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Faridabad News: जिला नागरिक अस्पताल बना रेफरल केंद्र
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बिना मरीज देखे किया दिल्ली रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ एयरफोर्स रोड निवासी जितेंद्र की छह माह की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। जितेंद्र पृथला स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और उनके पास ईएसआई कार्ड है।
बच्ची की हालत खराब होने पर वह उसे लेकर एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। जितेंद्र ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें जानकारी दी गई कि बच्ची का नाम ईएसआई रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इसके बाद वह बच्ची को एंबुलेंस के जरिए दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। उनका आरोप है कि बच्ची को देखने के लिए कोई विशेषज्ञ चिकित्सक बाहर तक नहीं आया और केवल रिपोर्ट कार्ड देखने के बाद उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस दौरान बच्ची की मां अस्पताल परिसर में रोती रही, जबकि पिता लगातार इलाज के लिए प्रयास करते रहे। करीब आधे घंटे तक कोई संतोषजनक व्यवस्था नहीं होने पर जितेंद्र ने दूसरी एंबुलेंस बुलाई और बच्ची को दिल्ली लेकर गए। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्था पर असंतोष जताया। वहीं, इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ एयरफोर्स रोड निवासी जितेंद्र की छह माह की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। जितेंद्र पृथला स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और उनके पास ईएसआई कार्ड है।
बच्ची की हालत खराब होने पर वह उसे लेकर एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे। जितेंद्र ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर उन्हें जानकारी दी गई कि बच्ची का नाम ईएसआई रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इसके बाद वह बच्ची को एंबुलेंस के जरिए दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। उनका आरोप है कि बच्ची को देखने के लिए कोई विशेषज्ञ चिकित्सक बाहर तक नहीं आया और केवल रिपोर्ट कार्ड देखने के बाद उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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इस दौरान बच्ची की मां अस्पताल परिसर में रोती रही, जबकि पिता लगातार इलाज के लिए प्रयास करते रहे। करीब आधे घंटे तक कोई संतोषजनक व्यवस्था नहीं होने पर जितेंद्र ने दूसरी एंबुलेंस बुलाई और बच्ची को दिल्ली लेकर गए। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्था पर असंतोष जताया। वहीं, इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
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