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Faridabad News: तोड़फोड़ के बाद बढ़ी मुश्किलें, प्रभावितों ने मांगा मुआवजा

Sun, 07 Jun 2026 11:37 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:37 PM IST
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Difficulties increased after the demolition, affected people demanded compensation
संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद कई परिवारों के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके मकान टूटने के बाद वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और परिवार के साथ सड़क किनारे रात गुजार रहे हैं। उनका कहना है कि दैनिक मजदूरी और सीमित आय में किराए का मकान लेना भी आसान नहीं है।

स्थानीय निवासियों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजा तथा पुनर्वास की मांग की है। उनका कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के की गई कार्रवाई से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का मौसम नजदीक होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है। रविवार को आयोजित पंचायत में प्रभावित परिवारों ने एक स्वर में सरकार से मुआवजे की मांग करने का फैसला लिया। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर अनशन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे रहना पहले ही मुश्किल है और बरसात के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं।
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हमारा घर टूट गया है। अब परिवार के साथ संबंधी के यहां रहने को मजबूर हूं। कमाई से ज्यादा किराया कैसे चुकाएं। सरकार हमें मुआवजा दे और रहने की व्यवस्था करे। -राजमती
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वर्षों की मेहनत से बनाया आशियाना उजड़ गया। गांव की पैतृक संपत्ति बेचकर यहां संवारा था, यह भी तोड़ दिया गया। अब बच्चों के साथ खुले में रहना पड़ रहा है। प्रशासन हमारी मदद करे।-सुषमा



घर टूटने के बाद परिवार के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। संविधान से चलने वाले देश में अचानक की गई कार्रवाई सोचने पर मजबूर कर रही है। सरकार प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और पुनर्वास दे।-रमेश



हम बेघर हो गए हैं। यही मकान और दुकान दोनों था। दोनों को तोड़ दिया गया। रहना तो मुश्किल नहीं पेट भरना भी मुश्किल हो गया है। सरकार हमारी स्थिति को समझे और सहायता दे।-मोतीलाल



मकान टूटने से परिवार सड़क पर आ गया है। रहने और खाने की समस्या बढ़ गई है। जल्द ही बारिश शुरू हो जाएगी। सड़क पर भी गुजारा मुश्किल होने वाला है। सरकार की तरफ से कोई सहायता नहीं मिल रही है।-रिजवान



वोट लेने के समय नेता चिल्ला कर दावे से कर रहे थे कि इस बस्ती पर हमारे जीते जी कभी आंच नहीं आएगी। आज कोई नजर नहीं आ रहा है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई से लोग परेशान हैं।-त्रिभुवन
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