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Faridabad News: सूरजकुंड मेले से पहले डिवाइडर और ग्रीन बेल्ट को बनाया जाएगा हरा भरा
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फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने तैयार की योजना, अगले महीने होगा काम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने सूरजकुंड मेले से पहले अनखीर चौक से सूरजकुंड चौक और प्याली चौक से इचर चौक तक बने डिवाइडर और ग्रीन बेल्ट को हरा भरा बनाने की योजना तैयार कर ली है। मेले में आने वाले विदेशी पर्यटकों के सामने स्मार्ट सिटी की सुंदर तस्वीर दिखाई जा सके इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। अगले माह से योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसे दो माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार शहर में 337 एकड़ ग्रीनबेल्ट है और ज्यादातर ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण हो रहा है। ऐसे में एक बार फिर एफएमडीए ने ग्रीनबेल्ट को विकसित करने की कवायद शुरू की है।
अनखीर चौक से सूरजकुंड रोड करीब 7.7 किमी लंबी है। जबकि प्याली चौक से इचर चौक 650 मीटर लंबी है। इस रोड को नए सिरे से फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने बनाया है, लेकिन डिवाइडर (सेंट्रल वर्ज) को विकसित करने का काम बाकी रह गया था। इसे लेकर अब एफएमडीए ने डिवाइडर को हरा भरा करने की तैयारी की है। इसके लिए पहले डिवाइडर की सफाई कराई जाएगी। इसके बाद झाड़ीनुमा और खुशबूदार करीब 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर सुंदर फुटपाथ बनाए जाएंगे।
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ग्रीनबेल्ट पर लोगों ने कर रखा है कब्जा
शहर में ग्रीनबेल्ट की स्थिति खराब है। नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आने वाली ग्रीनबेल्ट में अतिक्रमण व अवैध कब्जे ज्यादा हैं। अफसरों की मानें तो इसे हटाने के लिए नगर निगम प्रयास कर रहा है, लेकिन उसमें पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पा रही है। सबसे पहले ग्रीनरी के मामले में एनआईटी फरीदाबाद की बात करें तो यहां ग्रीन बेल्ट का एरिया 113 एकड़ का है। सड़क किनारे चौड़ी ग्रीनबेल्ट की संख्या एनआईटी इलाके में ज्यादा है। इन ग्रीनबेल्ट पर अतिक्रमण ज्यादा है। नीलम बाटा रोड पर सड़क के दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट दिखाई ही नहीं देती है। नीलम रेलवे रोड पर ग्रीनबेल्ट के लिए जगह तो है, लेकिन वह विकसित नहीं किया गया है। एनआईटी के पार्कों की स्थिति ग्रीनबेल्ट की तुलना में अच्छी है। यहां पार्कों की देखरेख लोग खुद करते हैं। इसी तरफ ओल्ड फरीदाबाद की बात की जाए तो यहां पर 224 एकड़ ग्रीन एरिया है। ग्रीन बेल्ट की जगह पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है, इसे हटाने के लिए नगर निगम प्रयास नहीं करता।
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वर्जन
अनखीर-सूरजकुंड रोड के डिवाइडर को हरा भरा बनाने की तैयारी है। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। इसके अलावा शहर के अन्य मास्टर रोड के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। ग्रीनबेल्ट को जल्द ही विकसित किया जाएगा।
-देवेंद्र कुमार, प्रबंधक, मेट्रोपॉलिटियन ग्रीन, एफएमडीए
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने सूरजकुंड मेले से पहले अनखीर चौक से सूरजकुंड चौक और प्याली चौक से इचर चौक तक बने डिवाइडर और ग्रीन बेल्ट को हरा भरा बनाने की योजना तैयार कर ली है। मेले में आने वाले विदेशी पर्यटकों के सामने स्मार्ट सिटी की सुंदर तस्वीर दिखाई जा सके इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। अगले माह से योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसे दो माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार शहर में 337 एकड़ ग्रीनबेल्ट है और ज्यादातर ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण हो रहा है। ऐसे में एक बार फिर एफएमडीए ने ग्रीनबेल्ट को विकसित करने की कवायद शुरू की है।
अनखीर चौक से सूरजकुंड रोड करीब 7.7 किमी लंबी है। जबकि प्याली चौक से इचर चौक 650 मीटर लंबी है। इस रोड को नए सिरे से फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण ने बनाया है, लेकिन डिवाइडर (सेंट्रल वर्ज) को विकसित करने का काम बाकी रह गया था। इसे लेकर अब एफएमडीए ने डिवाइडर को हरा भरा करने की तैयारी की है। इसके लिए पहले डिवाइडर की सफाई कराई जाएगी। इसके बाद झाड़ीनुमा और खुशबूदार करीब 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही सड़क के दोनों ओर सुंदर फुटपाथ बनाए जाएंगे।
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ग्रीनबेल्ट पर लोगों ने कर रखा है कब्जा
शहर में ग्रीनबेल्ट की स्थिति खराब है। नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आने वाली ग्रीनबेल्ट में अतिक्रमण व अवैध कब्जे ज्यादा हैं। अफसरों की मानें तो इसे हटाने के लिए नगर निगम प्रयास कर रहा है, लेकिन उसमें पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल पा रही है। सबसे पहले ग्रीनरी के मामले में एनआईटी फरीदाबाद की बात करें तो यहां ग्रीन बेल्ट का एरिया 113 एकड़ का है। सड़क किनारे चौड़ी ग्रीनबेल्ट की संख्या एनआईटी इलाके में ज्यादा है। इन ग्रीनबेल्ट पर अतिक्रमण ज्यादा है। नीलम बाटा रोड पर सड़क के दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट दिखाई ही नहीं देती है। नीलम रेलवे रोड पर ग्रीनबेल्ट के लिए जगह तो है, लेकिन वह विकसित नहीं किया गया है। एनआईटी के पार्कों की स्थिति ग्रीनबेल्ट की तुलना में अच्छी है। यहां पार्कों की देखरेख लोग खुद करते हैं। इसी तरफ ओल्ड फरीदाबाद की बात की जाए तो यहां पर 224 एकड़ ग्रीन एरिया है। ग्रीन बेल्ट की जगह पर लोगों ने कब्जा किया हुआ है, इसे हटाने के लिए नगर निगम प्रयास नहीं करता।
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अनखीर-सूरजकुंड रोड के डिवाइडर को हरा भरा बनाने की तैयारी है। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। इसके अलावा शहर के अन्य मास्टर रोड के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। ग्रीनबेल्ट को जल्द ही विकसित किया जाएगा।
-देवेंद्र कुमार, प्रबंधक, मेट्रोपॉलिटियन ग्रीन, एफएमडीए