं फर्जी मरीज
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फरीदाबाद के दो निजी अस्पताल, लैब के डॉक्टर, तकनीशियन व बीके अस्पताल का डॉक्टर फर्जीवाड़े में शामिल
दो महिलाएं जेल में बंद अपने बच्चों के लिए बनीं फर्जी मरीज
एसजीएम नगर थाने में दर्ज की गई एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में हत्या, दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में जेल में बंद कैदियों को जमानत दिलाने के लिए उनके परिवार वालों की बीमारी का फर्जी रेकॉर्ड बनाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। दो निजी अस्पताल, लैब प्रबंधन व बीके अस्पताल के अज्ञात डॉक्टर पर फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एसजीएम नगर थाने में सात नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में टीम कार्रवाई कर रही है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय में 20 नवंबर 2024 को एक शिकायत सेक्टर-2 निवासी जितेंद्र सिंह ने दी थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि जेल में बंद कैदियों को जमानत दिलाने के लिए उनके परिवार वालों को गलत तरीके से अस्पताल में दाखिल कराते हैं। पुरानी तारीख में उनके ओपीडी कार्ड व पूरी मेडिकल फाइल बनती है। इसके लिए एक लाख रुपये प्रति रोगी लिया जाता है और कई निजी अस्पताल व लैब में ये फर्जीवाड़ा चल रहा है। इनमें एनआईटी एरिया के दून अस्पताल, प्राची अस्पताल के भी शामिल होने का आरोप लगाया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डाॅ. मनीष के जरिये उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। डॉ. मनीष ने ही जितेंद्र को प्राची अस्पताल के मालिक बीडी मखिजा व दून अस्पताल के सह-मालिक डॉ. सचिन से मिलवाया। डॉ. मनीष ने बताया कि अदालत से वेरिफिकेशन आने पर अस्पताल का डॉ. पूरी वेरिफिकेशन करके देता है।
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दो महिलाओं की ली गई मदद
रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पूनम व सीमा नामक महिलाओं की मदद ली गई। इन दोनों महिलाओं के बच्चे नीमका जेल में बंद हैं। 23 अक्टूबर 2024 को सीमा व पूनम का अल्ट्रासाउंड परम डायग्नोस्टिक सेंटर सेक्टर-9 से और खून व छाती का एक्सरे बीके अस्पताल से कराया गया। बाद में सीमा को दून अस्पताल और पूनम को प्राची अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन सीमा व पूनम की बीके अस्पताल की रिपोर्ट सामान्य पाई गई। पूनम की फर्जी रिपोर्ट प्राची अस्पताल ने सनसाइन लैब से और सीमा की फर्जी रिपोर्ट दून अस्पताल ने शिवम डायग्नोस्टिक व दिल्ली डायग्नोस्टिक लैब से तैयार कराई।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद पूनम ने अपने बेटे रोहित की डबुआ थाने की साल 2022 की एफआईआर नंबर 237 और सीमा ने अपने बेटे आकाश की सेक्टर-8 थाने की साल 2019 की एफआईआर नंबर 317 में 29 अक्टूबर 2024 को जिला अदालत में जमानत याचिका लगाकर उसे वापस लिया गया। 30 अक्टूबर 2024 को प्राची अस्पताल में दोनों अस्पतालों की फाइल समझाने के लिए बुलाया गया। जहां पर डाॅ. बीडी मुखिजा, डाॅ. मनीष, डाॅ. सचिन व एक बीके अस्पताल का डाक्टर भी मौजूद था। इसके अलावा इस अवैध गतिविधि में डाॅ. नितिन, जावेद भी शामिल है।
शिकायत पर ऐसे शुरू हुई पुलिस की जांच
शिकायत पर अपराध शाखा सेक्टर-65 के निरीक्षक जगमिंद्र ने जांच शुरू करते हुए 20 नवंबर 2024 को दिल्ली डायग्नोस्टिक लैब, प्राची अस्पताल, दून अस्पताल, शिवम डायग्नोस्टिक लैब, सनसाइन डायग्नोस्टिक लैब को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया । साथ ही दोनों महिलाओं की जांच व इलाज से संबंधित दस्तावेज व रिपोर्ट टीम ने लिए। पूनम व सीमा नामक महिला के बयान टीम ने दर्ज किए। पूनम का बेटा रोहित दुष्कर्म के केस में और सीमा का बेटा आकाश हत्या के केस में नीमका जेल में बंद है।
मेडिकल बोर्ड से ली गई रिपोर्ट
दस्तावेज की जांच के लिए पुलिस की ओर से सीएमओ को पत्र लिखा गया। 2 अप्रैल 2025 को मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट व राय दी। इसके साथ ही जिला न्यायवादी ऑफिस से भी राय के लिए पत्र लिखा गया तो वहां से राय मिली। इसके आधार पर मामले में शनिवार 19 जुलाई को एसजीएम नगर थाने में बीएनएस की धारा 229, 318(2), 318(4), 336(2), 336(3), 340(2), 61(2), 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
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दो महिलाएं जेल में बंद अपने बच्चों के लिए बनीं फर्जी मरीज
एसजीएम नगर थाने में दर्ज की गई एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में हत्या, दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों में जेल में बंद कैदियों को जमानत दिलाने के लिए उनके परिवार वालों की बीमारी का फर्जी रेकॉर्ड बनाने का फर्जीवाड़ा सामने आया है। दो निजी अस्पताल, लैब प्रबंधन व बीके अस्पताल के अज्ञात डॉक्टर पर फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि एसजीएम नगर थाने में सात नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में टीम कार्रवाई कर रही है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय में 20 नवंबर 2024 को एक शिकायत सेक्टर-2 निवासी जितेंद्र सिंह ने दी थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि जेल में बंद कैदियों को जमानत दिलाने के लिए उनके परिवार वालों को गलत तरीके से अस्पताल में दाखिल कराते हैं। पुरानी तारीख में उनके ओपीडी कार्ड व पूरी मेडिकल फाइल बनती है। इसके लिए एक लाख रुपये प्रति रोगी लिया जाता है और कई निजी अस्पताल व लैब में ये फर्जीवाड़ा चल रहा है। इनमें एनआईटी एरिया के दून अस्पताल, प्राची अस्पताल के भी शामिल होने का आरोप लगाया गया।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डाॅ. मनीष के जरिये उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। डॉ. मनीष ने ही जितेंद्र को प्राची अस्पताल के मालिक बीडी मखिजा व दून अस्पताल के सह-मालिक डॉ. सचिन से मिलवाया। डॉ. मनीष ने बताया कि अदालत से वेरिफिकेशन आने पर अस्पताल का डॉ. पूरी वेरिफिकेशन करके देता है।
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दो महिलाओं की ली गई मदद
रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए पूनम व सीमा नामक महिलाओं की मदद ली गई। इन दोनों महिलाओं के बच्चे नीमका जेल में बंद हैं। 23 अक्टूबर 2024 को सीमा व पूनम का अल्ट्रासाउंड परम डायग्नोस्टिक सेंटर सेक्टर-9 से और खून व छाती का एक्सरे बीके अस्पताल से कराया गया। बाद में सीमा को दून अस्पताल और पूनम को प्राची अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन सीमा व पूनम की बीके अस्पताल की रिपोर्ट सामान्य पाई गई। पूनम की फर्जी रिपोर्ट प्राची अस्पताल ने सनसाइन लैब से और सीमा की फर्जी रिपोर्ट दून अस्पताल ने शिवम डायग्नोस्टिक व दिल्ली डायग्नोस्टिक लैब से तैयार कराई।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद पूनम ने अपने बेटे रोहित की डबुआ थाने की साल 2022 की एफआईआर नंबर 237 और सीमा ने अपने बेटे आकाश की सेक्टर-8 थाने की साल 2019 की एफआईआर नंबर 317 में 29 अक्टूबर 2024 को जिला अदालत में जमानत याचिका लगाकर उसे वापस लिया गया। 30 अक्टूबर 2024 को प्राची अस्पताल में दोनों अस्पतालों की फाइल समझाने के लिए बुलाया गया। जहां पर डाॅ. बीडी मुखिजा, डाॅ. मनीष, डाॅ. सचिन व एक बीके अस्पताल का डाक्टर भी मौजूद था। इसके अलावा इस अवैध गतिविधि में डाॅ. नितिन, जावेद भी शामिल है।
शिकायत पर ऐसे शुरू हुई पुलिस की जांच
शिकायत पर अपराध शाखा सेक्टर-65 के निरीक्षक जगमिंद्र ने जांच शुरू करते हुए 20 नवंबर 2024 को दिल्ली डायग्नोस्टिक लैब, प्राची अस्पताल, दून अस्पताल, शिवम डायग्नोस्टिक लैब, सनसाइन डायग्नोस्टिक लैब को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया । साथ ही दोनों महिलाओं की जांच व इलाज से संबंधित दस्तावेज व रिपोर्ट टीम ने लिए। पूनम व सीमा नामक महिला के बयान टीम ने दर्ज किए। पूनम का बेटा रोहित दुष्कर्म के केस में और सीमा का बेटा आकाश हत्या के केस में नीमका जेल में बंद है।
मेडिकल बोर्ड से ली गई रिपोर्ट
दस्तावेज की जांच के लिए पुलिस की ओर से सीएमओ को पत्र लिखा गया। 2 अप्रैल 2025 को मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट व राय दी। इसके साथ ही जिला न्यायवादी ऑफिस से भी राय के लिए पत्र लिखा गया तो वहां से राय मिली। इसके आधार पर मामले में शनिवार 19 जुलाई को एसजीएम नगर थाने में बीएनएस की धारा 229, 318(2), 318(4), 336(2), 336(3), 340(2), 61(2), 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।