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Faridabad News: अब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों की पर्ची पर लिखेंगे पढ़ने योग्य दवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में तैनात डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अब वे मरीजों की पर्ची पर दवा का नाम साफ और पढ़ने योग्य, बड़े अक्षरों में लिखेंगे। इससे मरीजों और केमिस्टों को दवा समझने में आसानी होगी और गलत दवा लेने का जोखिम कम होगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पहले ओपीडी स्लिप पर डॉक्टर अक्सर दवाओं के नाम छोटे या संक्षिप्त रूप में लिखते थे, जिसे फार्मासिस्ट और मरीज दोनों सही तरीके से नहीं समझ पाते थे। इससे दवा उपलब्ध नहीं होने या गलत दवा देने की समस्याएं सामने आती थीं।स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि मरीजों का यह अधिकार है कि वे जान सकें कि उन्हें कौन सी बीमारी है और किस दवा से उपचार हो रहा है। निर्देशों के अनुसार अब डॉक्टर पर्ची पर दवा और जांच साफ-सुथरे बड़े अक्षरों में लिखेंगे। यह नियम न केवल सरकारी बल्कि निजी चिकित्सकों पर भी लागू होगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि खराब लिखावट से होने वाली मेडिकल गलतियों को रोका जा सके और मरीजों के स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
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हथीन।
स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में तैनात डॉक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अब वे मरीजों की पर्ची पर दवा का नाम साफ और पढ़ने योग्य, बड़े अक्षरों में लिखेंगे। इससे मरीजों और केमिस्टों को दवा समझने में आसानी होगी और गलत दवा लेने का जोखिम कम होगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पहले ओपीडी स्लिप पर डॉक्टर अक्सर दवाओं के नाम छोटे या संक्षिप्त रूप में लिखते थे, जिसे फार्मासिस्ट और मरीज दोनों सही तरीके से नहीं समझ पाते थे। इससे दवा उपलब्ध नहीं होने या गलत दवा देने की समस्याएं सामने आती थीं।स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि मरीजों का यह अधिकार है कि वे जान सकें कि उन्हें कौन सी बीमारी है और किस दवा से उपचार हो रहा है। निर्देशों के अनुसार अब डॉक्टर पर्ची पर दवा और जांच साफ-सुथरे बड़े अक्षरों में लिखेंगे। यह नियम न केवल सरकारी बल्कि निजी चिकित्सकों पर भी लागू होगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि खराब लिखावट से होने वाली मेडिकल गलतियों को रोका जा सके और मरीजों के स्वास्थ्य का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।
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