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Faridabad News: हर प्रमुख रास्ते और चौराहे पर दिखेंगे दिशा-सूचक बोर्ड, गूगल मैप पर निर्भरता घटेगी
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चंडीगढ़-पंचकूला की तर्ज पर लगेंगे, रास्ता पूछने का झंझट होगा खत्म
25 करोड़ रुपये योजना पर खर्च होंगे
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। शहर में चंडीगढ़-पंचकूला की तर्ज पर आधुनिक दिशा सूचक बोर्ड लगेंगे, ताकि लोग गूगल मैप का सहारा लिए बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। इसके अलावा सड़कों पर रफ्तार या ब्रेकर की सूचना देने वाले साइन बोर्ड (सूचना पट्ट) भी लगाए जाएंगे। मौजूदा समय में शहर के अधिकांश हिस्सों में साइन बोर्ड का अभाव है। इस वजह से लोग शहर में भटक जाते हैं। गूगल मैप का सहारा लेने के बावजूद लोग रास्ता पूछते नजर आते हैं।
इस योजना पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर स्थानीय शहरी निकाय विभाग के मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजा है। योजना को स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना के लागू होने के बाद लोगों को गूगल मैप पर निर्भरता कम होगी और शहर में आवागमन अधिक आसान बन सकेगा।
वर्तमान में फरीदाबाद में दिशा बताने वाले साइन बोर्डों का भारी अभाव है। शहर के कई प्रमुख चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड नहीं होने के कारण बाहरी लोगों के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी अक्सर रास्ता भटक जाते हैं। स्थिति यह है कि गूगल मैप का उपयोग करने के बावजूद लोगों को कई बार रास्ते और चौक के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी लेनी पड़ती है।
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ग्रेटर फरीदाबाद में समस्या ज्यादा गंभीर
साइन बोर्ड न होने से ग्रेटर फरीदाबाद में आवाजाही करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में नई आवासीय सोसाइटियां, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन चुके हैं, लेकिन वहां दिशा-सूचक बोर्ड लगभग न के बराबर हैं। ऐसे में नए क्षेत्र में पहुंचने वाले लोगों को कई बार एक ही जगह के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी डॉ. राजेश छात्रा बताते हैं कि बिना साइन बोर्ड के किसी सेक्टर, सोसाइटी या प्रमुख स्थल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यहां साइन बोर्ड लगाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। नगर निगम की प्रस्तावित योजना के तहत प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। ग्रेटर फरीदाबाद से गुरुग्राम जाने वाले वाहन चालक भी साइन बोर्ड के अभाव में भटक जाते हैं।
शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगेंगे सूचना सूचक बोर्ड
शहर के विभिन्न सेक्टरों, कॉलोनियों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सूचना देने वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों पर गति सीमा, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा संबंधी सूचनाएं देने वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि साइन बोर्ड व्यवस्था किसी भी आधुनिक शहर की पहचान होती है। इससे न केवल लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है, बल्कि यातायात प्रबंधन भी बेहतर होता है और दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना रहती है। चंडीगढ़ और पंचकूला जैसे शहरों में व्यवस्थित साइन बोर्ड व्यवस्था के कारण लोगों को किसी भी स्थान तक पहुंचने में आसानी होती है।
योजना का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत कार्ययोजना बनाकर टेंडर जारी करवाया जाएगा।
- प्रवीण बत्रा जोशी, मेयर
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25 करोड़ रुपये योजना पर खर्च होंगे
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। शहर में चंडीगढ़-पंचकूला की तर्ज पर आधुनिक दिशा सूचक बोर्ड लगेंगे, ताकि लोग गूगल मैप का सहारा लिए बिना अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। इसके अलावा सड़कों पर रफ्तार या ब्रेकर की सूचना देने वाले साइन बोर्ड (सूचना पट्ट) भी लगाए जाएंगे। मौजूदा समय में शहर के अधिकांश हिस्सों में साइन बोर्ड का अभाव है। इस वजह से लोग शहर में भटक जाते हैं। गूगल मैप का सहारा लेने के बावजूद लोग रास्ता पूछते नजर आते हैं।
इस योजना पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर स्थानीय शहरी निकाय विभाग के मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजा है। योजना को स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस परियोजना के लागू होने के बाद लोगों को गूगल मैप पर निर्भरता कम होगी और शहर में आवागमन अधिक आसान बन सकेगा।
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वर्तमान में फरीदाबाद में दिशा बताने वाले साइन बोर्डों का भारी अभाव है। शहर के कई प्रमुख चौराहों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त संकेतक बोर्ड नहीं होने के कारण बाहरी लोगों के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी अक्सर रास्ता भटक जाते हैं। स्थिति यह है कि गूगल मैप का उपयोग करने के बावजूद लोगों को कई बार रास्ते और चौक के बारे में स्थानीय लोगों से जानकारी लेनी पड़ती है।
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ग्रेटर फरीदाबाद में समस्या ज्यादा गंभीर
साइन बोर्ड न होने से ग्रेटर फरीदाबाद में आवाजाही करने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में नई आवासीय सोसाइटियां, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन चुके हैं, लेकिन वहां दिशा-सूचक बोर्ड लगभग न के बराबर हैं। ऐसे में नए क्षेत्र में पहुंचने वाले लोगों को कई बार एक ही जगह के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी डॉ. राजेश छात्रा बताते हैं कि बिना साइन बोर्ड के किसी सेक्टर, सोसाइटी या प्रमुख स्थल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यहां साइन बोर्ड लगाने की सबसे ज्यादा जरूरत है। नगर निगम की प्रस्तावित योजना के तहत प्रमुख सड़कों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। ग्रेटर फरीदाबाद से गुरुग्राम जाने वाले वाहन चालक भी साइन बोर्ड के अभाव में भटक जाते हैं।
शहर के अंदरूनी हिस्सों में लगेंगे सूचना सूचक बोर्ड
शहर के विभिन्न सेक्टरों, कॉलोनियों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सूचना देने वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों पर गति सीमा, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा संबंधी सूचनाएं देने वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि साइन बोर्ड व्यवस्था किसी भी आधुनिक शहर की पहचान होती है। इससे न केवल लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है, बल्कि यातायात प्रबंधन भी बेहतर होता है और दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना रहती है। चंडीगढ़ और पंचकूला जैसे शहरों में व्यवस्थित साइन बोर्ड व्यवस्था के कारण लोगों को किसी भी स्थान तक पहुंचने में आसानी होती है।
योजना का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। विभागीय मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत कार्ययोजना बनाकर टेंडर जारी करवाया जाएगा।
- प्रवीण बत्रा जोशी, मेयर