{"_id":"69ab27c8b1f64de94805c0d5","slug":"emphasis-on-making-water-conservation-a-mass-movement-faridabad-news-c-25-1-mwt1001-110355-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर
विज्ञापन
-, उपायुक्त ने की जल शक्ति अभियान की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मिनी सचिवालय नूंह के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को जिला उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में जल शक्ति अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संचय जन भागीदारी थीम के अंतर्गत जिले में चल रही गतिविधियों तथा पोर्टल पर दर्ज प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल शक्ति अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों और उपलब्धियों को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि जिले की वास्तविक प्रगति राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर सटीक और अद्यतन जानकारी दर्ज होना आवश्यक है, क्योंकि इसी आधार पर जिले के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है।
बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर सुधार और जल स्रोतों के पुनर्जीवन से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने गांवों में तालाबों, जोहड़ों और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा सरकारी भवनों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाने तथा पहले से बनी संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। मिनी सचिवालय नूंह के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को जिला उपायुक्त अखिल पिलानी की अध्यक्षता में जल शक्ति अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संचय जन भागीदारी थीम के अंतर्गत जिले में चल रही गतिविधियों तथा पोर्टल पर दर्ज प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल शक्ति अभियान से संबंधित सभी गतिविधियों और उपलब्धियों को नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट किया जाए, ताकि जिले की वास्तविक प्रगति राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर सटीक और अद्यतन जानकारी दर्ज होना आवश्यक है, क्योंकि इसी आधार पर जिले के कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है।
विज्ञापन
बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल स्तर सुधार और जल स्रोतों के पुनर्जीवन से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने गांवों में तालाबों, जोहड़ों और पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा सरकारी भवनों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों में वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाने तथा पहले से बनी संरचनाओं की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन