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Faridabad News: ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो इलाज में न करें देरी
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डॉक्टर ने छात्राओं को बीई फास्ट तरीके से लक्षण पहचानने की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ब्रेन स्ट्रोक में समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है। यह बात एकॉर्ड अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग की डॉ. मेघा शारदा ने ओल्ड फरीदाबाद स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को बताई।
उन्होंने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण पहचानने के लिए बीई फास्ट तरीका अपनाया जा सकता है। इसमें संतुलन बिगड़ना, अचानक चक्कर आना, आंखों से धुंधला या दोहरा दिखना, चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ में कमजोरी या सुन्नपन और बोलने में परेशानी शामिल हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। लक्षण कुछ देर बाद ठीक हो जाएं, तब भी अस्पताल जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. मेघा शारदा ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता यानी हाइजीन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता से जुड़ी अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देना और उन्हें बीमारियों के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजुला ने डॉ. मेघा शारदा का आभार व्यक्त किया।
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फरीदाबाद। ब्रेन स्ट्रोक में समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर हो सकता है। यह बात एकॉर्ड अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग की डॉ. मेघा शारदा ने ओल्ड फरीदाबाद स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को बताई।
उन्होंने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण पहचानने के लिए बीई फास्ट तरीका अपनाया जा सकता है। इसमें संतुलन बिगड़ना, अचानक चक्कर आना, आंखों से धुंधला या दोहरा दिखना, चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ में कमजोरी या सुन्नपन और बोलने में परेशानी शामिल हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। लक्षण कुछ देर बाद ठीक हो जाएं, तब भी अस्पताल जाने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
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डॉ. मेघा शारदा ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता यानी हाइजीन के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता से जुड़ी अच्छी आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देना और उन्हें बीमारियों के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या मंजुला ने डॉ. मेघा शारदा का आभार व्यक्त किया।
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