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मत करो मेरे भविष्य से खिलवाड़, ऑनलाइन पढ़ना मेरा अधिकार
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फरीदाबाद। मत करो मेरे भविष्य से खिलवाड़, ऑनलाइन क्लासेज में पढ़ना है मेरा अधिकार... जैसे स्लोगन लिखकर बृहस्पतिवार को बच्चों और अभिभावकों ने सेक्टर-37 स्थित डीएवी स्कूल के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने फीस जमा न कराने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास बंद करने का विरोध किया। वहीं ऑफलाइन क्लास नहीं चलाने और ऑनलाइन क्लास में शामिल होने की मांग की गई। मौके पर एसीपी मौजीराम और एसएचओ अशोक कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए। उन्होंने अभिभावकों को समझा-बुझा कर शांत करवाया।
अभिभावकों के साथ पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा भी प्रदर्शन में शामिल हुए। अभिभावकों ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से लोगों के काम धंधे काफी प्रभावित हुए है। अनेकों लोगों की नौकरी भी चली गई। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की फीस भी जमा कराना मुश्किल है। ऐसे समय में जब कोरोना काल में फीस बढ़ा दी गई हो। करीब एक महीने में इस स्कूल के खिलाफ यह तीसरा प्रदर्शन है। स्कूल प्रबंधन फीस जमा कराने के लिए दबाव बना रहा है। काफी अभिभावक फीस जमा नहीं करा पाए हैं। इसके चलते प्रबंधन ने विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास बंद कर दी हैं और टेस्ट भी नहीं देने दिया। बिल्डिंग फंड के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्रित किए जा रहे हैं। अभिभावकों की मांग है कि उन्हें फीस जमा कराने के लिए कुछ दिनों का समय दिया जाए, ताकि वह इंतजाम कर सकें। आरोप है कि स्कूल प्राचार्य बात करती नहीं है, अगर करती हैं तो अभद्रता भी कर देती हें। वहीं इस मामले को लेकर प्राचार्य का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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अभिभावकों के साथ पूर्व विधायक टेकचंद शर्मा भी प्रदर्शन में शामिल हुए। अभिभावकों ने बताया कि कोरोना महामारी की वजह से लोगों के काम धंधे काफी प्रभावित हुए है। अनेकों लोगों की नौकरी भी चली गई। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। बच्चों की फीस भी जमा कराना मुश्किल है। ऐसे समय में जब कोरोना काल में फीस बढ़ा दी गई हो। करीब एक महीने में इस स्कूल के खिलाफ यह तीसरा प्रदर्शन है। स्कूल प्रबंधन फीस जमा कराने के लिए दबाव बना रहा है। काफी अभिभावक फीस जमा नहीं करा पाए हैं। इसके चलते प्रबंधन ने विद्यार्थियों की ऑनलाइन क्लास बंद कर दी हैं और टेस्ट भी नहीं देने दिया। बिल्डिंग फंड के नाम पर करोड़ों रुपये एकत्रित किए जा रहे हैं। अभिभावकों की मांग है कि उन्हें फीस जमा कराने के लिए कुछ दिनों का समय दिया जाए, ताकि वह इंतजाम कर सकें। आरोप है कि स्कूल प्राचार्य बात करती नहीं है, अगर करती हैं तो अभद्रता भी कर देती हें। वहीं इस मामले को लेकर प्राचार्य का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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