फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Doctor's Day: Doctors become support to patients who have given up hope of living.

डॉक्टर्स डे: जीने की उम्मीद छोड़ने वाले मरीजों का सहारा बने डॉक्टर

Sun, 30 Jun 2024 10:27 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2024 10:27 PM IST
विज्ञापन
Doctor's Day: Doctors become support to patients who have given up hope of living.
रक्तदान मुहिम, अंगदान कराकर, मुफ्त ओपीडी व दवाएं देकर लोगों की मदद कर रहे डॉक्टर
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मेडिकल प्रोफेशन का धर्म वैसे तो लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इससे इतर, कुछ ऐसे भी डॉक्टर हैं जो अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यस्त होने के बाद भी अलग से गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में लगे हैं। जब मरीज जीने की उम्मीद छोड़ देता है तब डॉक्टर ही उनका सहारा बनते हैं। डॉक्टर रक्तदान मुहिम, अंगदान कराकर, मुफ्त ओपीडी देकर, मुफ्त दवाएं देकर लोगों की मदद करते हैं। डॉक्टरों के इन्हीं कार्यों की वजह से लोग इनको याद रखते हैं।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 2 वर्षों से कार्यरत सर्जन डॉ. हेमंत अत्री कई वर्षों से गरीब मरीजों की सेवा करते आ रहे हैं। उन्होंने 2007 से अभी तक 60 से ज्यादा बार रक्तदान शिविरों का आयोजन किया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ने पर उन्होंने खुद भी रक्त देकर उनकी सहायता की है। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान कराकर कई मरीजों की जान बचाई है। कोविड के समय में उन्होंने करीब 250 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगाए थे। इस कार्य के लिए उन्होंने किसी भी संस्था से कोई भी दान और किसी भी मरीज से कोई शुल्क नहीं लिया। 2007 में गुजरात में एक गर्भवती महिला को खून की कमी के कारण अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा था। इसी दौरान उन्होंने पहला रक्तदान भी किया और वहीं से इस कार्य की शुरुआत की। अभी भी वह अस्पताल और घर से लोगों की सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन

एनआईटी-5 निवासी नाक-कान रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित हसीजा ने बताया कि वह हर मंगलवार सुबह को एनआईटी-3 में सुधांशु जी के मंदिर में स्थित क्लीनिक में लोगों का फ्री में इलाज करते हैं। वह पिछले 20 वर्षों से लोगों का इलाज करते आ रहे हैं। इसमें वह मुफ्त में ओपीडी आयोजित कर लोगों का उपचार करते हैं। साथ ही फ्री में दवाई भी देते हैं। इलाज कराने आए मरीज से फीस भी नहीं ली जाती है। वह महीने में जगह-जगह मुफ्त चिकित्सकीय जांच के लिए कैंप लगाते हैं। मरीजों का ऑपरेशन कम खर्चे पर किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed