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Faridabad News: जलभराव की समस्या से राहत दिलाने की कवायद
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जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय, एचसीएस अधिकारियों की विशेष तैनाती
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बरसात के मौसम से पहले शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि इस बार मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा बहुपक्षीय रणनीति अपनाई जा रही है, जिसमें नालों की सफाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक की कार्रवाई शामिल है।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है, जहां बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के लिए विभिन्न एचसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित तौर पर अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और जल निकासी की स्थिति पर नजर रखेंगे, जिससे समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन की ओर से नगर निगम के सहयोग से सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज प्वाइंट्स की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है। जिन नालों पर अतिक्रमण पाया गया है, वहां से अवैध निर्माणों को हटाया गया है ताकि जल निकासी की प्रक्रिया बाधित न हो। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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पंपिंग स्टेशनों की बढ़ाई गई क्षमता
उपायुक्त ने यह भी बताया कि कई पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई है और खराब पंपिंग सेट्स को बदलने या उनकी मरम्मत का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी आपात स्थिति में पंपिंग सिस्टम सुचारू रूप से कार्य करें और जलभराव की स्थिति को त्वरित रूप से नियंत्रित किया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बरसात के मौसम से पहले शहरवासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि इस बार मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा बहुपक्षीय रणनीति अपनाई जा रही है, जिसमें नालों की सफाई से लेकर अतिक्रमण हटाने तक की कार्रवाई शामिल है।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि शहर के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है, जहां बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के लिए विभिन्न एचसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित तौर पर अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे और जल निकासी की स्थिति पर नजर रखेंगे, जिससे समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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प्रशासन की ओर से नगर निगम के सहयोग से सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज प्वाइंट्स की सफाई का काम तेजी से किया जा रहा है। जिन नालों पर अतिक्रमण पाया गया है, वहां से अवैध निर्माणों को हटाया गया है ताकि जल निकासी की प्रक्रिया बाधित न हो। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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पंपिंग स्टेशनों की बढ़ाई गई क्षमता
उपायुक्त ने यह भी बताया कि कई पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई गई है और खराब पंपिंग सेट्स को बदलने या उनकी मरम्मत का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी आपात स्थिति में पंपिंग सिस्टम सुचारू रूप से कार्य करें और जलभराव की स्थिति को त्वरित रूप से नियंत्रित किया जा सके।