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Faridabad News: उड़ने की उम्र में लड़खड़ाते कदम...नशे में डूबता बचपन

Fri, 17 Apr 2026 11:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 11:51 PM IST
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Faltering steps at the age of flying... childhood drowning in intoxication
जिला नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र में हर महीने दो से तीन नाबालिग इलाज के लिए पहुंच रहे
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समय पर काउंसलिंग और परिवार के सहयोग से बच्चों को नशे की लत से बाहर निकाला जा सकता है

बचपन की दहलीज पर नशे का साया

संवाद न्यूज एजेंसी


फरीदाबाद। नाबालिगों में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय बनती जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल में हाल ही में शुरू किए गए नशा मुक्ति केंद्र में हर महीने दो से तीन ऐसे बच्चों को उनके अभिभावक लेकर पहुंच रहे हैं, जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम है और वे किसी न किसी प्रकार के नशे के शिकार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति समाज और परिवार दोनों के लिए चेतावनी है।



नशा मुक्ति केंद्र में तैनात क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रीति यादव ने बताया कि अधिकांश बच्चे गलत संगत, जिज्ञासा और सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर नशे की ओर बढ़ते हैं। शुरुआत में यह केवल प्रयोग के तौर पर होता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत लत में बदल जाती है। ऐसे बच्चों में चिड़चिड़ापन, पढ़ाई से दूरी, व्यवहार में बदलाव और परिवार से अलगाव जैसी समस्याएं सामने आती हैं। उन्होंने बताया कि समय पर काउंसलिंग और परिवार के सहयोग से बच्चों को इस लत से बाहर निकाला जा सकता है।
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घर में चोरी करनी शुरू कर दी
एसजीएम नगर निवासी मोहन लाल ने बताया कि उनका बेटा गलत संगत के कारण गांजे की लत में पड़ गया। वह स्कूल जाने की बजाय दोस्तों के साथ समय बिताने लगा और धीरे-धीरे उसकी आदत इतनी बढ़ गई कि उसने घर में चोरी तक करनी शुरू कर दी। वहीं, डबुआ कॉलोनी निवासी राजेश, जो मूल रूप से बिहार के सिवान के रहने वाले हैं, ने बताया कि उनका बेटा दसवीं कक्षा में पढ़ता है और दोस्तों के साथ सिगरेट पीने से नशे का आदी हो गया। अचानक तबीयत खराब होने पर इस बात का पता चला। बाद में बेटे ने खुद अपनी गलती स्वीकार की और अब वह स्वेच्छा से इलाज करा रहा है।
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बच्चों के साथ नियमित बातचीत करते रहें
साइकोलॉजिस्ट प्रीति ने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ नियमित बातचीत करते रहें और उनके व्यवहार पर नजर रखें। साथ ही बच्चों को खेलकूद और सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखना भी जरूरी है, ताकि वे गलत आदतों से दूर रह सकें।


बच्चों और युवाओं के लिए विशेष काउंसलिंग और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। अभिभावक बिना झिझक ऐसे मामलों में अस्पताल की मदद लें, ताकि बच्चों को समय रहते नशे की लत से बाहर निकालकर उनका भविष्य सुरक्षित किया जा सके।-डॉ मान सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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