Faridabad News: गुरुग्राम में खड़ी रही बाइक, फरीदाबाद में कटते रहे चालान; ई-चालान ने ऐसे खुला राज
डिजिटल ट्रैफिक निगरानी प्रणाली ई-चालान ने एक अनोखे मामले का खुलासा किया है। इसमें एक बाइक मालिक के नाम पर दूसरे शहर में लगातार चालान कटते रहे। कुछ दिन पहले प्रदीप ने ऑनलाइन ई-चालान रिकॉर्ड की जांच की
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डिजिटल ट्रैफिक निगरानी के दौर में ई-चालान सिस्टम जहां नियम तोड़ने वालों पर नजर रख रहा है वहीं इसी सिस्टम ने एक ऐसे मामले का खुलासा भी किया है जिसमें एक बाइक मालिक के नाम पर दूसरे शहर में लगातार चालान कटते रहे। मामला तिगांव थाना क्षेत्र का है जहां गुरुग्राम निवासी युवक ने उसकी बुलेट बाइक के नंबर का इस्तेमाल दूसरी बाइक पर किए जाने की शिकायत पुलिस को दी है।
गुरुग्राम के थाना सदर सोहना क्षेत्र निवासी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसके पास बुलेट बाइक है। जिसका रजिस्ट्रेशन उसके भाई कपिल के नाम पर है। कुछ दिन पहले जब उसने ऑनलाइन ई-चालान रिकॉर्ड चेक किया तो पता चला कि उसकी बाइक के नंबर पर फरीदाबाद में छह चालान दर्ज हैं।
प्रदीप के अनुसार, उसकी बाइक कभी फरीदाबाद नहीं गई। लगातार चालान दर्ज होने पर उसने चालानों की कॉपी और वाहन रिकॉर्ड की जांच की। इसके बाद वह खुद जानकारी जुटाने के लिए गांव मौजाबाद मंझावली पहुंचा। शिकायत में उसने बताया कि वहां उसे एक बाइक पर उसकी बाइक का नंबर लगा दिखाई दिया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना तिगांव पुलिस ने 10 मई को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले में ई-चालान रिकॉर्ड, दोनों मोटरसाइकिलों के दस्तावेज और नंबर प्लेट से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ई-चालान रिकॉर्ड से सामने आया मामला
इस पूरे मामले में ई-चालान सिस्टम अहम कड़ी बनकर सामने आया। ऑनलाइन रिकॉर्ड देखने के दौरान ही युवक को पता चला कि उसके वाहन नंबर पर अलग-अलग स्थानों पर ट्रैफिक नियम उल्लंघन के चालान दर्ज हैं। इसके बाद उसने संबंधित दस्तावेज जुटाकर पुलिस से संपर्क किया।
वाहन मालिकों के लिए भी चेतावनी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन मालिक समय-समय पर अपने वाहनों के ऑनलाइन चालान रिकॉर्ड जरूर चेक करें। कई बार पुराने वाहन खरीदने-बेचने, नंबर प्लेट की नकल या दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण ऐसी शिकायतें सामने आती हैं। समय रहते जानकारी मिलने पर वाहन मालिक अनावश्यक कानूनी और आर्थिक परेशानी से बच सकते हैं।