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Faridabad News: एजेंसी की गाड़ियों से दूरी, निगम के अपने वाहन बढ़ेंगे
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चार नई गाड़ियां बेड़े में शामिल, 10 की जाएगी संख्या
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम मुख्यालय में बुधवार को चार नई गाड़ियों को आधिकारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया। ये वाहन अधिकारियों के आवागमन और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल किए जाएंगे।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के अनुसार सरकार के तय मानकों के तहत निगम की करीब 10 पुरानी गाड़ियां कंडम घोषित हो चुकी थीं। इन्हीं के विकल्प के तौर पर नई गाड़ियों की खरीद की गई है। फिलहाल चार वाहन निगम को मिल चुके हैं, जबकि शेष छह गाड़ियां भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगी। निगम प्रशासन ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि अब एजेंसी के माध्यम से ली जाने वाली गाड़ियों पर निर्भरता धीरे-धीरे खत्म की जाएगी। इसके लिए नियमों में बदलाव किया गया है और भविष्य में निगम अपने स्वयं के वाहन ही खरीदेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल निगम को आर्थिक लाभ होगा बल्कि वाहनों के उपयोग और संचालन में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
दरअसल कुछ दिन पहले एक अतिरिक्त निगम आयुक्त को उपलब्ध कराई गई एजेंसी की गाड़ी के आपराधिक गतिविधि में शामिल होने के आरोप सामने आए थे। इस घटना के बाद निगम स्तर पर एजेंसी के वाहनों की व्यवस्था पर सवाल उठे और पूरे सिस्टम की समीक्षा की गई। इसी पृष्ठभूमि में अब अपने वाहनों का बेड़ा मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निगम मुख्यालय में बुधवार को चार नई गाड़ियों को आधिकारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया। ये वाहन अधिकारियों के आवागमन और रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों में इस्तेमाल किए जाएंगे।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के अनुसार सरकार के तय मानकों के तहत निगम की करीब 10 पुरानी गाड़ियां कंडम घोषित हो चुकी थीं। इन्हीं के विकल्प के तौर पर नई गाड़ियों की खरीद की गई है। फिलहाल चार वाहन निगम को मिल चुके हैं, जबकि शेष छह गाड़ियां भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगी। निगम प्रशासन ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि अब एजेंसी के माध्यम से ली जाने वाली गाड़ियों पर निर्भरता धीरे-धीरे खत्म की जाएगी। इसके लिए नियमों में बदलाव किया गया है और भविष्य में निगम अपने स्वयं के वाहन ही खरीदेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल निगम को आर्थिक लाभ होगा बल्कि वाहनों के उपयोग और संचालन में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
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दरअसल कुछ दिन पहले एक अतिरिक्त निगम आयुक्त को उपलब्ध कराई गई एजेंसी की गाड़ी के आपराधिक गतिविधि में शामिल होने के आरोप सामने आए थे। इस घटना के बाद निगम स्तर पर एजेंसी के वाहनों की व्यवस्था पर सवाल उठे और पूरे सिस्टम की समीक्षा की गई। इसी पृष्ठभूमि में अब अपने वाहनों का बेड़ा मजबूत करने का फैसला लिया गया है।
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