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Faridabad News: स्पोर्ट्स फंड को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, समय पर जमा करना अनिवार्य
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- विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल हो सकता है बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा विभाग ने इस वर्ष स्पोर्ट्स फंड जमा कराने को लेकर निजी स्कूलों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा में स्पोर्ट्स फंड जमा नहीं करेंगे, उनका एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति भी नहीं मिलेगी।
शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार सभी स्कूलों को खेल प्रतियोगिताएं शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले स्पोर्ट्स फंड जमा कराना अनिवार्य है। फंड जमा करने के बाद उसकी रसीद संबंधित शिक्षा विभाग कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। सत्यापन के बाद ही स्कूलों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में करीब एक हजार सरकारी और निजी स्कूल हैं, लेकिन हर वर्ष कई निजी स्कूल स्पोर्ट्स फंड जमा कराने में देरी करते हैं। इसी को देखते हुए इस बार सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। स्पोर्ट्स फंड कक्षा अनुसार निर्धारित किया गया है। पहली से पांचवीं तक 5 रुपये, छठी से आठवीं तक 10 रुपये, नौवीं और दसवीं के लिए 30 रुपये प्रति छात्र तय हैं। वहीं 11वीं और 12वीं में संकाय के अनुसार 60 से 90 रुपये तक फंड लिया जाता है।
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शिक्षा विभाग की जिला और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 1 अगस्त से शुरू होंगी। खेल शिक्षा अधिकारी हरवीर अधाना ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद किया जाएगा और उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शिक्षा विभाग ने इस वर्ष स्पोर्ट्स फंड जमा कराने को लेकर निजी स्कूलों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल निर्धारित समय सीमा में स्पोर्ट्स फंड जमा नहीं करेंगे, उनका एमआईएस (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही ऐसे स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति भी नहीं मिलेगी।
शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार सभी स्कूलों को खेल प्रतियोगिताएं शुरू होने से कम से कम 15 दिन पहले स्पोर्ट्स फंड जमा कराना अनिवार्य है। फंड जमा करने के बाद उसकी रसीद संबंधित शिक्षा विभाग कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। सत्यापन के बाद ही स्कूलों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
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विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में करीब एक हजार सरकारी और निजी स्कूल हैं, लेकिन हर वर्ष कई निजी स्कूल स्पोर्ट्स फंड जमा कराने में देरी करते हैं। इसी को देखते हुए इस बार सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। स्पोर्ट्स फंड कक्षा अनुसार निर्धारित किया गया है। पहली से पांचवीं तक 5 रुपये, छठी से आठवीं तक 10 रुपये, नौवीं और दसवीं के लिए 30 रुपये प्रति छात्र तय हैं। वहीं 11वीं और 12वीं में संकाय के अनुसार 60 से 90 रुपये तक फंड लिया जाता है।
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शिक्षा विभाग की जिला और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं 1 अगस्त से शुरू होंगी। खेल शिक्षा अधिकारी हरवीर अधाना ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों का एमआईएस पोर्टल बंद किया जाएगा और उन्हें प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।