{"_id":"6887c78951e5840b1302e144","slug":"due-to-non-receipt-of-noc-the-work-of-demolishing-the-old-building-in-bk-hospital-was-stopped-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-48072-2025-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: एनओसी नहीं मिलने के कारण बीके अस्पताल में पुराने भवन को तोड़ने का कार्य रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: एनओसी नहीं मिलने के कारण बीके अस्पताल में पुराने भवन को तोड़ने का कार्य रोका
विज्ञापन
मातृत्व शिशु स्वास्थ्य इकाई के निर्माण के लिए काटे जाने है 280 पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में बनने वाली एमसीएच (मातृत्व शिशु स्वास्थ्य) इकाई के निर्माण के लिए अस्पताल में पुराने भवन को तोड़ने का कार्य रोक दिया गया है। इकाई बनाने के लिए 280 पेड़ों को काटा जाना है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को वन विभाग से एनओसी नहीं मिली है। एनओसी मिलने के बाद पुराने भवन को तोड़ने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
एमसीएच इकाई का निर्माण लगभग एक दशक से अटका हुआ है। पहले वर्ष 2016 में 100 बेड की एमसीएच इकाई बनाई जानी थी लेकिन किन्हीं कारणों से कार्य शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने फाइल को निकलवाया और योजना को अपग्रेड करके 200 बेड के प्रस्ताव को मजूरी दिलाई। इस बीच डॉ. रणदीप सिंह पूनिया को स्वास्थ्य महानिदेशक बना दिया गया। उनके जाने के बाद कार्य रुक गया।
अभी दो महीने पहले मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मंजूरी दी। अब एमसीएच इकाई का निर्माण 161 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। अब पुराने भवन को तोड़ने में पेड़ बीच में आ रहे थे। वन विभाग की टीम ने अस्पताल परिसर का दौरा किया और 280 पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें काटने के लिए वन विभाग से एनओसी की मांग की है।
विज्ञापन
-- --
पीडब्ल्यूडी की टीम परिसर की पैमाइश कर चुकी है। 280 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से एनओसी मांगी है। एनओसी आते ही पुराने भवन को तोड़ने का कार्य तेजी से शुरू होगा। - डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में बनने वाली एमसीएच (मातृत्व शिशु स्वास्थ्य) इकाई के निर्माण के लिए अस्पताल में पुराने भवन को तोड़ने का कार्य रोक दिया गया है। इकाई बनाने के लिए 280 पेड़ों को काटा जाना है। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को वन विभाग से एनओसी नहीं मिली है। एनओसी मिलने के बाद पुराने भवन को तोड़ने का कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
एमसीएच इकाई का निर्माण लगभग एक दशक से अटका हुआ है। पहले वर्ष 2016 में 100 बेड की एमसीएच इकाई बनाई जानी थी लेकिन किन्हीं कारणों से कार्य शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने फाइल को निकलवाया और योजना को अपग्रेड करके 200 बेड के प्रस्ताव को मजूरी दिलाई। इस बीच डॉ. रणदीप सिंह पूनिया को स्वास्थ्य महानिदेशक बना दिया गया। उनके जाने के बाद कार्य रुक गया।
विज्ञापन
अभी दो महीने पहले मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक मंजूरी दी। अब एमसीएच इकाई का निर्माण 161 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। अब पुराने भवन को तोड़ने में पेड़ बीच में आ रहे थे। वन विभाग की टीम ने अस्पताल परिसर का दौरा किया और 280 पेड़ों को काटने के लिए चिन्हित किया। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें काटने के लिए वन विभाग से एनओसी की मांग की है।
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी की टीम परिसर की पैमाइश कर चुकी है। 280 पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से एनओसी मांगी है। एनओसी आते ही पुराने भवन को तोड़ने का कार्य तेजी से शुरू होगा। - डॉ. एमपी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी